चंदौली जिले में सपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार शाम को जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से उनके कैंप कार्यालय में मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने नौगढ़ के भरदुआ गांव में बुधवार को आदिवासियों और वनवासियों पर पुलिस की कथित ज्यादती को लेकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के इशारे पर पुलिस प्रशासन एक बार फिर नौगढ़ के जंगल क्षेत्र में नक्सलवाद को बढ़ावा देना चाहता है। सपा नेताओं ने बताया कि इससे पहले जंगल में रहने वाले लोग शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे थे। उन्होंने पुलिस पर वनवासियों के साथ अभद्रता करने और महिलाओं के साथ मारपीट करने का आरोप लगाया, जिसे अस्वीकार्य बताया। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि भरदुआ गांव से पुलिस को तुरंत हटाया जाए और जिला प्रशासन द्वारा पीड़ितों को राहत प्रदान की जाए। चंदौली से सपा के लोकसभा सांसद वीरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि नौगढ़ के भरदुआ में बुधवार की घटना भाजपा के लोगों के इशारे पर हुई। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से बसे परिवारों को उजाड़कर दूसरे लोगों को बसाने की मंशा सामने आई है। सांसद सिंह ने याद दिलाया कि नौगढ़ का जंगल इलाका कभी नक्सलवाद से जूझता था, लेकिन मुलायम सिंह यादव ने वनवासियों को मुख्य धारा से जोड़ा था, जिससे क्षेत्र में शांति स्थापित हुई थी। उन्होंने भाजपा पर पुरानी समस्याओं को फिर से उभारने का प्रयास करने का आरोप लगाया। रावर्ट्सगंज से सपा सांसद छोटेलाल खरवार ने बताया कि उन्होंने नौगढ़ के उन परिवारों से मिलकर उनका दर्द सुना है। पीड़ितों ने उन्हें बताया कि पुलिस निजी लोगों के साथ उनके गांव आई थी और जमकर मारपीट की। जब लोगों ने बचाव में विरोध किया, तो पुलिस ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया। सपा विधायक प्रभुनारायण सिंह यादव ने कहा कि भाजपा के लोगों के इशारे पर नौगढ़ के लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया।

