बिहार सरकार ने प्रशासनिक महकमे में फेरबदल करते हुए 2016 बैच के IAS रिची पांडेय को बेगूसराय का नया DM बनाया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 17 अगस्त को जारी अधिसूचना के तहत रिची पांडेय का सीतामढ़ी से ट्रांसफर किया गया है। बेगूसराय के निवर्तमान डीएम श्रीकांत शास्त्री पोस्टिंग अभी कहीं नहीं की गई है। रिची पांडेय के लिए बेगूसराय जिला अनजान नहीं है। सितंबर 2019 से फरवरी 2020 तक DDC के पद पर पदस्थापित थे। उस दौरान ग्रामीण विकास और प्रशासनिक योजनाओं के क्रियान्वयन में उनके कार्यों की काफी सराहना हुई थी। अब लगभग साढ़े छह वर्ष बाद उसी जिले में ‘जिलाधिकारी’ के रूप में वापस लौटे हैं। गयाजी जिले में असिस्टेंट कलेक्टर-कम-एडीएम रह चुके हैं बेगूसराय जैसे औद्योगिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले में उनके इस पूर्व अनुभव का लाभ कानून-व्यवस्था के संधारण, विकास परियोजनाओं को गति देने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान में मिलेगा। 2016 बैच के बिहार कैडर आईएएस अफसर रिची पांडेय का अब तक का प्रशासनिक सफर काफी विविधतापूर्ण और उपलब्धियों भरा रहा है। 5 मई 2017 को उन्होंने गयाजी जिले में असिस्टेंट कलेक्टर-कम-एडीएम (प्रोबेशनर) के पद से अपने करियर की शुरुआत की। प्रोबेशन पूरा होने के बाद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत 2 जुलाई 2018 से 28 सितंबर 2018 तक नीति आयोग (NITI Aayog) नई दिल्ली में सहायक सचिव के रूप में कार्य किया। बेगूसराय के डीडीसी रह चुके हैं रिची पांडेय राज्य कैडर में वापसी के बाद सितंबर 2018 से 2019 तक उन्होंने वैशाली जिले के महुआ अनुमंडल के अनुमंडल अधिकारी (SDO) के रूप में कमान संभाली। अनुमंडल अधिकारी के सफल कार्यकाल के बाद उन्हें जिला स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई तथा सितंबर 2019 से फरवरी 2020 तक बेगूसराय के DDC के रूप में सेवा दी। इसके बाद फरवरी 2020 से 2022 तक राजधानी पटना के DDC रहे। कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर और उसके बाद के पुनर्निर्माण चरण में उन्होंने पटना में विकास कार्यों, टीकाकरण अभियानों और प्रशासनिक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मई 2022 में रिची पांडेय को पहली बार डीएम के रूप में जहानाबाद जिले की कमान मिली। मार्च 2024 तक लगभग 22 महीनों के इस कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में कई सराहनीय कदम उठाए। सीतामढ़ के डीएम रह चुके हैं मार्च 2024 में उनका तबादला सीतामढ़ी के डीएम के रूप में हुआ। सीतामढ़ी में 6 मार्च 2024 से 17 अगस्त 2026 तक 2 वर्ष 5 माह का सफल कार्यकाल पूरा किया। नेपाल सीमा से सटे इस जिले में शांति व्यवस्था, चुनाव संचालन और अवसंरचनात्मक विकास में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। 14 फरवरी 1988 को पैदा हुए और प्रारंभिक से लेकर उच्च शिक्षा (बी-टेक और एमबीए) तक दिल्ली में लेने वाले रिची पांडेय को UPSC में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 52 मिला था। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने द स्मार्ट क्यूब (एनालिटिक्स फर्म) और एक्सिस बैंक के कॉर्पोरेट क्रेडिट विभाग में काम किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया था सम्मानित प्रशासनिक अधिकारी बने तो जहानाबाद में पदस्थापन के दौरान भूमि अभिलेखों के डिजिटलाइजेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया। डिजिटल गवर्नेंस में नवाचार किया, सीतामढ़ी में पारदर्शी प्रशासन और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला जन शिकायत निवारण प्रणाली पोर्टल की शुरुआत की। सीतामढ़ी जिले में संपूर्णता अभियान के तहत सामाजिक-आर्थिक सूचकांकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने पर नीति आयोग द्वारा प्रशंसा पत्र प्राप्त हुआ। इसके अलावा प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण की दिशा में इनके कार्यों की लगातार चर्चा होते रहती। बिहार की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले बेगूसराय जिले में रिची पांडेय के आगमन से प्रशासनिक हलकों में काफी सकारात्मक उम्मीदें हैं। जिले में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, नए औद्योगिक निवेशों के क्रियान्वयन, अतिक्रमण हटाओ अभियानों और विधि-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना नए जिलाधिकारी के समक्ष मुख्य प्राथमिकताएं