चीन में फंसे यश की सुरक्षित वापसी की बढ़ी उम्मीद:कांसुलर अधिकारी ने की मुलाकात, करीब 35 मिनट तक हुई बातचीत; मां का संदेश पहुंचाया

चीन में फंसे यश की सुरक्षित वापसी की बढ़ी उम्मीद:कांसुलर अधिकारी ने की मुलाकात, करीब 35 मिनट तक हुई बातचीत; मां का संदेश पहुंचाया

चीन के शंघाई स्थित डिटेंशन सेंटर में करीब पांच महीने से बंद मर्चेंट नेवी अधिकारी यश सिंह की सुरक्षित भारत वापसी की उम्मीद अब बढ़ गई है। गुरुवार को भारतीय कांसुलर अधिकारी अभि शर्मा ने यश से करीब 35 मिनट तक मुलाकात की। इस दौरान यश की स्थिति, उनके स्वास्थ्य और उनकी रिहाई के लिए अब तक किए गए प्रयासों को लेकर बातचीत हुई। कांसुलर अधिकारी ने यश तक उनकी मां निशी रानी का संदेश भी पहुंचाया। कांसुलर अधिकारी ने बताया- स्वस्थ हैं यश मुलाकात के बाद कांसुलर अधिकारी अभि शर्मा ने परिवार को बताया कि यश स्वस्थ हैं और उनके खान-पान का भी ध्यान रखा जा रहा है। शिपिंग कंपनी की ओर से भी उनकी जरूरतों का ख्याल रखा जा रहा है। समय बिताने के लिए अंग्रेजी की एक किताब मंगाई है। उन्हें दिन में एक बार टीवी पर समाचार देखने की अनुमति भी दी जा रही है। कांसुलर अधिकारी के मुताबिक, यश ने मुलाकात के दौरान किसी तरह की आपत्तिजनक बात नहीं बताई। यश ने अपनी रिहाई के लिए अब तक किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी मांगी। इस पर कांसुलर अधिकारी ने उन्हें अब तक की कार्रवाई और आगे किए जाने वाले प्रयासों के बारे में जानकारी दी। शिपिंग कंपनी ने जमा किया जुर्माना, रिहाई की आस बताया गया कि शिपिंग कंपनी की ओर से जुर्माने की राशि भी जमा कर दी गई है। इसके बाद परिवार को यश की जल्द रिहाई की उम्मीद और मजबूत हुई है। करीब पांच महीने से बेटे की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रही मां निशी रानी को कांसुलर मुलाकात की जानकारी से राहत मिली है। यश की रिहाई के लिए भारतीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी लगातार प्रयास कर रहे हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री सह सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी ने विदेश राज्य मंत्री को पत्र लिखकर यश की रिहाई और सुरक्षित भारत वापसी के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की थी। फरवरी में चीन में हिरासत में लिए गए थे यश यश सिंह मुंबई की एक शिपिंग कंपनी में ऑर्डिनरी सीमन (ओएस) के पद पर कार्यरत हैं। फरवरी में तकनीकी खराबी के कारण उनका जहाज चीन के शंघाई स्थित जियांग्सू पोर्ट पर रुका था। 28 फरवरी को आवश्यक सामान खरीदने के लिए तटवर्ती शहर जाने के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति से उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद चीनी पुलिस ने यश को हिरासत में ले लिया। शिपिंग कंपनी ने 3 मार्च को ई-मेल के माध्यम से परिवार को यश की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। तब से वह चीन के डिटेंशन सेंटर में बंद हैं। अब कांसुलर अधिकारी से मुलाकात और जुर्माने की राशि जमा होने के बाद परिवार उनकी जल्द और सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहा है। चीन के शंघाई स्थित डिटेंशन सेंटर में करीब पांच महीने से बंद मर्चेंट नेवी अधिकारी यश सिंह की सुरक्षित भारत वापसी की उम्मीद अब बढ़ गई है। गुरुवार को भारतीय कांसुलर अधिकारी अभि शर्मा ने यश से करीब 35 मिनट तक मुलाकात की। इस दौरान यश की स्थिति, उनके स्वास्थ्य और उनकी रिहाई के लिए अब तक किए गए प्रयासों को लेकर बातचीत हुई। कांसुलर अधिकारी ने यश तक उनकी मां निशी रानी का संदेश भी पहुंचाया। कांसुलर अधिकारी ने बताया- स्वस्थ हैं यश मुलाकात के बाद कांसुलर अधिकारी अभि शर्मा ने परिवार को बताया कि यश स्वस्थ हैं और उनके खान-पान का भी ध्यान रखा जा रहा है। शिपिंग कंपनी की ओर से भी उनकी जरूरतों का ख्याल रखा जा रहा है। समय बिताने के लिए अंग्रेजी की एक किताब मंगाई है। उन्हें दिन में एक बार टीवी पर समाचार देखने की अनुमति भी दी जा रही है। कांसुलर अधिकारी के मुताबिक, यश ने मुलाकात के दौरान किसी तरह की आपत्तिजनक बात नहीं बताई। यश ने अपनी रिहाई के लिए अब तक किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी मांगी। इस पर कांसुलर अधिकारी ने उन्हें अब तक की कार्रवाई और आगे किए जाने वाले प्रयासों के बारे में जानकारी दी। शिपिंग कंपनी ने जमा किया जुर्माना, रिहाई की आस बताया गया कि शिपिंग कंपनी की ओर से जुर्माने की राशि भी जमा कर दी गई है। इसके बाद परिवार को यश की जल्द रिहाई की उम्मीद और मजबूत हुई है। करीब पांच महीने से बेटे की सुरक्षित वापसी का इंतजार कर रही मां निशी रानी को कांसुलर मुलाकात की जानकारी से राहत मिली है। यश की रिहाई के लिए भारतीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि भी लगातार प्रयास कर रहे हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री सह सांसद डॉ. राजभूषण चौधरी ने विदेश राज्य मंत्री को पत्र लिखकर यश की रिहाई और सुरक्षित भारत वापसी के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की थी। फरवरी में चीन में हिरासत में लिए गए थे यश यश सिंह मुंबई की एक शिपिंग कंपनी में ऑर्डिनरी सीमन (ओएस) के पद पर कार्यरत हैं। फरवरी में तकनीकी खराबी के कारण उनका जहाज चीन के शंघाई स्थित जियांग्सू पोर्ट पर रुका था। 28 फरवरी को आवश्यक सामान खरीदने के लिए तटवर्ती शहर जाने के दौरान एक स्थानीय व्यक्ति से उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों के बीच झड़प हुई, जिसके बाद चीनी पुलिस ने यश को हिरासत में ले लिया। शिपिंग कंपनी ने 3 मार्च को ई-मेल के माध्यम से परिवार को यश की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। तब से वह चीन के डिटेंशन सेंटर में बंद हैं। अब कांसुलर अधिकारी से मुलाकात और जुर्माने की राशि जमा होने के बाद परिवार उनकी जल्द और सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहा है।  

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