Indonesian Army Training Graduation Emotional Video: सोशल मीडिया पर इंडोनेशियाई सेना के एक प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन का एक भावुक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में प्रशिक्षण पूरा करने वाले जवान अपने परिवार और प्रियजनों के साथ खुशी मनाते नजर आ रहे हैं। लेकिन इसी बीच एक जवान ऐसा भी दिखाई देता है, जिसके पास उसे बधाई देने या गले लगाने वाला कोई अपना मौजूद नहीं था।
वीडियो में आसपास मौजूद अन्य सैनिकों को उनके माता-पिता, साथी और रिश्तेदार खुशी से मिलते दिखाई देते हैं, जबकि यह जवान कुछ दूरी पर अकेला खड़ा नजर आता है। चारों ओर जश्न के माहौल के बीच उसकी खामोशी और अकेलापन लोगों को भावुक कर देता है।
इसी दौरान जवान के कमांडर की नजर उस पर पड़ती है। वह उसकी ओर बढ़ते हैं और उसे गले लगा लेते हैं। जवान पहले अपनी भावनाओं को रोकने की कोशिश करता है, लेकिन कमांडर के गले लगते ही वह फूट-फूटकर रो पड़ता है।
कमांडर का यह छोटा-सा अपनापन सोशल मीडिया यूजर्स के दिल को छू गया। बिना कुछ कहे उस गले मिलने ने जवान को यह एहसास कराया कि वह अकेला नहीं है और उसके साथी भी उसके परिवार की तरह उसके साथ खड़े हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो पर लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए अनुभव भी शेयर किए हैं।
वीडियो पर एक यूजर ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं उस एहसास को समझता हूँ… 1996 में मेरी मार्च-आउट परेड में मेरे परिवार या दोस्तों में से कोई भी नहीं आया था। वह मेरी ज़िंदगी का सबसे अच्छा और सबसे बुरा दिन था।
एक अन्य यूजर ने अपने बचपन को याद करते हुए बताया कि वह हॉस्टल में हर सप्ताहांत अपनी मां का इंतजार करता था। लेकिन मां केवल दो-तीन महीने में एक बार ही आ पाती थीं, जबकि दूसरे बच्चों के माता-पिता उनके लिए खाना लेकर आते और पूरा रविवार उनके साथ बिताते थे।
हालांकि, कुछ यूजर्स ने यह भी कहा कि समारोह में परिवार के मौजूद न होने का मतलब यह जरूरी नहीं कि जवान को उसके परिवार ने छोड़ दिया हो। इंडोनेशिया एक विशाल द्वीपसमूह वाला देश है और संभव है कि उसका परिवार समारोह स्थल से बहुत दूर रहता हो। यात्रा और रहने का खर्च भी परिवार के लिए मुश्किल हो सकता है।
एक यूजर ने जवान को हौसला देते हुए कहा कि उसे धैर्य रखना चाहिए, क्योंकि सेना में उसके साथी भी उसके भाई और परिवार की तरह हैं।
सोशल मीडिया पर लाखों लोगों ने इस वीडियो को देखा है। हालांकि इसके वास्तविक स्त्रोत और जवान की वास्तविक परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। इसके बावजूद कमांडर का वह भावुक आलिंगन सोशल मीडिया पर इंसानियत, अपनापन और साथ खड़े रहने की एक मार्मिक मिसाल बन गया है।



