कानपुर में 52 लाख की ठगी में कंपनी निदेशक गिरफ्तार:25 हजार का इनाम था, चार आरोपी जेल भेजे गए

कानपुर में 52 लाख की ठगी में कंपनी निदेशक गिरफ्तार:25 हजार का इनाम था, चार आरोपी जेल भेजे गए

कानपुर के कल्याणपुर मे पांच साल में रकम दोगुनी करने और प्लॉट दिलाने का झांसा देकर 52 लाख रुपए की ठगी के मामले में कल्याणपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वीएसीएल इंडिया रियल एस्टेट कंपनी के फरार चल रहे निदेशक बृजेन्द्र सिंह चौहान उर्फ विजेन्द्र सिंह चौहान (53) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। उसकी गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक चार आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। हालांकि कंपनी के दो नामजद निदेशक इंद्रेश सिंह चौहान और किशन वीर अभी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। पांच साल में रकम दोगुनी करने का दिया था झांसा आजमगढ़ निवासी अतुल तिवारी के मुताबिक, वीएसीएल इंडिया रियल एस्टेट कंपनी के एजेंट और शाखा प्रबंधक ने उनके माता-पिता से संपर्क किया था। उन्हें कंपनी में रकम निवेश करने पर पांच साल में धनराशि दोगुनी होने और प्लॉट दिलाने का भरोसा दिया गया। इस पर परिवार ने कंपनी में 52 लाख रुपये जमा कर दिए।पांच साल की अवधि पूरी होने के बाद जब निवेश की रकम वापस मांगी गई तो कंपनी के जिम्मेदार लोग टालमटोल करने लगे। बाद में बिंद्रा बाजार स्थित कंपनी की शाखा भी बंद हो गई। इसके बाद अतुल तिवारी ने एसीजेएम द्वितीय न्यायालय में परिवाद दाखिल किया। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ था मुकदमा न्यायालय के आदेश पर कल्याणपुर पुलिस ने तीन दिसंबर 2025 को वीएसीएल इंडिया रियल एस्टेट कंपनी के निदेशक बृजेन्द्र सिंह चौहान, इंद्रेश सिंह चौहान और किशन वीर समेत अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू की तो तीन अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई। विवेचना में आजमगढ़ के गंभीरपुर निवासी राजन मिश्रा, अजय कुमार गुप्ता और विनोद कुमार जायसवाल के नाम सामने आए। पुलिस ने तीनों को सोमवार को लोधेश्वर मंदिर के पास से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। चार आरोपी पहुंचे जेल, दो की तलाश जारी तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी और कंपनी निदेशक बृजेन्द्र सिंह चौहान की तलाश तेज कर दी थी। फरार होने के कारण उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। मंगलवार को पुलिस ने उसे बर्रा के दामोदर नगर स्थित क्राउन होटल के पास से गिरफ्तार कर लिया। बृजेन्द्र की गिरफ्तारी के साथ ही 52 लाख रुपये की ठगी के इस मामले में अब तक चार आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। पुलिस अब नामजद कंपनी निदेशक इंद्रेश सिंह चौहान और किशन वीर की तलाश में जुटी है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। आरोपी पर दर्ज हैं 19 मुकदमे डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि गिरफ्तार बृजेन्द्र सिंह चौहान के खिलाफ अलग-अलग स्थानों पर 19 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास के साथ ही वीएसीएल कंपनी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। पुलिस की जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि कंपनी ने कितने लोगों से निवेश के नाम पर रकम जुटाई थी और इस रकम को कहां इस्तेमाल किया गया। फरार दोनों निदेशकों की गिरफ्तारी के बाद ठगी के नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में और जानकारी की जा रही है।

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