मीठापुर-महुली एलिवेटेड रोड बनकर तैयार, 15 मिनट में पुनपुन:1000 करोड़ से बनने वाला एलिवेटेड फ्लाईओवर कैसा, गयाजी जाने में कितना समय बचेगा, पढ़िए रिपोर्ट

मीठापुर-महुली एलिवेटेड रोड बनकर तैयार, 15 मिनट में पुनपुन:1000 करोड़ से बनने वाला एलिवेटेड फ्लाईओवर कैसा, गयाजी जाने में कितना समय बचेगा, पढ़िए रिपोर्ट

पटना में एलिवेटेड सड़कों का जाल बिछ गया है। किसी भी इलाके में चले जाइए तीन-चार किलोमीटर में कोई न कोई फ्लाईओवर या एलिवेटेड सड़क मिल जाएगी। राजधानी में 8 एलिवेटेड रोड/फ्लाइओवर चालू हैं। इसमें मीठापुर-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर भी जुड़ने वाला है। मीठापुर से सिपारा तक इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इस रोड से आप मात्र 15 मिनट में पटना जंक्शन से पुनपुन पहुंच जाएंगे। पटना से गयाजी जाने में करीब डेढ़ घंटा लगेगा। अभी दो घंटे तक लगते हैं। मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर क्यों खास है? इसके चालू होने से क्या फायदे होंगे? मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर की क्या स्थिति है? पढ़िए रिपोर्ट..। 4 लेन का है मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर फोर लेन मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर से पटना के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से को सीधी व बेहतर कनेक्टिविटी मिलने वाली है। इस नए कॉरिडोर में मीठापुर के एजुकेशन हब वाले इलाके से रामगोविंद सिंह महुली हाल्ट तक 8.86 किमी लंबे फोर लेन एलिवेटेड रोड का लोकार्पण हो चुका है। इसे तैयार करने में 1030.59 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। फेज-2 में मीठापुर-सिपारा-महुली-पुनपुन रेलवे लाइन के पूरब मीठापुर से सिपारा तक 4 लेन एलिवेटेड रोड बन कर तैयार है। इसमें सिपारा में टू वे आरओबी भी शामिल है। 60 km/h की स्पीड तक चला सकेंगे कार महुली हाल्ट से पुनपुन लक्ष्मण झूला तक 4 लेन एलिवेटेड रोड की लंबाई 2.20 किमी है। क्यों खास है मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर? मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार करने में बिहार में पहली बार अल्ट्रा हाई परफॉर्मेंस फाइबर रिइंफोर्सड कंक्रीट (UHPFRC) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इससे 64 मीटर लंबे स्पैन बनाए गए हैं। इसका एलाइनमेंट रेलवे ट्रैक के समानांतर रखा गया है। दोनों ओर ऊंचाई वाले गार्ड लगाए गए हैं। इसके ऊपर साउंड बैरियर भी लगाया गया है। स्ट्रीट लाइट, एक्सटेंशन ज्वाइंट, स्ट्रीट लाइट, रोड मार्किंग यानी लगभग सभी कार्य पूरा हो गया है। दानापुर से बिहटा तक बन रहा 25 km लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर इसके बाद पटना वासियों को दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर के पूरा होना का इंतजार है। इसकी लंबाई 25 किमी होगी। आधा से अधिक काम हो गया है। यह पटना के दानापुर रेलवे स्टेशन से शुरू होकर बिहटा और कोइलवर तक जाएगा। दानापुर के पास आरओबी और डबल डेकर ब्रिज जैसे स्ट्रक्चर के जरिए जुड़ेगा। दानापुर स्टेशन के पास 4, नेऊरागंज में 2 और बिहटा एयरपोर्ट से कोइलवर तक एक रैंप बन रहा। दानापुर वाले रैंप की ऊंचाई 25 मीटर होगी। इस पूरे कॉरिडोर में 389 पीलर होंगे। इसे तैयार करने में 1969 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। कॉरिडोर से एम्स से लेकर आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। पटना से यूपी और दिल्ली की दूरी कम होगी। जून 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। पटना में एलिवेटेड सड़कों का जाल बिछ गया है। किसी भी इलाके में चले जाइए तीन-चार किलोमीटर में कोई न कोई फ्लाईओवर या एलिवेटेड सड़क मिल जाएगी। राजधानी में 8 एलिवेटेड रोड/फ्लाइओवर चालू हैं। इसमें मीठापुर-महुली एलिवेटेड कॉरिडोर भी जुड़ने वाला है। मीठापुर से सिपारा तक इसका निर्माण कार्य पूरा हो गया है। इस रोड से आप मात्र 15 मिनट में पटना जंक्शन से पुनपुन पहुंच जाएंगे। पटना से गयाजी जाने में करीब डेढ़ घंटा लगेगा। अभी दो घंटे तक लगते हैं। मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर क्यों खास है? इसके चालू होने से क्या फायदे होंगे? मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर की क्या स्थिति है? पढ़िए रिपोर्ट..। 4 लेन का है मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर फोर लेन मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर से पटना के दक्षिणी और पूर्वी हिस्से को सीधी व बेहतर कनेक्टिविटी मिलने वाली है। इस नए कॉरिडोर में मीठापुर के एजुकेशन हब वाले इलाके से रामगोविंद सिंह महुली हाल्ट तक 8.86 किमी लंबे फोर लेन एलिवेटेड रोड का लोकार्पण हो चुका है। इसे तैयार करने में 1030.59 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। फेज-2 में मीठापुर-सिपारा-महुली-पुनपुन रेलवे लाइन के पूरब मीठापुर से सिपारा तक 4 लेन एलिवेटेड रोड बन कर तैयार है। इसमें सिपारा में टू वे आरओबी भी शामिल है। 60 km/h की स्पीड तक चला सकेंगे कार महुली हाल्ट से पुनपुन लक्ष्मण झूला तक 4 लेन एलिवेटेड रोड की लंबाई 2.20 किमी है। क्यों खास है मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर? मीठापुर- महुली एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार करने में बिहार में पहली बार अल्ट्रा हाई परफॉर्मेंस फाइबर रिइंफोर्सड कंक्रीट (UHPFRC) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है। इससे 64 मीटर लंबे स्पैन बनाए गए हैं। इसका एलाइनमेंट रेलवे ट्रैक के समानांतर रखा गया है। दोनों ओर ऊंचाई वाले गार्ड लगाए गए हैं। इसके ऊपर साउंड बैरियर भी लगाया गया है। स्ट्रीट लाइट, एक्सटेंशन ज्वाइंट, स्ट्रीट लाइट, रोड मार्किंग यानी लगभग सभी कार्य पूरा हो गया है। दानापुर से बिहटा तक बन रहा 25 km लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर इसके बाद पटना वासियों को दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर के पूरा होना का इंतजार है। इसकी लंबाई 25 किमी होगी। आधा से अधिक काम हो गया है। यह पटना के दानापुर रेलवे स्टेशन से शुरू होकर बिहटा और कोइलवर तक जाएगा। दानापुर के पास आरओबी और डबल डेकर ब्रिज जैसे स्ट्रक्चर के जरिए जुड़ेगा। दानापुर स्टेशन के पास 4, नेऊरागंज में 2 और बिहटा एयरपोर्ट से कोइलवर तक एक रैंप बन रहा। दानापुर वाले रैंप की ऊंचाई 25 मीटर होगी। इस पूरे कॉरिडोर में 389 पीलर होंगे। इसे तैयार करने में 1969 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं। कॉरिडोर से एम्स से लेकर आईआईटी और एनआईटी जैसे संस्थानों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। पटना से यूपी और दिल्ली की दूरी कम होगी। जून 2027 तक निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।  

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