समस्तीपुर के सरायरंजन से ग्रामीण और समाजसेवी 3 दिन पैदल चलकर पटना पहुंचे हैं। ये लोग सरायरंजन में बन रहे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के रूट में बदलाव का विरोध कर रहे हैं। समाजसेवी कुणाल कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण हाथों में काला झंडा लेकर राज्यपाल से मुलाकात करने के लिए लोक भवन के लिए निकले हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए तैयार किए गए नए नक्शे में जानबूझकर बदलाव किया गया है, जिससे सरायरंजन स्थित केएसआर कॉलेज के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। कुणाल कुमार ने कहा कि अगर प्रशासन आधे घंटे के अंदर कोई ठोस निर्णय नहीं लेता है या प्रदर्शनकारियों की राज्यपाल से मुलाकात नहीं कराई जाती है, तो वे पूरे पटना को जाम करने के लिए मजबूर होंगे। मांग स्पष्ट है कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण पुराने नक्शे के आधार पर किया जाए। डिप्टी सीएम के परिवार की जमीन बचाने का आरोप प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरायरंजन में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के पुराने नक्शे में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के परिजन की जमीन प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों का दावा है कि इसके बाद कंपनी से बातचीत कर एक्सप्रेस-वे के नक्शे और रूट में बदलाव कराया गया। आरोप है कि नए रूट के दायरे में केएसआर कॉलेज आ रहा है, जिसके कारण कॉलेज की पूरी इमारत को ध्वस्त करने की स्थिति बन सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी परियोजना के रूट में बदलाव करना उचित नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पुराने नक्शे के आधार पर एक्सप्रेसवे का निर्माण कराने की मांग की है। विजय चौधरी से मुलाकात के बाद भी नहीं निकला समाधान प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर वे लगातार सवाल उठाते रहे हैं। ग्रामीणों और समाजसेवी कुणाल कुमार ने इस संबंध में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी से मुलाकात भी की थी। हालांकि, उनका कहना है कि मुलाकात के बावजूद विवाद का कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी वजह से अब ग्रामीणों ने राज्यपाल से मिलकर अपनी शिकायत रखने का फैसला किया है।
काला झंडा लेकर लोक भवन निकले सैकड़ों समर्थक कुणाल कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण काला झंडा लेकर पटना पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी मांग और शिकायत उनके सामने रखना चाहते हैं। हालांकि, प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को सप्तमूर्ति के पास ही रोक दिया। इसके बाद मौके पर प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच स्थिति को लेकर बातचीत शुरू हुई। कुणाल कुमार ने यह भी कहा कि अगर डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी एक्सप्रेस-वे के रूट में बदलाव कराकर किसी व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पुराने नक्शे से ही एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जाए, नहीं तो डिप्टी सीएम को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। समस्तीपुर के सरायरंजन से ग्रामीण और समाजसेवी 3 दिन पैदल चलकर पटना पहुंचे हैं। ये लोग सरायरंजन में बन रहे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के रूट में बदलाव का विरोध कर रहे हैं। समाजसेवी कुणाल कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीण हाथों में काला झंडा लेकर राज्यपाल से मुलाकात करने के लिए लोक भवन के लिए निकले हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए तैयार किए गए नए नक्शे में जानबूझकर बदलाव किया गया है, जिससे सरायरंजन स्थित केएसआर कॉलेज के अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। कुणाल कुमार ने कहा कि अगर प्रशासन आधे घंटे के अंदर कोई ठोस निर्णय नहीं लेता है या प्रदर्शनकारियों की राज्यपाल से मुलाकात नहीं कराई जाती है, तो वे पूरे पटना को जाम करने के लिए मजबूर होंगे। मांग स्पष्ट है कि एक्सप्रेस-वे का निर्माण पुराने नक्शे के आधार पर किया जाए। डिप्टी सीएम के परिवार की जमीन बचाने का आरोप प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरायरंजन में प्रस्तावित ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के पुराने नक्शे में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी के परिजन की जमीन प्रभावित हो रही थी। ग्रामीणों का दावा है कि इसके बाद कंपनी से बातचीत कर एक्सप्रेस-वे के नक्शे और रूट में बदलाव कराया गया। आरोप है कि नए रूट के दायरे में केएसआर कॉलेज आ रहा है, जिसके कारण कॉलेज की पूरी इमारत को ध्वस्त करने की स्थिति बन सकती है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए सरकारी परियोजना के रूट में बदलाव करना उचित नहीं है। प्रदर्शनकारियों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पुराने नक्शे के आधार पर एक्सप्रेसवे का निर्माण कराने की मांग की है। विजय चौधरी से मुलाकात के बाद भी नहीं निकला समाधान प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इस मुद्दे को लेकर वे लगातार सवाल उठाते रहे हैं। ग्रामीणों और समाजसेवी कुणाल कुमार ने इस संबंध में डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी से मुलाकात भी की थी। हालांकि, उनका कहना है कि मुलाकात के बावजूद विवाद का कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी वजह से अब ग्रामीणों ने राज्यपाल से मिलकर अपनी शिकायत रखने का फैसला किया है।
काला झंडा लेकर लोक भवन निकले सैकड़ों समर्थक कुणाल कुमार के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण काला झंडा लेकर पटना पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी मांग और शिकायत उनके सामने रखना चाहते हैं। हालांकि, प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को सप्तमूर्ति के पास ही रोक दिया। इसके बाद मौके पर प्रदर्शनकारियों और प्रशासन के बीच स्थिति को लेकर बातचीत शुरू हुई। कुणाल कुमार ने यह भी कहा कि अगर डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी एक्सप्रेस-वे के रूट में बदलाव कराकर किसी व्यक्ति विशेष को फायदा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि पुराने नक्शे से ही एक्सप्रेस-वे का निर्माण कराया जाए, नहीं तो डिप्टी सीएम को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।

