ब्यूटी पार्लर में सेक्स रैकेट; 5000 में फुल बॉडी मसाज:कस्टमर को फोटो भेजकर डील करते; झांसा देकर बंगाल से बुलाते थे लड़कियां

ब्यूटी पार्लर में सेक्स रैकेट; 5000 में फुल बॉडी मसाज:कस्टमर को फोटो भेजकर डील करते; झांसा देकर बंगाल से बुलाते थे लड़कियां

मुजफ्फरपुर में ब्यूटी पार्लर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। 2 ब्यूटी पार्लर से 12 महिलाएं और एक पुरुष को पकड़ा गया है। ये गिरोह सेक्स रैकेट में नाबालिग लड़कियों का भी इस्तेमाल करते थे। फुल बॉडी मसाज के नाम पर कस्टमर से 5000 तक लिए जाते थे। बताया जाता है कि गिरोह के लोग पहले लड़कियों की तस्वीर कस्टमर को भेजते थे। उसके बाद डील डन होने पर ब्यूटी पार्लर बुलाते थे। ये लोग बंगाल और बिहार के अन्य जिलों से लड़कियों को काम झांसा देकर यहां बुलाते थे। बीच शहर चल रहे सेक्स रैकेट तक पुलिस कैसे पहुंची, क्या क्लू मिला, ये लोग कैसे नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाते थे। पढ़िए पूरी खबर… दरअसल मामले की शुरुआत जिले के पानापुर करियात थाना क्षेत्र से एक नाबालिग के लापता होने के बाद हुई। पुलिस के अनुसार, बच्ची की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए बेंगलुरु के एक युवक से दोस्ती हुई थी। 12 जुलाई को वह युवक से मिलने के लिए घर से निकली और मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इसी दौरान स्टेशन के पास उसकी मुलाकात संजय साह उर्फ सूरज साह से हुई। पुलिस के अनुसार, संजय ने बच्ची को झांसा देकर अपने साथ ले आया और उसे देह व्यापार के नेटवर्क में धकेल दिया। बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों ने उसी दिन पानापुर करियात थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में थाना कांड संख्या 126/26 दर्ज कर विशेष टीम ने जांच शुरू की। संजय की गिरफ्तारी के बाद मिला पार्लर का सुराग पुलिस ने जांच के बाद संजय साह को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस टीम ने काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, वहां से लापता नाबालिग को बरामद किया गया। पूछताछ में बच्ची ने बताया कि उसे काम दिलाने के बहाने ब्यूटी पार्लर में लाया गया था। इसके बाद उसे बंधक बनाकर उसके कस्टमर के पास भेजा जाने लगा। बच्ची से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने दूसरे ठिकानों पर पहुंची। नया टोला के पार्लर से दूसरी नाबालिग मिली पहली बच्ची की निशानदेही पर पुलिस टीम ने काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के नया टोला स्थित एक पार्लर में छापेमारी की। यहां से माया देवी और पूनम देवी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, मौके से आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए। इसी पार्लर से एक दूसरी नाबालिग बच्ची को भी मुक्त कराया गया। पुलिस ने दूसरी बच्ची से भी पूछताछ की। उससे मिली जानकारी के आधार पर शहर के अन्य ब्यूटी पार्लरों में छापेमारी की गई। कटही पुल रोड और पुराने धर्मशाला चौक के पार्लरों में छापा पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार माया देवी से पूछताछ के बाद नगर थाना क्षेत्र के कटही पुल रोड और पुराने धर्मशाला चौक के आसपास स्थित तीन अलग-अलग पार्लरों में छापेमारी की गई। यहां से 9 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूरी कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 12 हो गई। इनमें संजय साह, माया देवी, पूनम देवी, सोनी देवी, रीना देवी, सुलेखा कुमारी, बिला दास, सुमंती देवी, मर्जीना खातून, चिंता देवी, किरण देवी और पूजा देवी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का संबंध मुजफ्फरपुर के अलावा जलपाईगुड़ी, वैशाली और सीतामढ़ी समेत अलग-अलग इलाकों से है। अब पुलिस इनके आपसी संपर्क और पार्लरों के बीच नेटवर्क की कड़ी खंगाल रही है। मास्टरमाइंड तक पहुंचने में जुटी पुलिस एसडीपीओ पश्चिमी-01 सुचित्रा कुमारी ने बताया कि नाबालिग के लापता होने के मामले की जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए दो नाबालिगों को मुक्त कराया गया और 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में अनुसंधान अभी जारी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने के साथ यह भी पता लगा रही है कि यह नेटवर्क सिर्फ मुजफ्फरपुर तक सीमित था या इसके तार दूसरे जिलों और राज्यों से भी जुड़े हैं। मुजफ्फरपुर में ब्यूटी पार्लर की आड़ में चल रहे देह व्यापार के नेटवर्क का पुलिस ने खुलासा किया है। 