बक्सर में जीविका दीदियां बना रहीं 44 हजार झंडे:हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियां तेज, महिलाओं को सशक्त बनाना उद्देश्य

बक्सर में जीविका दीदियां बना रहीं 44 हजार झंडे:हर घर तिरंगा अभियान की तैयारियां तेज, महिलाओं को सशक्त बनाना उद्देश्य

स्वतंत्रता दिवस से पहले बक्सर जिले में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस अभियान के तहत तिरंगे की मांग पूरी करने की जिम्मेदारी अब जीविका दीदियों के हाथों में है। जीविका समूहों से जुड़ी महिलाएं दिन-रात राष्ट्रीय ध्वज बनाने में जुटी हैं। जिले के विभिन्न प्रखंडों में वितरण के लिए कुल 44 हजार झंडे तैयार किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य केवल तिरंगा फहराना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को निर्माण कार्य से जोड़कर स्थानीय रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराना है। झंडों के निर्माण से लेकर उन्हें प्रखंड स्तर तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया जीविका के माध्यम से संचालित की जा रही है। 4 हजार तिरंगे उपलब्ध कराने की योजना जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) दयानिधि चौबे ने बताया कि जिले के प्रत्येक प्रखंड के लिए चार हजार तिरंगे उपलब्ध कराने की योजना है। जीविका से जुड़ी महिलाएं निर्धारित मानकों के अनुसार झंडे तैयार कर रही हैं। निर्माण पूरा होने के बाद इन झंडों को संबंधित प्रखंडों में भेजा जाएगा, जहां जिलाधिकारी के निर्देशानुसार इन्हें लोगों तक पहुंचाया जाएगा। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर पूरे बिहार में बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। राज्य के 534 प्रखंडों में न्यूनतम चार हजार झंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रकार, राज्यभर में लगभग 21.36 लाख तिरंगे तैयार कर वितरित किए जाने हैं। इसी योजना के तहत बक्सर के सभी प्रखंडों के लिए 44 हजार झंडों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सचिव प्रणव कुमार ने जीविका के परियोजना निदेशक-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के बाद जिले में झंडों के निर्माण और आपूर्ति की प्रक्रिया को गति मिली है। महिलाओं को सशक्त बनाना उद्देश्य बक्सर में इस अभियान की एक खास बात यह है कि बड़ी संख्या में राष्ट्रीय ध्वज जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जो आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रतीक है। इससे अभियान के साथ महिला समूहों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो रही है। निर्माण कार्य में जुटी महिलाएं तय समय में अधिक से अधिक झंडे तैयार करने में लगी हैं, ताकि स्वतंत्रता दिवस से पहले सभी प्रखंडों में पर्याप्त संख्या में तिरंगे उपलब्ध हो सकें। प्रखंडों को मिलेगा निर्धारित कोटा सरकारी योजना के अनुसार प्रत्येक प्रखंड को न्यूनतम चार हजार झंडे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए प्रति प्रखंड एक लाख रुपये की दर से राशि उपलब्ध कराई जा रही है। राज्यभर के 534 प्रखंडों के लिए कुल पांच करोड़ 34 लाख रुपये कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से जीविका को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना और लोगों में राष्ट्र गौरव की भावना को मजबूत करना है। बक्सर में अब नजर इस बात पर है कि तय समय में 44 हजार तिरंगे तैयार होकर सभी प्रखंडों तक पहुंच पाते हैं या नहीं। स्वतंत्रता दिवस से पहले बक्सर जिले में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस अभियान के तहत तिरंगे की मांग पूरी करने की जिम्मेदारी अब जीविका दीदियों के हाथों में है। जीविका समूहों से जुड़ी महिलाएं दिन-रात राष्ट्रीय ध्वज बनाने में जुटी हैं। जिले के विभिन्न प्रखंडों में वितरण के लिए कुल 44 हजार झंडे तैयार किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य केवल तिरंगा फहराना नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को निर्माण कार्य से जोड़कर स्थानीय रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराना है। झंडों के निर्माण से लेकर उन्हें प्रखंड स्तर तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया जीविका के माध्यम से संचालित की जा रही है। 4 हजार तिरंगे उपलब्ध कराने की योजना जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक (डीपीएम) दयानिधि चौबे ने बताया कि जिले के प्रत्येक प्रखंड के लिए चार हजार तिरंगे उपलब्ध कराने की योजना है। जीविका से जुड़ी महिलाएं निर्धारित मानकों के अनुसार झंडे तैयार कर रही हैं। निर्माण पूरा होने के बाद इन झंडों को संबंधित प्रखंडों में भेजा जाएगा, जहां जिलाधिकारी के निर्देशानुसार इन्हें लोगों तक पहुंचाया जाएगा। ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को लेकर पूरे बिहार में बड़े पैमाने पर तैयारी की जा रही है। राज्य के 534 प्रखंडों में न्यूनतम चार हजार झंडों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रकार, राज्यभर में लगभग 21.36 लाख तिरंगे तैयार कर वितरित किए जाने हैं। इसी योजना के तहत बक्सर के सभी प्रखंडों के लिए 44 हजार झंडों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सचिव प्रणव कुमार ने जीविका के परियोजना निदेशक-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के बाद जिले में झंडों के निर्माण और आपूर्ति की प्रक्रिया को गति मिली है। महिलाओं को सशक्त बनाना उद्देश्य बक्सर में इस अभियान की एक खास बात यह है कि बड़ी संख्या में राष्ट्रीय ध्वज जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे हैं, जो आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रतीक है। इससे अभियान के साथ महिला समूहों की भागीदारी भी सुनिश्चित हो रही है। निर्माण कार्य में जुटी महिलाएं तय समय में अधिक से अधिक झंडे तैयार करने में लगी हैं, ताकि स्वतंत्रता दिवस से पहले सभी प्रखंडों में पर्याप्त संख्या में तिरंगे उपलब्ध हो सकें। प्रखंडों को मिलेगा निर्धारित कोटा सरकारी योजना के अनुसार प्रत्येक प्रखंड को न्यूनतम चार हजार झंडे उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए प्रति प्रखंड एक लाख रुपये की दर से राशि उपलब्ध कराई जा रही है। राज्यभर के 534 प्रखंडों के लिए कुल पांच करोड़ 34 लाख रुपये कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से जीविका को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराना और लोगों में राष्ट्र गौरव की भावना को मजबूत करना है। बक्सर में अब नजर इस बात पर है कि तय समय में 44 हजार तिरंगे तैयार होकर सभी प्रखंडों तक पहुंच पाते हैं या नहीं।  

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