मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत की सुनवाई अब फैसले की ओर बढ़ रही है। जिला जज की अदालत में चल रही फाइनल बहस में वादी और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की क्लोजिंग आर्गुमेंट पूरी हो चुकी है। अब सौरभ के परिवार की ओर से नियुक्त निजी अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह अपनी मौखिक दलीलें रख रहे हैं। बुधवार को उन्होंने अदालत के सामने अभियोजन के सभी प्रमुख सबूतों और गवाहों का सारांश रखते हुए बचाव पक्ष की दलीलों में कथित कमियों को भी रेखांकित किया। उनका कहना है कि उनकी बहस करीब एक सप्ताह में पूरी हो जाएगी। इसके बाद अदालत पर निर्भर करेगा कि वह फैसला कब सुनाती है। ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में 3 मार्च, 2025 को सामने आए इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। मर्चेंट नेवी में अफसर रहे सौरभ राजपूत की कथित तौर पर उसकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल ने हत्या कर दी थी। आरोप है कि हत्या के बाद शव को कई टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में भर दिया गया और सीमेंट के घोल से उसे जमा दिया गया। ताकि किसी को कोई सुबूत ही ना मिल पाए। वारदात का खुलासा होने के बाद पुलिस जांच में सामने आए घटनाक्रम ने सनसनी फैला दी थी। बेटी का जन्मदिन मनाने लंदन से आया था सौरभ
सौरभ राजपूत मौत से कुछ दिन पहले ही लंदन से मेरठ आया था। वह अपनी बेटी पीहू का जन्मदिन मनाने के लिए घर लौटा था। लेकिन इसके कुछ ही दिन बाद उसकी जिंदगी का भयावह अंत हो गया। पुलिस की जांच में पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल पर हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने का आरोप लगा। दोनों फिलहाल जेल में हैं और केस अदालत में चल रहा है। सरकारी अधिवक्ता और बचाव पक्ष की बहस पूरी
मामले में अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे सरकारी अधिवक्ता केके चौबे अपनी जिरह और अंतिम दलीलें पूरी कर चुके हैं। इसके बाद बचाव पक्ष की अधिवक्ता रेखा जैन ने भी अदालत के सामने अपनी क्लोजिंग आर्गुमेंट रख दी। अब सौरभ के परिवार की ओर से नियुक्त निजी अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह अंतिम मौखिक दलीलें दे रहे हैं। बुधवार को अधिवक्ता विजय बहादुर ने अदालत के समक्ष मामले में पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का सिलसिलेवार सारांश रखा। उन्होंने अभियोजन के पक्ष को मजबूत करने वाले तथ्यों को अदालत के सामने रखते हुए बचाव पक्ष की अधिवक्ता की दलीलों में कथित खामियों को भी उजागर किया। एक सप्ताह में पूरी हो सकती है मौखिक दलील
सौरभ के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह के मुताबिक उनकी मौखिक दलीलें करीब एक सप्ताह में पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद मामले में बहस का चरण समाप्त हो जाएगा। फिर फैसला सुनाने की तारीख अदालत तय करेगी। अधिवक्ता का कहना है कि बहस पूरी होने के बाद फैसला कब सुनाया जाएगा, यह पूरी तरह अदालत के विवेक पर निर्भर करेगा।

