कानपुर के परमट स्थित प्रसिद्ध बाबा आनंदेश्वर (परमट) मंदिर में गुरुवार शाम महादेव का अत्यंत भव्य और दिव्य श्रृंगार किया गया। शाम 4 बजे जब भगवान भोलेनाथ का अलौकिक रूप सामने आया, तो पूरा गर्भगृह ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। शिवलिंग को विशेष पुष्पों, पीतांबर वस्त्रों और कमल की कलियों से बेहद खूबसूरत ढंग से सजाया गया था। पीले गेंदे और नीले अपराजिता से हुआ दिव्य आवरण महादेव के इस विशेष श्रृंगार में रंग-बिरंगे फूलों का शानदार इस्तेमाल किया गया। शिवलिंग को पीले गेंदे के फूलों और गहरे नीले-बैंगनी रंग की अपराजिता की लड़ियों से लपेटा गया था। शिवलिंग के शीर्ष पर पीले और नारंगी फूलों का एक भव्य मुकुट तैयार किया गया, जिसके ऊपर हरी पत्तियों का गुच्छा और नीचे की ओर लटकती हुई कमल की कलियां बेहद मनमोहक लग रही थीं। अलौकिक दर्शन के लिए बाबा को पीला और नारंगी रंग का पीतांबर वस्त्र पहनाया गया। जलाधारी (वेदी) के चारों कोनों पर छोटे कलश सजाए गए थे। जलाधारी के ऊपर टंगे चांदी के पात्र से सफेद मोगरे और चमेली की लड़ियों के साथ कमल की कलियों का एक सुंदर झूमर बनाया गया था, जिससे लगातार एक दिव्य आभा छनकर आ रही थी। जलाधारी पर सजी फूलों की रंगोली और ‘राम-राम’ लिखे बेलपत्र शिवलिंग का आधार यानी जलाधारी को फूलों की सुंदर गोल चक्राकार रंगोली से सजाया गया था। इसमें लाल, गुलाबी, नीले और पीले गेंदे के साथ-साथ बड़े-बड़े कमल के फूल रखे गए थे। महादेव को प्रसन्न करने के लिए फलों का भोग लगाया गया और विशेष रूप से ‘राम-राम’ लिखे हुए बेलपत्र अर्पित किए गए। बाबा के दरबार को अलौकिक रूप देने के लिए पीछे की पूरी दीवार को सफेद फूलों की झूमरनुमा लड़ियों से पूरी तरह से ढक दिया गया था। पूरे गर्भगृह की सजावट और मोगरे-चमेली की महक ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शाम की आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे भक्तों ने बाबा आनंदेश्वर के इस दिव्य रूप के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।

