भाजपा नेता केया घोष ने सीजेपी प्रतिनिधिमंडल के पश्चिम बंगाल दौरे पर सवाल उठाते हुए आशुतोष रांका पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड में परीक्षा रद्द होने और देवेंद्र नाथ महतो के संघर्ष के दौरान प्रतिनिधिमंडल वहां नहीं पहुंचा।
कोलकाता। झारखंड में परीक्षा रद्द होने और सीजेपी (CJP) प्रतिनिधिमंडल के पश्चिम बंगाल दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी की नेता केया घोष ने तीखा हमला बोला है। पश्चिम बंगाल में सीजेपी (CJP) प्रतिनिधिमंडल की यात्रा पर निशाना साधते हुए केया घोष ने कहा कि आशुतोष रांका को झारखंड जाना जरूरी नहीं लगा, जब देवेंद्र नाथ महतो जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे, तब वहां जाना उन्होंने सही नहीं समझा।
हमारी सरकार ने घटना के बाद 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि आशुतोष रांका और उनके सहयोगियों ने 3 महीने पहले पश्चिम बंगाल के स्कूलों की बदहाली देखने का समय क्यों नहीं निकाला? उनका एजेंडा बिल्कुल साफ है। वे केरल, कर्नाटक या पंजाब नहीं जाएंगे।
छात्रों के आंदोलन में नहीं थी कोई फर्जी पब्लिसिटी
झारखंड में छात्रों के आंदोलन की सफलता पर खुशी जताते हुए केया घोष ने कहा कि मैं आंदोलन कर रहे सभी विद्यार्थियों को दिल से शुभकामनाएं देती हूं। यह आंदोलन भारत विरोधी नारों या धारा 370 को बहाल करने जैसी मांगों से पूरी तरह मुक्त था। यहां पिज्जा, बर्गर या बॉलीवुड स्टाइल के फर्जी प्रचार के लिए कोई जगह नहीं थी। इस आंदोलन की पहचान केवल छात्रों का विश्वास, उनका आत्मसम्मान और उनके अधिकारों की लड़ाई थी। आखिरकार झारखंड सरकार को झुकना पड़ा और उनकी हर एक मांग स्वीकार करनी पड़ी।
34 साल के वाममोर्चे और 15 साल के टीएमसी शासन पर तंज
पश्चिम बंगाल की शिक्षा व्यवस्था पर बोलते हुए केया घोष ने कहा कि वाममोर्चे के 34 वर्षों और टीएमसी सरकार के करीब 15 वर्षों के शासन से शिक्षा का जो बुरा हाल हुआ है, क्या वे सोचते हैं कि इन पांच दशकों का जमा कचरा महज 3 महीनों में साफ हो जाएगा? अगर बंगाल में कॉकरोच हैं, तो हिट भी उपलब्ध है।