2 ब्यूटी पार्लर से 12 महिलाएं और एक पुरुष को पकड़ा गया है। ये गिरोह सेक्स रैकेट में नाबालिग लड़कियों का भी इस्तेमाल करते थे। फुल बॉडी मसाज के नाम पर कस्टमर से 5000 तक लिए जाते थे। बताया जाता है कि गिरोह के लोग पहले लड़कियों की तस्वीर कस्टमर को भेजते थे। उसके बाद डील डन होने पर ब्यूटी पार्लर बुलाते थे। ये लोग बंगाल और बिहार के अन्य जिलों से लड़कियों को काम झांसा देकर यहां बुलाते थे। बीच शहर चल रहे सेक्स रैकेट तक पुलिस कैसे पहुंची, क्या क्लू मिला, ये लोग कैसे नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाते थे। पढ़िए पूरी खबर… दरअसल मामले की शुरुआत जिले के पानापुर करियात थाना क्षेत्र से एक नाबालिग के लापता होने के बाद हुई। पुलिस के अनुसार, बच्ची की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए बेंगलुरु के एक युवक से दोस्ती हुई थी। 12 जुलाई को वह युवक से मिलने के लिए घर से निकली और मुजफ्फरपुर रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इसी दौरान स्टेशन के पास उसकी मुलाकात संजय साह उर्फ सूरज साह से हुई। पुलिस के अनुसार, संजय ने बच्ची को झांसा देकर अपने साथ ले आया और उसे देह व्यापार के नेटवर्क में धकेल दिया। बच्ची के लापता होने के बाद परिजनों ने उसी दिन पानापुर करियात थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मामले में थाना कांड संख्या 126/26 दर्ज कर विशेष टीम ने जांच शुरू की। संजय की गिरफ्तारी के बाद मिला पार्लर का सुराग पुलिस ने जांच के बाद संजय साह को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी और उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस टीम ने काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी की। पुलिस के अनुसार, वहां से लापता नाबालिग को बरामद किया गया। पूछताछ में बच्ची ने बताया कि उसे काम दिलाने के बहाने ब्यूटी पार्लर में लाया गया था। इसके बाद उसे बंधक बनाकर उसके कस्टमर के पास भेजा जाने लगा। बच्ची से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने दूसरे ठिकानों पर पहुंची। नया टोला के पार्लर से दूसरी नाबालिग मिली पहली बच्ची की निशानदेही पर पुलिस टीम ने काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के नया टोला स्थित एक पार्लर में छापेमारी की। यहां से माया देवी और पूनम देवी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, मौके से आपत्तिजनक सामान भी बरामद किए गए। इसी पार्लर से एक दूसरी नाबालिग बच्ची को भी मुक्त कराया गया। पुलिस ने दूसरी बच्ची से भी पूछताछ की। उससे मिली जानकारी के आधार पर शहर के अन्य ब्यूटी पार्लरों में छापेमारी की गई। कटही पुल रोड और पुराने धर्मशाला चौक के पार्लरों में छापा पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार माया देवी से पूछताछ के बाद नगर थाना क्षेत्र के कटही पुल रोड और पुराने धर्मशाला चौक के आसपास स्थित तीन अलग-अलग पार्लरों में छापेमारी की गई। यहां से 9 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूरी कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 12 हो गई। इनमें संजय साह, माया देवी, पूनम देवी, सोनी देवी, रीना देवी, सुलेखा कुमारी, बिला दास, सुमंती देवी, मर्जीना खातून, चिंता देवी, किरण देवी और पूजा देवी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों का संबंध मुजफ्फरपुर के अलावा जलपाईगुड़ी, वैशाली और सीतामढ़ी समेत अलग-अलग इलाकों से है। अब पुलिस इनके आपसी संपर्क और पार्लरों के बीच नेटवर्क की कड़ी खंगाल रही है। मास्टरमाइंड तक पहुंचने में जुटी पुलिस एसडीपीओ पश्चिमी-01 सुचित्रा कुमारी ने बताया कि नाबालिग के लापता होने के मामले की जांच के दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। इसके आधार पर कार्रवाई करते हुए दो नाबालिगों को मुक्त कराया गया और 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में अनुसंधान अभी जारी है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगालने के साथ यह भी पता लगा रही है कि यह नेटवर्क सिर्फ मुजफ्फरपुर तक सीमित था या इसके तार दूसरे जिलों और राज्यों से भी जुड़े हैं।  

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