वाराणसी कोर्ट ने आंध्र प्रदेश से ट्रक में छिपाकर गाजा की तस्करी करने वाले तस्करों हृदयानन्द राय और भागीरथी बेनिया को साक्ष्य और गवाहों के आधार पर दोषी माना। कोर्ट ने दोनों तस्करों को 10-10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। उन पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान भी किया।
आंध्र प्रदेश से ट्रक में छिपाकर लाया जा रहा 1302.500 किलो गांजा बरामद होने के मामले में अदालत ने दो आरोपियों को 10-10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश/ फास्ट ट्रैक कोर्ट (14वां वित्त आयोग) मनोज कुमार-द्वितीय की अदालत ने बुधवार को यह फैसला सुनाया। अदालत ने बिहार के कोइलवर (आरा) निवासी हृदयानन्द राय और ओडिशा के डुमरीपुट निवासी भागीरथी बेनिया को दोषी करार दिया। दोनों पर एक-एक लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास होगा। कोर्ट में अभियोजन की ओर से विशेष अभियोजक अधिकारी श्याम सरोज दुबे ने पैरवी की।
अभियोजन के अनुसार, 9 अक्तूबर 2020 को डीआरआई अधिकारियों को सूचना मिली थी कि आंध्र प्रदेश से भारी मात्रा में गांजा लदा ट्रक वाराणसी के रास्ते प्रयागराज जा रहा है। सूचना पर 10 अक्तूबर की सुबह करीब 3:30 बजे डाफी टोल प्लाजा के पास उसे पकड़ा गया था। आरोपी ने मक्के की 160 बोरियों के नीचे गांजा छिपाकर रखा था।

