सहारनपुर में 30 फुट गड्ढे में गिरे ताऊ और भतीजा…मौत:ईंट निकालते समय अचानक खिसकी ढांग, राजेंद्र को मलबे से मृत निकाला, भतीजे गौरव की तलाश जारी

सहारनपुर में 30 फुट गड्ढे में गिरे ताऊ और भतीजा…मौत:ईंट निकालते समय अचानक खिसकी ढांग, राजेंद्र को मलबे से मृत निकाला, भतीजे गौरव की तलाश जारी

सहारनपुर में थाना बड़गांव क्षेत्र के गांव चिराऊ में शनिवार को नलकूप के करीब बने करीब 30 फुट गहरे गड्ढे से ईंट निकालते समय बड़ा हादसा हो गया। अचानक मिट्टी की ढांग भरभराकर नीचे आ गई। इसकी चपेट में आकर एक बच्चे समेत दो लोग मलबे में दब गए। हादसे के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू किया। जानकारी के अनुसार, चिराऊ निवासी राजेंद्र पुत्र प्रहलाद नलकूप के गड्ढे से ईंट निकाल रहे थे। इसी दौरान उनके छोटे भाई कुलदीप का 12 वर्षीय बेटा गौरव गड्ढे की ढांग पर बैठा हुआ था। अचानक मिट्टी का बड़ा हिस्सा खिसक गया और राजेंद्र तथा गौरव दोनों गड्ढे में जा गिरे। देखते ही देखते दोनों मिट्टी के मलबे में दब गए। घंटों की मशक्कत के बाद राजेंद्र को निकाला, नहीं बच सकी जान हादसे के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य शुरू किया। जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया। काफी मशक्कत के बाद राजेंद्र को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन उनकी हालत गंभीर थी। बाद में उनकी मौत हो गई। वहीं, 12 वर्षीय गौरव अभी मलबे में दबा बताया जा रहा है और उसकी तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान जारी है। मिट्टी का दबाव अधिक, रेस्क्यू में आ रही परेशानी ग्रामीणों के मुताबिक, नलकूप का गड्ढा करीब 30 फुट गहरा है। मिट्टी लगातार खिसकने और गड्ढे में मलबे का दबाव अधिक होने के कारण रेस्क्यू टीम और ग्रामीणों को बचाव कार्य में लगातार मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। जेसीबी से मलबा हटाते समय भी सावधानी बरती जा रही है, ताकि अंदर दबे गौरव को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे। ग्रामीणों की भीड़ जुटी, पूर्व ब्लॉक प्रमुख भी मौके पर पहुंचे हादसे की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख ठाकुर अनिल सिंह भी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुट गए। ग्रामीण लगातार मलबा हटाने और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास में लगे हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लगाया लापरवाही का आरोप हादसे को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी दिखाई दी। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद काफी समय तक प्रशासनिक स्तर से देरी से मदद पहुंची। इसके बाद स्थानीय लोगों ने ही जेसीबी की व्यवस्था कर रेस्क्यू शुरू किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर पर्याप्त संसाधन और बचाव दल पहुंचता तो राहत कार्य तेजी से हो सकता था। गांव में चिंता का माहौल हादसे के बाद से चिराऊ गांव में मातम और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों की निगाहें लगातार रेस्क्यू अभियान पर टिकी हुई हैं। परिवार के लोग गौरव के सुरक्षित बाहर निकलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। मौके पर लोगों की भीड़ जमा है और बचाव कार्य लगातार जारी है।

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