Batwara 1947 Review: सनी देओल, प्रीति जिंटा और शबाना आजमी की फिल्म ‘बंटवारा 1947’ आज सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। फिल्म में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के दर्द और पीड़ा को दिखाया गया है। पर्दे पर जज्बातों से भरी इस कहानी ने फैंस को काफी इमोशनल कर दिया है। हालांकि इस कहानी में अगर हम ये कहें कि सनी देओल ने काम नहीं किया है तो आप क्या सोचेंगे? जी हां, इस फिल्म में अभिनेता के तौर पर सनी देओल नजर नहीं आ रहे हैं।
धर्मेंद्र के बेटे के तौर पर दिख रहे सनी
दरअसल जब फिल्म की शुरुआत होती है तो क्रेडिट प्लेट में सनी देओल के नाम के आगे धर्मेंद्र का बेटा लिखा आता है। कुछ समय पहले ही धर्मेंद्र का निधन हुआ है और इस फिल्म के जरिए कहीं ना कहीं उन्होंने अपने पिता को श्रद्धांजलि देने की कोशिश की है। वहीं इस फिल्म में धर्मेंद्र की ही हीरोइन रही शबाना आजमी के साथ उनके कई सीन्स भी मौजूद हैं।
शबाना आजमी के साथ सनी के दमदार सीन्स
इस फिल्म में सनी देओल ने शबाना आजमी के साथ एक के बाद एक कई दमदार सीन्स दिए हैं। एक सीन तो इतना पावरफुल और दमदार है जिसे देखने के बाद हर कोई इमोशनल हो जाता है। फिल्म का क्लाइमैक्स सीन जहां शबाना आजमी के किरदार को हवेली से बाहर निकालकर घर से बाहर घसीटा जाता है और उसके बाद ‘सिकंदर’ जिस तरह से माई को गले लगाता है, उसे देखकर हर कोई इमोशनल हो जाता है।



