65 लाख निवेश, 2.82 करोड़ देने से मुकरे पार्टनर:कंस्ट्रक्शन कंपनी पार्टनरशिप में शुरू की थी, जदयू नेता के खिलाफ एफआईआर

65 लाख निवेश, 2.82 करोड़ देने से मुकरे पार्टनर:कंस्ट्रक्शन कंपनी पार्टनरशिप में शुरू की थी, जदयू नेता के खिलाफ एफआईआर

गयाजी में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी की पार्टनरशिप को लेकर करोड़ों रुपए के विवाद का मामला सामने आया है। कंपनी की महिला डायरेक्टर नगमा ने अपने बिजनेस पार्टनर इकबाल हुसैन पर आरोप लगाया है कि 65 लाख रुपए निवेश कराया। जिसके बाद 2.82 करोड़ भुगतान से मुकर रहे हैं। महिला के अनुसार इकबाल जदयू नेता और मौर्या हाइट्स का डायरेक्टर भी है। महिला का कहना है कि उनके पास MOU, कंपनी के दस्तावेज, एग्रीमेंट, वाट्सऐप चैट और वॉइस मैसेज जैसे साक्ष्य मौजूद हैं। नगमा का कहना है कि उन्होंने कंपनी में अपने अधिकार और शेयर की रकम लौटाने की मांग की, लेकिन आरोप है कि पार्टनर ने कंपनी के दस्तावेज और पूर्व में किए गए समझौते को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह डर गईं हैं। परिवार को जान से मारने की भी धमकी है। मामला रामपुर थाना क्षेत्र का है। 11 अगस्त को थाने में शिकायत देकर पार्टनर इकबाल हुसैन के खिलाफ केस दर्ज कराया है। परिवार की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। 2014 में शुरू हुई थी पार्टनरशिप नगमा के अनुसार, 2014 में उनकी और इकबाल हुसैन की पार्टनरशिप शुरू हुई थी। दोनों ने मिलकर बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन से जुड़ी कंपनी शुरू की थी। उनका दावा है कि कंपनी के गठन के समय से ही वह डायरेक्टर हैं और कंपनी में उनकी 33.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नगमा का कहना है कि शुरुआत में कारोबार ठीक चला। बाद में पति की सरकारी नौकरी हो गई। इस कारण वो पटना आना-जाना करने लगीं। इसी दौरान आरोप है कि पार्टनर ने उनसे कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए और धीरे-धीरे उन्हें कंपनी के कामकाज से अलग कर दिया।
रिश्तेदारों से पैसे जुटाकर लगाए 65 लाख महिला ने शिकायत में दावा किया है कि उन्होंने कारोबार में करीब 65 लाख रुपए लगाए थे। यह रकम उन्होंने अपने रिश्तेदारों के साथ-साथ मां, पिता, भाई और देवर से जुटाकर कारोबार में लगाए थे। नगमा के मुताबिक, बाद में इकबाल हुसैन ने उनके भुगतान की जिम्मेदारी स्वीकार की। उनका दावा है कि 29 सितंबर 2020 को वाट्सऐप के जरिए तीन पेज का एक एग्रीमेंट भी भेजा गया था। इसमें रकम लौटाने या प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद उनकी हिस्सेदारी के अनुरूप संपत्ति देने की बात कही गई थी। वॉइस मैसेज में 2.82 करोड़ रुपए का दावा शिकायत के अनुसार, 7 अक्टूबर 2022 को भेजे गए एक वॉइस मैसेज में 2.82 करोड़ रुपए की रकम का जिक्र है। नगमा का आरोप है कि बातचीत में इकबाल हुसैन ने इस रकम को प्रिंसिपल अमाउंट बताते हुए भुगतान की बात कही थी। महिला ने पुलिस को पेनड्राइव में वॉइस रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की बात भी शिकायत में कही है। इसके अलावा MOU, आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन, कंपनी इनकॉरपोरेशन, RERA आवेदन और वाट्सऐप चैट समेत अन्य दस्तावेज होने का दावा किया गया है।
10 अगस्त को मुलाकात के दौरान विवाद बढ़ने का आरोप नगमा के अनुसार, 10 अगस्त की शाम करीब 4 बजे वह अपने बकाए और कंपनी में हिस्सेदारी को लेकर बातचीत करने केसर हाउस पहुंचीं। आरोप है कि वहां इकबाल हुसैन मौजूद थे और उन्हें देखते ही गुस्सा हो गए। महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और पिस्टल पर हाथ रखते हुए धमकी दी गई। उन्होंने अपने पति और परिवार के सदस्यों को भी जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है। महिला के ड्राइवर के साथ बदसलूकी कर उसे बाहर निकालने का भी आरोप लगाया गया है।
पार्टनर इकबाल हुसैन ने आरोपों पर क्या कहा…
बिजनेस में हर लेनदेन का कागजी सबूत होता

मुझपर लगे आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं। आरोप लगाने वाले 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का दावा कर रहे हैं, लेकिन क्या उनके पास 10-12 लाख रुपए का भी कोई ठोस प्रमाण या रसीद है। बिजनेस में हर लेनदेन का कागजी सबूत होता है। सच तो यह है कि कंपनी में कोई बड़ी रकम लगाई ही नहीं। ​उल्टा, उनके परिवार ने हमसे कई बार कर्ज लिया। घर बनवाने और अन्य जरूरतों के नाम पर हमसे पैसे ऐंठे गए। हमारे पास उनके हस्ताक्षरित दस्तावेज और गवाह मौजूद हैं, जो यह साबित करते हैं कि हमने उन्हें लाखों रुपए दिए थे। उन्होंने हमें नहीं दिए। अगर उन्हें कागजों पर संदेह है। तो वे बेझिझक फॉरेंसिक जांच करा लें। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। पुलिस से मेरा आग्रह होगा कि मेरे पास जो प्रमाण है उसका फॉरेंसिक जांच करा लें कि हमने उन्हें पैसे दिए है या नहीं। मैंने न मारपीट की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया इकबाल ने कहा कि कहा कि ​मुझ पर बदसलूकी और मारपीट के भी झूठे आरोप हैं। हमारे ऑफिस में 10 अगस्त की पूरी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित है। उसमें साफ दिख रहा है कि मैंने कोई अभद्र भाषा या मारपीट नहीं की। अपनी साख और इज्जत बचाने के लिए मैं कानून का सहारा लेने जा रहा हूं।
​यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश है। इकबाल हुसैन ने कहा कि जो लोग खुद दूसरों के पैसे हड़पने और गबन करने के मामलों में उलझे रहे हैं।
आरोप की जांच होगी- इंस्पेक्टर पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। रामपुर थाने के इंस्पेक्टर दिनेश बहादुर सिंह ने कहा है कि लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस के सामने मुख्य सवाल महिला की ओर से किए गए 65 लाख रुपये के निवेश, 2.82 करोड़ रुपए के भुगतान के दावे, कंपनी में उनकी हिस्सेदारी और प्रस्तुत किए गए दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की सत्यता से जुड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। गयाजी में बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कंपनी की पार्टनरशिप को लेकर करोड़ों रुपए के विवाद का मामला सामने आया है। कंपनी की महिला डायरेक्टर नगमा ने अपने बिजनेस पार्टनर इकबाल हुसैन पर आरोप लगाया है कि 65 लाख रुपए निवेश कराया। जिसके बाद 2.82 करोड़ भुगतान से मुकर रहे हैं। महिला के अनुसार इकबाल जदयू नेता और मौर्या हाइट्स का डायरेक्टर भी है। महिला का कहना है कि उनके पास MOU, कंपनी के दस्तावेज, एग्रीमेंट, वाट्सऐप चैट और वॉइस मैसेज जैसे साक्ष्य मौजूद हैं। नगमा का कहना है कि उन्होंने कंपनी में अपने अधिकार और शेयर की रकम लौटाने की मांग की, लेकिन आरोप है कि पार्टनर ने कंपनी के दस्तावेज और पूर्व में किए गए समझौते को मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद वह डर गईं हैं। परिवार को जान से मारने की भी धमकी है। मामला रामपुर थाना क्षेत्र का है। 11 अगस्त को थाने में शिकायत देकर पार्टनर इकबाल हुसैन के खिलाफ केस दर्ज कराया है। परिवार की सुरक्षा की भी गुहार लगाई है। 2014 में शुरू हुई थी पार्टनरशिप नगमा के अनुसार, 2014 में उनकी और इकबाल हुसैन की पार्टनरशिप शुरू हुई थी। दोनों ने मिलकर बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन से जुड़ी कंपनी शुरू की थी। उनका दावा है कि कंपनी के गठन के समय से ही वह डायरेक्टर हैं और कंपनी में उनकी 33.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नगमा का कहना है कि शुरुआत में कारोबार ठीक चला। बाद में पति की सरकारी नौकरी हो गई। इस कारण वो पटना आना-जाना करने लगीं। इसी दौरान आरोप है कि पार्टनर ने उनसे कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करवाए और धीरे-धीरे उन्हें कंपनी के कामकाज से अलग कर दिया।
रिश्तेदारों से पैसे जुटाकर लगाए 65 लाख महिला ने शिकायत में दावा किया है कि उन्होंने कारोबार में करीब 65 लाख रुपए लगाए थे। यह रकम उन्होंने अपने रिश्तेदारों के साथ-साथ मां, पिता, भाई और देवर से जुटाकर कारोबार में लगाए थे। नगमा के मुताबिक, बाद में इकबाल हुसैन ने उनके भुगतान की जिम्मेदारी स्वीकार की। उनका दावा है कि 29 सितंबर 2020 को वाट्सऐप के जरिए तीन पेज का एक एग्रीमेंट भी भेजा गया था। इसमें रकम लौटाने या प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद उनकी हिस्सेदारी के अनुरूप संपत्ति देने की बात कही गई थी। वॉइस मैसेज में 2.82 करोड़ रुपए का दावा शिकायत के अनुसार, 7 अक्टूबर 2022 को भेजे गए एक वॉइस मैसेज में 2.82 करोड़ रुपए की रकम का जिक्र है। नगमा का आरोप है कि बातचीत में इकबाल हुसैन ने इस रकम को प्रिंसिपल अमाउंट बताते हुए भुगतान की बात कही थी। महिला ने पुलिस को पेनड्राइव में वॉइस रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराने की बात भी शिकायत में कही है। इसके अलावा MOU, आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन, कंपनी इनकॉरपोरेशन, RERA आवेदन और वाट्सऐप चैट समेत अन्य दस्तावेज होने का दावा किया गया है।
10 अगस्त को मुलाकात के दौरान विवाद बढ़ने का आरोप नगमा के अनुसार, 10 अगस्त की शाम करीब 4 बजे वह अपने बकाए और कंपनी में हिस्सेदारी को लेकर बातचीत करने केसर हाउस पहुंचीं। आरोप है कि वहां इकबाल हुसैन मौजूद थे और उन्हें देखते ही गुस्सा हो गए। महिला ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके साथ गाली-गलौज की गई और पिस्टल पर हाथ रखते हुए धमकी दी गई। उन्होंने अपने पति और परिवार के सदस्यों को भी जान से मारने की धमकी दिए जाने का आरोप लगाया है। महिला के ड्राइवर के साथ बदसलूकी कर उसे बाहर निकालने का भी आरोप लगाया गया है।
पार्टनर इकबाल हुसैन ने आरोपों पर क्या कहा…
बिजनेस में हर लेनदेन का कागजी सबूत होता

