औरंगाबाद जिले में नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की ओर से लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बुधवार को पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने मदनपुर प्रखंड के आजन थानान्तर्गत लांगुराही जंगल और पहाड़ी इलाकों में अभियान शुरू किया। थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि पुलिस को औरंगाबाद और गयाजी जिले के सीमावर्ती इलाके में स्थित लंगूराही जंगल में नक्सलियों के आहट की खुफिया इनपुट मिली थी। सूचना के आधार पर औरंगाबाद पुलिस एवं सीआरपीएफ की संयुक्त टीम जंगल-पहाड़ी क्षेत्र के लिए रवाना हुई। टीम ने इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षाबलों को जंगल में संदिग्ध सामान छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली। इसके बाद जवानों ने आसपास के इलाके की बारीकी से जांच शुरू की। तलाशी के दौरान टीम को लांगुराही जंगल के पहाड़ी क्षेत्र से एक देसी निर्मित हथियार बरामद हुआ। हथियार के साथ पांच जिंदा कारतूस भी मिले। बरामदगी के बाद सुरक्षाबलों ने हथियार और कारतूस को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार और कारतूस जंगल में किस उद्देश्य से छिपाकर रखे गए थे तथा इसका संबंध किसी नक्सली गतिविधि से है या नहीं। हथियार बरामदगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज, जांच जारी लांगुराही जंगल से हथियार और कारतूस बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आजन थाना कांड संख्या 323/26 के तहत सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बरामद सामान में एक देसी निर्मित हथियार यानी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस शामिल हैं। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान बरामद हथियार और कारतूस के स्रोत का पता लगाने के साथ-साथ यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि इन्हें जंगल में किसने छिपाया था।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नक्सल गतिविधियों की रोकथाम के लिए जिले के संवेदनशील जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षाबलों की टीम संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है और सूचना के आधार पर आगे भी तलाशी अभियान जारी रहेगा। मामले में अग्रतर विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है। औरंगाबाद जिले में नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की ओर से लगातार नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत बुधवार को पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर संयुक्त टीम ने मदनपुर प्रखंड के आजन थानान्तर्गत लांगुराही जंगल और पहाड़ी इलाकों में अभियान शुरू किया। थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने बताया कि पुलिस को औरंगाबाद और गयाजी जिले के सीमावर्ती इलाके में स्थित लंगूराही जंगल में नक्सलियों के आहट की खुफिया इनपुट मिली थी। सूचना के आधार पर औरंगाबाद पुलिस एवं सीआरपीएफ की संयुक्त टीम जंगल-पहाड़ी क्षेत्र के लिए रवाना हुई। टीम ने इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षाबलों को जंगल में संदिग्ध सामान छिपाकर रखे जाने की सूचना मिली। इसके बाद जवानों ने आसपास के इलाके की बारीकी से जांच शुरू की। तलाशी के दौरान टीम को लांगुराही जंगल के पहाड़ी क्षेत्र से एक देसी निर्मित हथियार बरामद हुआ। हथियार के साथ पांच जिंदा कारतूस भी मिले। बरामदगी के बाद सुरक्षाबलों ने हथियार और कारतूस को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार और कारतूस जंगल में किस उद्देश्य से छिपाकर रखे गए थे तथा इसका संबंध किसी नक्सली गतिविधि से है या नहीं। हथियार बरामदगी के मामले में प्राथमिकी दर्ज, जांच जारी लांगुराही जंगल से हथियार और कारतूस बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आजन थाना कांड संख्या 323/26 के तहत सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। बरामद सामान में एक देसी निर्मित हथियार यानी कट्टा और पांच जिंदा कारतूस शामिल हैं। पुलिस की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान बरामद हथियार और कारतूस के स्रोत का पता लगाने के साथ-साथ यह भी जानकारी जुटाई जा रही है कि इन्हें जंगल में किसने छिपाया था।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नक्सल गतिविधियों की रोकथाम के लिए जिले के संवेदनशील जंगल एवं पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षाबलों की टीम संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है और सूचना के आधार पर आगे भी तलाशी अभियान जारी रहेगा। मामले में अग्रतर विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है।

