53 साल से कर रहे पद्मश्री का इंतजार, ऐलान करने के बाद फारुख इंजीनियर को भूल गई सरकार! BCCI लिखेगा चिट्ठी

53 साल से कर रहे पद्मश्री का इंतजार, ऐलान करने के बाद फारुख इंजीनियर को भूल गई सरकार! BCCI लिखेगा चिट्ठी

फारुख इंजीनियर को करीब 53 साल पहले यानी 1973 में पद्मश्री देने का ऐलान किया गया था, लेकिन 88 साल की उम्र में भी वह इस सम्मान का इंतजार कर रहे हैं। 

Farokh Engineer, Padma Shri, Indian cricketer: भारत के दिग्गज पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज फारुख इंजीनियर को पद्म श्री अवॉर्ड देने का ऐलान हुए आधी सदी से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन उन्हें अब तक इससे सम्मानित नहीं किया गया है। पूर्व विकेटकीपर ने इस बात का खुलासा खुद ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत के दौरान किया।

53 साल से नहीं मिला अवार्ड

इंजीनियर 1973 में जब भारतीय टीम का हिस्सा थे, तब उन्हें अखबारों के माध्यम से पता चला था कि उन्हें भारत सरकार की ओर से चौथा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान देने के लिए चुना गया है। लेकिन 53 साल बीत गए और उन्हें यह अवॉर्ड कभी मिला ही नहीं। इंग्लैंड में बस चुके इंजीनियर ने कहा कि उन्हें वह समय याद है जब इसकी घोषणा हुई थी और सभी ने उन्हें बधाई दी थी।

अवार्ड मिलने की बात अखबारों में छपी थी

इंजीनियर ने बताया, “जब अवॉर्ड की घोषणा हुई, तब मैं इंग्लैंड में खेल रहा था। हमारी टीम के मैनेजर हेमु अधिकारी ने मुझे बताया कि मुझे पद्म श्री मिल रहा है क्योंकि यह बात सभी अखबारों में छपी थी। लेकिन मुझे इस बारे में कोई सूचना या जानकारी नहीं मिली। मैं तब से ही अपने अवॉर्ड का इंतजार कर रहा हूँ।”

1973 की सूची में इंजीनियर का नाम

पद्म अवॉर्ड्स की वेबसाइट padmaawards.gov.in पर 1973 के अवॉर्ड पाने वालों की सूची में इंजीनियर का नाम है, लेकिन उसके बाद क्या हुआ, यह साफ नहीं है। इंजीनियर ने कहा, “उन दिनों जानकारी का एकमात्र जरिया अखबार ही थे। मैंने हेमु से कहा कि मुझे भारत सरकार से कोई सूचना नहीं मिली है, और उन्होंने कहा कि सरकार मुझे आधिकारिक तौर पर लिखेगी। लेकिन आज तक मुझे कोई जानकारी नहीं मिली है।”

एक सूत्र के मुताबिक, इस मामले के बारे में पता चलने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने सरकार को चिट्ठी लिखने की बात कही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक बीसीसीआई सरकार को एक पत्र लिखकर इंजीनियर की बात बताएगा। इंजीनियर ने कहा, “मुझे समझ नहीं आ रहा था कि किसे लिखूं, इसलिए बस सालों तक इंतजार करता रहा। मुझे लगा कि सरकार की तरफ से कोई मुझे फोन करके जानकारी देगा। मैंने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व BCCI उपाध्यक्ष अरुण जेटली जी को उनके निधन से पहले इस बारे में बताया था। हाल ही में मैंने ICC चेयरमैन जय शाह को पत्र लिखा। पिछले महीने उन्होंने कहा कि वे मेरी मदद करेंगे। अब 50 साल से ज्यादा हो चुके हैं। मुझे लगा कि क्यों न एक बार फिर कोशिश की जाए।”

​Sports – Patrika | CMS

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *