ग्वालियर ससुराल में हुई सरेआम मारपीट और अपमान से आहत होकर किलागेट थाना क्षेत्र के मेवाती मोहल्ला (जगनापुरा) निवासी 27 वर्षीय समीर बैग (पुत्र सलीम बैग) ने खौफनाक कदम उठा लिया। पेशे से कारपेंटर समीर ने एक दरगाह पर बैठकर सल्फास की गोली खा ली। इलाज के दौरान शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात 1000 बिस्तर वाले अस्पताल में उसकी मौत हो गई। 4 साल से साडू के घर रह रही थी पत्नी मौत से पहले समीर ने पुलिस और तहसीलदार के सामने वीडियो रिकॉर्डिंग में अपनी पीड़ा बताई। उसने पत्नी सन्नो खान, साले शाहिद व आबिद खान और साडू शाकिर खान, फरजान खान व बल्लू खान को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। 7 साल पहले हुई थी शादी, 4 साल से चल रहा था विवाद परिवार के मुताबिक, समीर की शादी 7 साल पहले सन्नो खान से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं। शादी के कुछ महीनों बाद ही दंपती के बीच विवाद शुरू हो गया था। सन्नो पिछले 4 साल से अपने साडू शाकिर खान के घर रह रही थी। समीर जब भी उसे वापस लाने की कोशिश करता, उसे अपमानित होकर लौटना पड़ता था। शुक्रवार दोपहर करीब 11:45 बजे समीर एक बार फिर पत्नी को लेने ससुराल पहुंचा। आरोप है कि वहां मौजूद सालों और साडूओं ने उसके साथ मारपीट की। सरेराह हुई पिटाई और अपमान से वह मानसिक रूप से टूट गया। दरगाह पर खाई सल्फास की गोली, मां से कहा- मुझे माफ करना ससुराल से निकलने के बाद समीर सीधे घर नहीं गया। वह पास की एक दरगाह पर जाकर बैठ गया और सल्फास की गोली खा ली। कुछ देर बाद बदहवास हालत में घर पहुंचकर उसने मां को जहर खाने की बात बताई और कहा, ‘मुझे माफ करना।’ पिता सलीम बैग उसे गंभीर हालत में 1000 बिस्तर वाले अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज की कोशिश की, लेकिन शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात उसकी मौत हो गई। पुलिस बोली- जांच के आधार पर होगी कार्रवाई किलागेट थाने के एसआई बृजेश सिंह कछवाह ने बताया कि युवक के सल्फास खाने और इलाज के दौरान मौत होने का मामला सामने आया है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। शुरुआती जांच में मामला पारिवारिक विवाद और मारपीट से जुड़ा सामने आया है। फिलहाल मर्ग कायम किया गया है। मृतक के मरणासन्न बयान और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