होंगी। बिहार सरकार ने प्रशासनिक महकमे में फेरबदल करते हुए 2016 बैच के IAS रिची पांडेय को बेगूसराय का नया DM बनाया है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 17 अगस्त को जारी अधिसूचना के तहत रिची पांडेय का सीतामढ़ी से ट्रांसफर किया गया है। बेगूसराय के निवर्तमान डीएम श्रीकांत शास्त्री पोस्टिंग अभी कहीं नहीं की गई है। रिची पांडेय के लिए बेगूसराय जिला अनजान नहीं है। सितंबर 2019 से फरवरी 2020 तक DDC के पद पर पदस्थापित थे। उस दौरान ग्रामीण विकास और प्रशासनिक योजनाओं के क्रियान्वयन में उनके कार्यों की काफी सराहना हुई थी। अब लगभग साढ़े छह वर्ष बाद उसी जिले में ‘जिलाधिकारी’ के रूप में वापस लौटे हैं। गयाजी जिले में असिस्टेंट कलेक्टर-कम-एडीएम रह चुके हैं बेगूसराय जैसे औद्योगिक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जिले में उनके इस पूर्व अनुभव का लाभ कानून-व्यवस्था के संधारण, विकास परियोजनाओं को गति देने और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान में मिलेगा। 2016 बैच के बिहार कैडर आईएएस अफसर रिची पांडेय का अब तक का प्रशासनिक सफर काफी विविधतापूर्ण और उपलब्धियों भरा रहा है। 5 मई 2017 को उन्होंने गयाजी जिले में असिस्टेंट कलेक्टर-कम-एडीएम (प्रोबेशनर) के पद से अपने करियर की शुरुआत की। प्रोबेशन पूरा होने के बाद केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के तहत 2 जुलाई 2018 से 28 सितंबर 2018 तक नीति आयोग (NITI Aayog) नई दिल्ली में सहायक सचिव के रूप में कार्य किया। बेगूसराय के डीडीसी रह चुके हैं रिची पांडेय राज्य कैडर में वापसी के बाद सितंबर 2018 से 2019 तक उन्होंने वैशाली जिले के महुआ अनुमंडल के अनुमंडल अधिकारी (SDO) के रूप में कमान संभाली। अनुमंडल अधिकारी के सफल कार्यकाल के बाद उन्हें जिला स्तर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई तथा सितंबर 2019 से फरवरी 2020 तक बेगूसराय के DDC के रूप में सेवा दी। इसके बाद फरवरी 2020 से 2022 तक राजधानी पटना के DDC रहे। कोरोना महामारी के चुनौतीपूर्ण दौर और उसके बाद के पुनर्निर्माण चरण में उन्होंने पटना में विकास कार्यों, टीकाकरण अभियानों और प्रशासनिक समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मई 2022 में रिची पांडेय को पहली बार डीएम के रूप में जहानाबाद जिले की कमान मिली। मार्च 2024 तक लगभग 22 महीनों के इस कार्यकाल में उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में कई सराहनीय कदम उठाए। सीतामढ़ के डीएम रह चुके हैं मार्च 2024 में उनका तबादला सीतामढ़ी के डीएम के रूप में हुआ। सीतामढ़ी में 6 मार्च 2024 से 17 अगस्त 2026 तक 2 वर्ष 5 माह का सफल कार्यकाल पूरा किया। नेपाल सीमा से सटे इस जिले में शांति व्यवस्था, चुनाव संचालन और अवसंरचनात्मक विकास में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। 14 फरवरी 1988 को पैदा हुए और प्रारंभिक से लेकर उच्च शिक्षा (बी-टेक और एमबीए) तक दिल्ली में लेने वाले रिची पांडेय को UPSC में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 52 मिला था। प्रशासनिक सेवा में आने से पहले उन्होंने द स्मार्ट क्यूब (एनालिटिक्स फर्म) और एक्सिस बैंक के कॉर्पोरेट क्रेडिट विभाग में काम किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया था सम्मानित प्रशासनिक अधिकारी बने तो जहानाबाद में पदस्थापन के दौरान भूमि अभिलेखों के डिजिटलाइजेशन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सम्मानित किया गया। डिजिटल गवर्नेंस में नवाचार किया, सीतामढ़ी में पारदर्शी प्रशासन और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला जन शिकायत निवारण प्रणाली पोर्टल की शुरुआत की। सीतामढ़ी जिले में संपूर्णता अभियान के तहत सामाजिक-आर्थिक सूचकांकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करने पर नीति आयोग द्वारा प्रशंसा पत्र प्राप्त हुआ। इसके अलावा प्रशासनिक सुधार और जनकल्याण की दिशा में इनके कार्यों की लगातार चर्चा होते रहती। बिहार की औद्योगिक राजधानी कहे जाने वाले बेगूसराय जिले में रिची पांडेय के आगमन से प्रशासनिक हलकों में काफी सकारात्मक उम्मीदें हैं। जिले में चल रही बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, नए औद्योगिक निवेशों के क्रियान्वयन, अतिक्रमण हटाओ अभियानों और विधि-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करना नए जिलाधिकारी के समक्ष मुख्य प्राथमिकताएं होंगी।