मुझपर लगे आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं। आरोप लगाने वाले 2 करोड़ रुपए से ज्यादा का दावा कर रहे हैं, लेकिन क्या उनके पास 10-12 लाख रुपए का भी कोई ठोस प्रमाण या रसीद है। बिजनेस में हर लेनदेन का कागजी सबूत होता है। सच तो यह है कि कंपनी में कोई बड़ी रकम लगाई ही नहीं। ​उल्टा, उनके परिवार ने हमसे कई बार कर्ज लिया। घर बनवाने और अन्य जरूरतों के नाम पर हमसे पैसे ऐंठे गए। हमारे पास उनके हस्ताक्षरित दस्तावेज और गवाह मौजूद हैं, जो यह साबित करते हैं कि हमने उन्हें लाखों रुपए दिए थे। उन्होंने हमें नहीं दिए। अगर उन्हें कागजों पर संदेह है। तो वे बेझिझक फॉरेंसिक जांच करा लें। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। पुलिस से मेरा आग्रह होगा कि मेरे पास जो प्रमाण है उसका फॉरेंसिक जांच करा लें कि हमने उन्हें पैसे दिए है या नहीं। मैंने न मारपीट की और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया इकबाल ने कहा कि कहा कि ​मुझ पर बदसलूकी और मारपीट के भी झूठे आरोप हैं। हमारे ऑफिस में 10 अगस्त की पूरी सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित है। उसमें साफ दिख रहा है कि मैंने कोई अभद्र भाषा या मारपीट नहीं की। अपनी साख और इज्जत बचाने के लिए मैं कानून का सहारा लेने जा रहा हूं।
​यह पूरा मामला एक सोची-समझी साजिश है। इकबाल हुसैन ने कहा कि जो लोग खुद दूसरों के पैसे हड़पने और गबन करने के मामलों में उलझे रहे हैं।
आरोप की जांच होगी- इंस्पेक्टर पुलिस के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है। रामपुर थाने के इंस्पेक्टर दिनेश बहादुर सिंह ने कहा है कि लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं, यह जांच के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस के सामने मुख्य सवाल महिला की ओर से किए गए 65 लाख रुपये के निवेश, 2.82 करोड़ रुपए के भुगतान के दावे, कंपनी में उनकी हिस्सेदारी और प्रस्तुत किए गए दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की सत्यता से जुड़ा है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।  

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