राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के महानिदेशक अनंत कुमार ने कहा है कि अगर सभी हितधारक साझा उद्देश्य के साथ काम करें तो प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन कर ‘शॉर्टकट’ अपनाने वाले खिलाड़ियों की संख्या को कम किया जा सकता है। उन्होंने भारतीय खेल जगत से जुड़े सभी पक्षों से स्वच्छ खेल के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। कुमार ने खेलों में डोपिंग की रोकथाम पर मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन में कहा, ‘‘खेलों में डोपिंग की घटनाओं को कम करने में हम तभी सफल हो सकते हैं जब इससे जुड़े सभी लोग इस दिशा में मिलकर काम करें।’’
गोलमेज सम्मेलन में डोपिंग की रोकथाम, शिक्षा, नैतिकता, डोपिंग को बढ़ावा देने वाले व्यवस्थागत कारणों और खिलाड़ियों की सहायता करने वाले स्टाफ की जवाबदेही पर नीतिगत चर्चा हुई। इस दौरान सामाजिक-आर्थिक दबाव और दूषित पोषण संबंधी सप्लीमेंट्स से जुड़े खतरों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, ये सभी कारक खिलाड़ियों के डोपिंग के प्रति संवेदनशील होने का कारण बन सकते हैं।
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) के महानिदेशक अनंत कुमार ने कहा है कि अगर सभी हितधारक साझा उद्देश्य के साथ काम करें तो प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन कर ‘शॉर्टकट’ अपनाने वाले खिलाड़ियों की संख्या को कम किया जा सकता है। उन्होंने भारतीय खेल जगत से जुड़े सभी पक्षों से स्वच्छ खेल के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। कुमार ने खेलों में डोपिंग की रोकथाम पर मंगलवार को आयोजित राष्ट्रीय गोलमेज सम्मेलन में कहा, ‘‘खेलों में डोपिंग की घटनाओं को कम करने में हम तभी सफल हो सकते हैं जब इससे जुड़े सभी लोग इस दिशा में मिलकर काम करें।
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गोलमेज सम्मेलन में डोपिंग की रोकथाम, शिक्षा, नैतिकता, डोपिंग को बढ़ावा देने वाले व्यवस्थागत कारणों और खिलाड़ियों की सहायता करने वाले स्टाफ की जवाबदेही पर नीतिगत चर्चा हुई। इस दौरान सामाजिक-आर्थिक दबाव और दूषित पोषण संबंधी सप्लीमेंट्स से जुड़े खतरों पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों के अनुसार, ये सभी कारक खिलाड़ियों के डोपिंग के प्रति संवेदनशील होने का कारण बन सकते हैं।
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