China South Korea Relations: चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव कम करने के लिए अमेरिका से उत्तर कोरिया के प्रति अपनी “दुश्मनी वाली” नीति छोड़ने की बात कही है। उन्होंने दक्षिण कोरिया से कहा कि वह बीजिंग और वॉशिंगटन में से किसी एक का पक्ष न ले। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, वांग ने गुरुवार को सियोल में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार वी सुंग-लैक के साथ बैठक में ये बातें कहीं। इस दौरान उन्होंने दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग से भी मुलाकात की।
दक्षिण कोरिया को गुटों से बचने की सलाह
शिन्हुआ ने वांग के हवाले से कहा कि चीन को उम्मीद है कि दक्षिण कोरिया गुटों के टकराव और किसी एक पक्ष का समर्थन करने से बचेगा तथा चीन और अमेरिका जैसी प्रमुख शक्तियों के साथ बिना किसी विरोधाभास के समानांतर संबंध विकसित करेगा।
ली के साथ अलग बातचीत में वांग ने सियोल से चीन के प्रति दोस्ताना नीति अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस साल दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंध पूरी तरह से बहाल हुए हैं। उन्होंने कहा, “चीन के प्रति एक तर्कसंगत, व्यावहारिक और सकारात्मक नीति पूरी तरह से दक्षिण कोरिया के हितों और समय की मांग के अनुरूप है। चीन का तर्क है कि प्रायद्वीप में मूल समस्या का समाधान संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा प्योंगयांग के खिलाफ अपनी पुरानी और आक्रामक नीतियों को त्यागने से ही संभव है। वहीं दक्षिण कोरिया की सुरक्षा अमेरिकी सैन्य गठबंधन पर निर्भर है, जबकि चीन उसका सबसे बड़ा आर्थिक साझीदार है, जिसके चलते क्षेत्र में लगातार संतुलन साधने का प्रयास हो रहा है।
साल के अंत तक ट्रंप की किम जोंग-उन से मुलाकात
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी योजना इस साल के अंत तक उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन से मुलाकात करने की है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया के पास 57 बहुत शक्तिशाली परमाणु हथियार हैं। ट्रंप ने पेंटागन के अधिकारियों को दक्षिण कोरिया के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास कम करने का भी आदेश दिया था। इसका कारण उन्होंने किम जोंग-उन के साथ अपने “बहुत अच्छे रिश्ते” को बताया था। अमेरिका चाहता है कि उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार खत्म करे।

