सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र के परसागढ़ी उत्तर पंचायत के हनुमानगढ़ी वार्ड 14 में रविवार दोपहर बाद ई-रिक्शा पलटने से 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। हादसा गोविंदपुर नहर के समीप मोड़ पर हुआ। मृतक की पहचान रामू मंडल के पुत्र दिलखुश कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब तीन बजे पड़ोसी देवेंद्र झा का ई-रिक्शा उनके पुत्र शिवम अपने चार अन्य दोस्तों के साथ लेकर गोविंदपुर हटिया मेला देखने जा रहा था। इसी दौरान नहर के समीप मोड़ पर ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। बताया गया कि ई-रिक्शा तेज रफ्तार में था। हादसे में दिलखुश ई-रिक्शा के नीचे दब गया। ई-रिक्शा हटाकर दिलखुश को बाहर निकाला
घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ई-रिक्शा हटाकर दिलखुश को बाहर निकाला। परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। ई-रिक्शा पर सवार अन्य बच्चों को भी चोटें आईं, लेकिन उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। अनुमंडलीय अस्पताल के डॉ. उमेश कुमार मंडल ने बताया कि दिलखुश को परिजन ब्रॉड डेड अवस्था में लेकर पहुंचे थे। उसके नाक और कान से ब्लीडिंग हुई थी और सिर में गंभीर चोट के निशान थे। अस्पताल से घटना की जानकारी मिली थी
सूचना पर जदिया पुलिस भी अस्पताल पहुंची। रविवार शाम जदिया थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल ने बताया कि अस्पताल से घटना की जानकारी मिली थी। पुलिस टीम को भेजा गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। इधर, बेटे की मौत की खबर सुनकर मां कंचन देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार रोते हुए कह रही थीं कि उनके बेटे को जानबूझकर मार डाला गया। अस्पताल परिसर और एनएच-327ई पर वह कई बार रोते-रोते बेहोश होकर गिर पड़ीं। मां की हालत देखकर अस्पताल परिसर का माहौल गमगीन हो गया। सुपौल जिले के जदिया थाना क्षेत्र के परसागढ़ी उत्तर पंचायत के हनुमानगढ़ी वार्ड 14 में रविवार दोपहर बाद ई-रिक्शा पलटने से 14 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। हादसा गोविंदपुर नहर के समीप मोड़ पर हुआ। मृतक की पहचान रामू मंडल के पुत्र दिलखुश कुमार के रूप में हुई है। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रविवार दोपहर करीब तीन बजे पड़ोसी देवेंद्र झा का ई-रिक्शा उनके पुत्र शिवम अपने चार अन्य दोस्तों के साथ लेकर गोविंदपुर हटिया मेला देखने जा रहा था। इसी दौरान नहर के समीप मोड़ पर ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। बताया गया कि ई-रिक्शा तेज रफ्तार में था। हादसे में दिलखुश ई-रिक्शा के नीचे दब गया। ई-रिक्शा हटाकर दिलखुश को बाहर निकाला
घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ई-रिक्शा हटाकर दिलखुश को बाहर निकाला। परिजन और ग्रामीण उसे तत्काल अनुमंडलीय अस्पताल त्रिवेणीगंज ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। ई-रिक्शा पर सवार अन्य बच्चों को भी चोटें आईं, लेकिन उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। अनुमंडलीय अस्पताल के डॉ. उमेश कुमार मंडल ने बताया कि दिलखुश को परिजन ब्रॉड डेड अवस्था में लेकर पहुंचे थे। उसके नाक और कान से ब्लीडिंग हुई थी और सिर में गंभीर चोट के निशान थे। अस्पताल से घटना की जानकारी मिली थी
सूचना पर जदिया पुलिस भी अस्पताल पहुंची। रविवार शाम जदिया थानाध्यक्ष राजकिशोर मंडल ने बताया कि अस्पताल से घटना की जानकारी मिली थी। पुलिस टीम को भेजा गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। इधर, बेटे की मौत की खबर सुनकर मां कंचन देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। वह बार-बार रोते हुए कह रही थीं कि उनके बेटे को जानबूझकर मार डाला गया। अस्पताल परिसर और एनएच-327ई पर वह कई बार रोते-रोते बेहोश होकर गिर पड़ीं। मां की हालत देखकर अस्पताल परिसर का माहौल गमगीन हो गया।

