गयाजी जंक्शन पर शुक्रवार को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से दो यात्रियों को समय पर मेडिकल हेल्प मिली। पहली घटना में हार्ट अटैक से बेहोश हुए 45 साल के यात्री को RPF जवान ने सीपीआर (CPR) देकर उसकी जान बचाई। वहीं, दूसरी घटना में चलती ट्रेन से उतरने के दौरान घायल हुई एक महिला को तत्काल उपचार दिलाकर मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। पहली घटना गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 01C पर दूसरी गंभीर घटना हुई। RPF के उप निरीक्षक इन्द्र कुमार, सहायक उप निरीक्षक रामसेवक और प्रधान आरक्षी अनय कुमार ट्रेन संख्या 22304 को सुरक्षित पास कराने के लिए ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान एक 45 वर्षीय यात्री अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे हार्ट अटैक आया था। RPF जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए यात्री को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया। समय पर सीपीआर मिलने से यात्री की जान बच गई और उसे प्राथमिक उपचार के बाद आगे की चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। सीपीआर देने और ट्रेन से उतारे जाने की 3 तस्वीरें ट्रेन के कोच संख्या E2 के पास अचानक लड़खड़ाकर गिरा और बेहोश हुआ यात्री यात्री ट्रेन के कोच संख्या E2 के पास अचानक लड़खड़ाकर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। RPF जवानों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर यात्री की स्थिति जांची। यात्री को हार्ट अटैक आने की आशंका के बाद स्थिति बेहद गंभीर देखकर प्रधान आरक्षी अनय कुमार ने बिना समय गंवाए गोल्डन ऑवर में CPR देना शुरू किया। कुछ ही देर की कोशिश के बाद यात्री को होश आया। RPF की इस त्वरित कार्रवाई को यात्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद ऑन-ड्यूटी स्टेशन मास्टर को सूचना दी गई। करीब 3:10 बजे रेलवे अस्पताल गया की डॉक्टर निरूपमा मौके पर पहुंचीं। यात्री को रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। आधार कार्ड से हुई यात्री की पहचान मेडिकल जांच और कागजात की प्रक्रिया के दौरान यात्री के पास से आधार कार्ड मिला। इसके आधार पर उसकी पहचान सौरभ राय, उम्र करीब 45 वर्ष, पिता शंकर राय, पश्चिम बंगाल निवासी के रूप में हुई। उसके पास गया से हावड़ा तक का यात्रा टिकट भी मिला। RPF के अनुसार यात्री को मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर स्थित बेड पर भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी रहा। इलाज के बाद यात्री की स्थिति स्थिर बताई गई और वह बातचीत भी कर रहा था। सूचना मिलने पर उसके परिजन अस्पताल पहुंचे। इसके बाद यात्री को परिजनों की देखरेख में सौंप दिया गया। ‘गोल्डन ऑवर’ में CPR बना जीवनरक्षक RPF की ओर से बताया गया कि हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में तत्काल CPR मिलने से मरीज के बचने की संभावना बढ़ सकती है। प्रधान आरक्षी अनय कुमार ने समय रहते CPR देकर यात्री को प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता दी। RPF का कहना है कि यदि समय पर यात्री को CPR नहीं दिया जाता तो उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। प्लेटफॉर्म संख्या-1 के दिल्ली छोर पर घायल मिली महिला दूसरी घटना गयाजी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 के दिल्ली छोर पर हुई। प्रधान आरक्षी जीएन राय को सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 13435 मालदा टाउन-गोमती नगर अमृत भारत एक्सप्रेस से चलती हालत में उतरने के दौरान एक महिला के पैर में चोट लग गई है। सूचना मिलते ही RPF पोस्ट गया के उप निरीक्षक अजय तिग्गा, सहायक उप निरीक्षक अक्षयवर सिंह और अन्य जवान तत्काल मौके पर पहुंचे। RPF ने बिना देर किए ऑन-ड्यूटी स्टेशन मास्टर को सूचना दी और महिला के लिए मेडिकल सहायता की व्यवस्था कराई। रेलवे डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर महिला का प्राथमिक उपचार किया। महिला की हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। महिला नहीं बता पा रही नाम-पता, पहचान की कोशिश जारी RPF के अनुसार, महिला की उम्र करीब 25-26 वर्ष है। उसके पास कोई यात्रा टिकट, पहचान पत्र अथवा सामान नहीं मिला। पूछताछ करने पर महिला अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर भी नहीं बता पा रही थी। RPF के जवानों ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ और भिक्षावृत्ति की स्थिति में प्रतीत हो रही थी। उसकी पहचान और परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। गयाजी जंक्शन पर शुक्रवार को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से दो यात्रियों को समय पर मेडिकल हेल्प मिली। पहली घटना में हार्ट अटैक से बेहोश हुए 45 साल के यात्री को RPF जवान ने सीपीआर (CPR) देकर उसकी जान बचाई। वहीं, दूसरी घटना में चलती ट्रेन से उतरने के दौरान घायल हुई एक महिला को तत्काल उपचार दिलाकर मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर किया गया। पहली घटना गया जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर 01C पर दूसरी गंभीर घटना हुई। RPF के उप निरीक्षक इन्द्र कुमार, सहायक उप निरीक्षक रामसेवक और प्रधान आरक्षी अनय कुमार ट्रेन संख्या 22304 को सुरक्षित पास कराने के लिए ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान एक 45 वर्षीय यात्री अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे हार्ट अटैक आया था। RPF जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए यात्री को सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) दिया। समय पर सीपीआर मिलने से यात्री की जान बच गई और उसे प्राथमिक उपचार के बाद आगे की चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। सीपीआर देने और ट्रेन से उतारे जाने की 3 तस्वीरें ट्रेन के कोच संख्या E2 के पास अचानक लड़खड़ाकर गिरा और बेहोश हुआ यात्री यात्री ट्रेन के कोच संख्या E2 के पास अचानक लड़खड़ाकर गिर पड़ा और बेहोश हो गया। RPF जवानों ने तत्काल मौके पर पहुंचकर यात्री की स्थिति जांची। यात्री को हार्ट अटैक आने की आशंका के बाद स्थिति बेहद गंभीर देखकर प्रधान आरक्षी अनय कुमार ने बिना समय गंवाए गोल्डन ऑवर में CPR देना शुरू किया। कुछ ही देर की कोशिश के बाद यात्री को होश आया। RPF की इस त्वरित कार्रवाई को यात्री के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके बाद ऑन-ड्यूटी स्टेशन मास्टर को सूचना दी गई। करीब 3:10 बजे रेलवे अस्पताल गया की डॉक्टर निरूपमा मौके पर पहुंचीं। यात्री को रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। आधार कार्ड से हुई यात्री की पहचान मेडिकल जांच और कागजात की प्रक्रिया के दौरान यात्री के पास से आधार कार्ड मिला। इसके आधार पर उसकी पहचान सौरभ राय, उम्र करीब 45 वर्ष, पिता शंकर राय, पश्चिम बंगाल निवासी के रूप में हुई। उसके पास गया से हावड़ा तक का यात्रा टिकट भी मिला। RPF के अनुसार यात्री को मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के ग्राउंड फ्लोर स्थित बेड पर भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी रहा। इलाज के बाद यात्री की स्थिति स्थिर बताई गई और वह बातचीत भी कर रहा था। सूचना मिलने पर उसके परिजन अस्पताल पहुंचे। इसके बाद यात्री को परिजनों की देखरेख में सौंप दिया गया। ‘गोल्डन ऑवर’ में CPR बना जीवनरक्षक RPF की ओर से बताया गया कि हार्ट अटैक जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे समय में तत्काल CPR मिलने से मरीज के बचने की संभावना बढ़ सकती है। प्रधान आरक्षी अनय कुमार ने समय रहते CPR देकर यात्री को प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता दी। RPF का कहना है कि यदि समय पर यात्री को CPR नहीं दिया जाता तो उसकी जान को गंभीर खतरा हो सकता था। प्लेटफॉर्म संख्या-1 के दिल्ली छोर पर घायल मिली महिला दूसरी घटना गयाजी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 के दिल्ली छोर पर हुई। प्रधान आरक्षी जीएन राय को सूचना मिली कि गाड़ी संख्या 13435 मालदा टाउन-गोमती नगर अमृत भारत एक्सप्रेस से चलती हालत में उतरने के दौरान एक महिला के पैर में चोट लग गई है। सूचना मिलते ही RPF पोस्ट गया के उप निरीक्षक अजय तिग्गा, सहायक उप निरीक्षक अक्षयवर सिंह और अन्य जवान तत्काल मौके पर पहुंचे। RPF ने बिना देर किए ऑन-ड्यूटी स्टेशन मास्टर को सूचना दी और महिला के लिए मेडिकल सहायता की व्यवस्था कराई। रेलवे डॉक्टर ने मौके पर पहुंचकर महिला का प्राथमिक उपचार किया। महिला की हालत को देखते हुए डॉक्टर ने उसे बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेफर कर दिया। महिला नहीं बता पा रही नाम-पता, पहचान की कोशिश जारी RPF के अनुसार, महिला की उम्र करीब 25-26 वर्ष है। उसके पास कोई यात्रा टिकट, पहचान पत्र अथवा सामान नहीं मिला। पूछताछ करने पर महिला अपना नाम, पता और मोबाइल नंबर भी नहीं बता पा रही थी। RPF के जवानों ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ और भिक्षावृत्ति की स्थिति में प्रतीत हो रही थी। उसकी पहचान और परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।


