Punjab Bandh: कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रदर्शन, Chandigarh बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी

Punjab Bandh: कौमी इंसाफ मोर्चा का प्रदर्शन, Chandigarh बॉर्डर पर सुरक्षा कड़ी

‘बंदी सिंहों’ (सिख कैदियों) की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा के ‘पंजाब बंद’ के आह्वान के मद्देनजर राज्य में कुछ स्थानों पर शुक्रवार सुबह दुकानें एवं बाजार बंद रहे और चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई। बंद का आह्वान सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक के लिए किया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अमृतसर, लुधियाना और जालंधर समेत राज्य में कई स्थानों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर लगाए गए अवरोधकों के पास चंडीगढ़ पुलिस के कर्मियों के अलावा त्वरित कार्रवाई बल (आरएएफ) के जवानों को भी तैनात किया गया है। कौमी इंसाफ मोर्चा के समर्थकों ने मोहाली और पटियाला समेत कई स्थानों पर अपने वाहन खड़े करके रास्ते अवरुद्ध कर दिए जिससे यात्रियों को असुविधा हुई। संगरूर और मोहाली समेत कई स्थानों पर दुकानें बंद रहीं।

हालांकि, दवा की दुकानें खुली रहीं। निजी विद्यालयों के एक महासंघ ने बंद के आह्वान के मद्देनजर शुक्रवार को विद्यालयों में छुट्टी की घोषणा पहले ही कर दी थी जबकि पंजाब विश्वविद्यालय ने दिन में होने वाली परीक्षाओं का कार्यक्रम बदल दिया है। संगठन के नेताओं ने बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारियों, दुकानदारों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, परिवहन संचालकों और शैक्षणिक संस्थानों समेत समाज के सभी वर्गों से समर्थन देने का अनुरोध किया गया है।

हालांकि, संगठन के नेताओं ने कहा कि चिकित्सकीय आपात स्थिति, हवाई अड्डे की यात्रा, परीक्षाओं और विवाह समारोहों जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से छूट दी गई है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी), शिरोमणि अकाली दल (पुनर सुरजीत जनरल) और शिरोमणि अकाली दल वारिस पंजाब दे समेत कई संगठनों ने बंद के आह्वान का समर्थन किया है। भारती किसान यूनियन (राजेवाल) जैसे किसान संगठनों ने भी बंद का समर्थन किया है, किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने लोगों से इसे सफल बनाने की अपील की है।

कौमी इंसाफ मोर्चा 1995 में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा के लिए पैरोल की मांग कर रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर हवारा को उसकी बीमार मां से मिलने के लिए 10 दिन की पैरोल दिए जाने का समर्थन कर चुके हैं। कौमी इंसाफ मोर्चा हवारा के अलावा बलवंत सिंह राजोआना और देविंदरपाल सिंह भुल्लर समेत अन्य ‘बंदी सिंहों’ की रिहाई की मांग कर रहा है।

राजोआना 1995 में बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी है, जबकि भुल्लर दिल्ली में 1993 में हुए बम विस्फोट के मामले में सजा काट रहा है। कौमी इंसाफ मोर्चा सिख कैदियों की रिहाई की मांग को लेकर अपने अभियान के तहत सात जनवरी 2023 से चंडीगढ़ के सेक्टर 52-53 और उससे सटे मोहाली के वाईपीएस चौक पर धरना दे रहा है।

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