Tarique Rahman India Visit: बांग्लादेश PM के भारत दौरे की तारीख क्यों नहीं हुई तय? सामने आई वजह

Tarique Rahman India Visit: बांग्लादेश PM के भारत दौरे की तारीख क्यों नहीं हुई तय? सामने आई वजह

Bangladesh India Relations: बांग्लादेश और भारत के बीच प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को लेकर पिछले कई हफ्तों से बातचीत चल रही है। हालांकि, अभी तक यात्रा की तारीख तय नहीं हो पाई है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाहिदुल करीम ने रविवार को इसकी पुष्टि की। फरवरी में प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद यह तारिक रहमान की पहली द्विपक्षीय भारत यात्रा होगी।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों देशों के अधिकारी यात्रा की संभावनाओं को लेकर लगातार संपर्क में हैं। हालांकि, हाल के घटनाक्रमों के कारण बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। खास तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की 5 अगस्त को नई दिल्ली से हुई खुली प्रेस वार्ता को लेकर ढाका ने नाराजगी जताई है।

करीम ने कहा कि शेख हसीना की इस वार्ता के बाद बांग्लादेश ने भारत के सामने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि शेख हसीना को बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में दोषी ठहराया है।

शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग

बांग्लादेश लगातार भारत से शेख हसीना के प्रत्यर्पण से जुड़े लंबित अनुरोधों पर कार्रवाई करने की मांग कर रहा है। इसके अलावा, ढाका ने शहीद शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को भी द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि के तहत बांग्लादेश को सौंपने का अनुरोध किया है।

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा कि शेख हसीना की वर्चुअल वार्ता ने दोनों देशों के बीच जारी संवाद को प्रभावित किया है। यह कार्यक्रम 2024 में उनके सत्ता से हटने की दूसरी बरसी के मौके पर ‘फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया’ द्वारा आयोजित किया गया था।

भारत ने कार्यक्रम से किया किनारा

भारत ने शेख हसीना के कार्यक्रम से खुद को अलग करते हुए स्पष्ट किया है कि इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह कार्यक्रम एक निजी मीडिया संस्था द्वारा आयोजित किया गया था। भारत सरकार वहां व्यक्त किए गए किसी भी विचार का समर्थन नहीं करती। उन्होंने कहा कि सरकार का इस कार्यक्रम से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं था।

‘बांग्लादेश फर्स्ट’ नीति पर जोर

बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शाहिदुल करीम ने कहा कि ढाका अपनी ‘बांग्लादेश फर्स्ट’ नीति के तहत अन्य देशों, खासकर पड़ोसी देशों के साथ संबंध मजबूत करना चाहता है। उन्होंने कहा कि द्विपक्षीय रिश्ते संप्रभु समानता, राष्ट्रीय गरिमा, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने और पारस्परिक लाभ के आधार पर आगे बढ़ाए जाएंगे।

इस बीच, भारत और बांग्लादेश के बीच उच्चस्तरीय संपर्क जारी है। बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इससे पहले, उन्होंने ढाका में प्रधानमंत्री तारिक रहमान से भी मुलाकात कर दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की थी।

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