लोकेश ने पहचान लिया तो पानी में डुबोकर मार डाला:सहारनपुर में शराब ठेके के सेल्समैन को लूटने के लिए पांच ने बनाई थी योजना, बाइक में लात मारकर गड्ढे में गिराया

लोकेश ने पहचान लिया तो पानी में डुबोकर मार डाला:सहारनपुर में शराब ठेके के सेल्समैन को लूटने के लिए पांच ने बनाई थी योजना, बाइक में लात मारकर गड्ढे में गिराया

सहारनपुर के नागल थाना क्षेत्र में शराब ठेके के सेल्समैन लोकेश हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, ठेके से रोजाना रात करीब 10 बजे अकेले घर लौटने वाले लोकेश को लूटने के लिए पांच आरोपियों ने पहले उसकी रेकी की थी। आरोपियों को शक था कि उसके लाल रंग के पिट्ठू बैग में शराब बिक्री के रुपये होते हैं। वारदात के दौरान लोकेश ने एक आरोपी को पहचान लिया और थाने में शिकायत करने की बात कही। पुलिस के अनुसार, पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने उसे पकड़कर पानी से भरे गड्ढे में तब तक डुबोए रखा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी देहात मयंक पाठक ने बताया कि हत्याकांड का खुलासा किया। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों राहुल उर्फ राज सिंह, विकास, रामधारी, विशाल और विकास को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे और निशानदेही से दो अवैध चाकू, दो मोबाइल फोन, मृतक का पिट्ठू बैग, दो मोटरसाइकिल और 1490 रुपये बरामद किए गए हैं। रोज रात अकेले जाता था घर, आरोपियों ने कर रखी थी रेकी थाना रामपुर मनिहारन क्षेत्र के गांव मुंडीखेड़ी निवासी लोकेश पुत्र प्रीतम सिंह (35) पिछले करीब दो वर्षों से नागल क्षेत्र के बोहड़ूपुर स्थित अंग्रेजी शराब और ठंडी बीयर के ठेके पर सेल्समैन था। वह रोजाना रात करीब 10 बजे ठेका बंद कर बाइक से घर लौटता था। आरोपी उसकी इस दिनचर्या से परिचित थे। उनके मुताबिक, लोकेश कमर पर लाल रंग का पिट्ठू बैग रखता था। आरोपियों को शक था कि इसमें ठेके की बिक्री के रुपये होते हैं। 14 अगस्त की रात करीब 10 बजे लोकेश ने ठेका बंद किया और घर के लिए बाइक से निकला। इससे पहले उसने अपने साथी को फोन कर बताया था कि वह ठेका बंद करके घर जा रहा है। इसके बाद आरोपी दो बाइकों से उसके पीछे लग गए। पहले से तय था कौन करेगा पीछा और कौन घेराबंदी पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि विकास और रामधारी एक बाइक से लोकेश का पीछा कर रहे थे। वे फोन के जरिये आगे चल रहे साथियों को उसकी लोकेशन बता रहे थे। दूसरी बाइक पर राहुल उर्फ राज सिंह, विशाल और दूसरा विकास सवार थे। इनका काम रास्ते में लोकेश को घेरना था। लाखनौर से पहले आईटीआई के पास आरोपियों ने लोकेश को घेर लिया। राहुल उर्फ राज सिंह ने अपनी बाइक लोकेश की बाइक के बराबर लगाकर पीछे से लात मार दी। इससे लोकेश बाइक समेत सड़क किनारे पानी भरे गड्ढे में जा गिरा। इस दौरान राहुल, विकास और विशाल भी बाइक समेत अनियंत्रित होकर गिर गए। बैग छीनने के दौरान टूटी तनी, पानी में गिरा लोकेश पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने लोकेश से उसका पिट्ठू बैग छीनने की कोशिश की। छीनाझपटी में बैग की तनी टूट गई और लोकेश पानी में गिर गया। इसी दौरान उसने राहुल उर्फ राज सिंह को पहचान लिया। पुलिस के अनुसार, लोकेश ने उससे कहा कि उसने उसे पहचान लिया है और अब वह थाने में शिकायत करेगा। पुलिस का कहना है कि पहचान लिए जाने के बाद आरोपी घबरा गए। आरोपियों के कथित बयान के मुताबिक, सभी ने मिलकर लोकेश को पकड़ लिया और पानी में तब तक डुबोकर रखा, जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। भागते समय तमंचा और चप्पलें गड्ढे में छूटीं पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि छीनाझपटी के दौरान राहुल का लोडेड .315 बोर का तमंचा भी पानी भरे गड्ढे में गिर गया। भागते समय उनकी चप्पलें भी मौके पर छूट गईं। आरोपियों ने गड्ढे में गिरी बाइक निकाली और खेतों के रास्ते पोपलर के खेत की ओर चले गए। वहां मृतक का पिट्ठू बैग छिपाने के बाद सभी अपनी-अपनी बाइक से घर चले गए। 15 अगस्त सुबह गड्ढे में मिला था शव लोकेश के देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की थी। मोबाइल स्विच ऑफ मिलने पर परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। 15 अगस्त की सुबह करीब छह बजे लाखनौर-सीडकी मार्ग पर आईटीआई के पास उसकी सुपर स्प्लेंडर बाइक सड़क किनारे पड़ी मिली। पास ही पानी से भरे गड्ढे में लोकेश का शव मिला था। शव मिलने के बाद परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए सीडकी-लाखनौर मार्ग पर जाम भी लगाया था। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया था। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए थे। मोबाइल और सीसीटीवी से खुली आरोपियों तक पहुंचने की कड़ी एसपी देहात मयंक पाठक के अनुसार, घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, मोबाइल की तकनीकी जानकारी और आरोपियों के आपसी संपर्क की जांच की। संदिग्धों की गतिविधियों और घटनास्थल से जुड़ी कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस आरोपियों तक पहुंची। 17 अगस्त को मुखबिर की सूचना पर नागल पुलिस और स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम ने मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाईवे से गांगनौली शुगर मिल जाने वाले रास्ते पर रेलवे पुल के पास नई बन रही कॉलोनी में दबिश दी। पुलिस के मुताबिक, पांचों आरोपी वहां लूटे गए सामान और रुपये के बंटवारे के लिए इकट्ठा हुए थे। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। हत्या के मुकदमे में लूट की धाराएं बढ़ाईं पुलिस के अनुसार, जांच में सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और बरामदगी से मिले साक्ष्यों को शामिल किया गया है। गिरफ्तार आरोपी में राहुल उर्फ राज सिंह, विकास, रामधारी, विशाल और विकास को अरेस्ट किया है।

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