चंडीगढ़ में अब बिजली से संबंधी कोई भी समस्या आने पर लोगों को पूरा दिन परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। चंडीगढ़ प्रशासन ने सारी सेवाओं के लिए एक निश्चित समयसीमा तय की है, जिसके भीतर बिजली की समस्या को ठीक किया जाएगा। इसमें बिजली फ्यूज उड़ने से लेकर मीटर जलने तक की करीब 15 सेवाएं शामिल हैं। अब इन सभी सेवाओं को पंजाब राइट टू सर्विस एक्ट 2011 के अधीन लाया गया है। ऐसे में बिजली का काम देख रही एजेंसी चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (CPDL) की सेवाओं पर ये नियम लागू होंगे। हर काम पर नजर रखने के लिए अधिकारी तय किए गए हैं। अगर अधिकारी भी सेवाओं को ठीक नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ भी शिकायत हो सकेगी और एक्शन भी होगा। दोषी पाए जाने पर उन पर अनुशानात्मक कार्रवाई की जाएगी। उसके जुर्माने की राशि अधिकारी को खुद की जेब से भरनी पड़ सकती है। 8 मार्च 2022 को जारी की गई पुरानी अधिसूचना को हटाकर उसकी जगह यह नई अधिसूचना लागू की गई है। समय पर काम नहीं हुआ तो करें अधिकारी की शिकायत इस आदेश के लागू होने के बाद बिजली उपभोक्ताओं के पास शिकायत के समाधान के लिए अपील की व्यवस्था होगी। अगर तय समय-सीमा में सेवा नहीं मिलती है, तो सबसे पहले संबंधित नामित अधिकारी (SDO) से शिकायत की जा सकती है। इसके बाद भी समाधान न होने पर डिवीजन हेड के पास पहली अपील और फिर सर्कल हेड के पास दूसरी अपील की जा सकेगी। CPDL के विभागाध्यक्ष को इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए नोडल ऑफिसर बनाया गया है। ऐसे तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही

