अरशद नदीम ने लुसाने डायमंड लीग से अपना नाम वापस ले लिया है। नदीम के कोच सलमान बट ने कहा, ‘उन्होंने इस महीने डायमंड लीग में हिस्सा नहीं लेने का फैसला किया है, क्योंकि वह एशियन गेम्स के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहते हैं।’
Arshad Nadeem pulls out of Lausanne Diamond League: पाकिस्तान के ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट और स्टार जैवलिन थ्रोअर अरशद नदीम इस महीने के आखिर में होने वाली डायमंड लीग मीट में हिस्सा नहीं लेंगे। उन्होंने आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और इस साल जापान में होने वाले एशियन गेम्स की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करने के लिए यह फैसला लिया है।
डायमंड लीग मीट में हिस्सा न लेने का फैसला किया
नदीम के कोच सलमान बट ने कहा, “उन्होंने इस महीने डायमंड लीग मीट में हिस्सा न लेने का फैसला किया है, क्योंकि वे एशियाई खेलों के लिए तैयार रहना चाहते हैं।” डायमंड लीग इवेंट में नीरज चोपड़ा, जूलियन वेबर और एंडरसन पीटर्स जैसे स्टार खिलाड़ी शामिल होंगे।
हाल ही में खत्म हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नदीम का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा था। वे जैवलिन थ्रो इवेंट के मेडल राउंड में 9वें स्थान पर रहे और टॉप 8 में जगह नहीं बना पाए। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने 89.75 मीटर के थ्रो के साथ पहला स्थान हासिल किया, जबकि भारत के चोपड़ा और यश वीर सिंह दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
CWG के बाद नदीम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की
नदीम के प्रदर्शन की कड़ी आलोचना हुई और इस जैवलिन स्टार ने इन टिप्पणियों का जवाब देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की। नदीम ने कहा कि ग्लासगो में उनके खराब प्रदर्शन का मुख्य कारण बहुत ज़्यादा ठंड थी, जिससे उनका शरीर अकड़ गया और उसमें ऐंठन आ गई थी। ऐंठन की वजह से वे अपने थ्रो के लिए ज़रूरी मोमेंटम और रन-अप नहीं बना पाए।
नदीम ने पेरिस ओलंपिक 2024 में 92.97 मीटर के ओलंपिक रिकॉर्ड थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा था। उन्होंने आगे कहा, “मैं जो हुआ उसके लिए बहाने नहीं बनाना चाहता, लेकिन जो लोग मेरे बारे में दुखद और अपमानजनक टिप्पणियां कर रहे हैं, उन्हें यह समझना चाहिए कि मैं इसी मिट्टी का बेटा हूं और पहले भी इस देश के लिए मेडल जीत चुका हूं।”
उन्होंने कहा, “मेरे माता-पिता ने मुझे ज़मीन से जुड़े रहने और अपनी जड़ों को कभी न भूलने की सीख दी है। मैं पैसे या शोहरत की वजह से घमंडी नहीं हुआ हूं।” उन्होंने बताया कि फाइनल में कई एथलीटों को भी असामान्य रूप से ठंडे मौसम के कारण परेशानी हुई, जिसके चलते कई फाउल थ्रो हुए।
उन्होंने आगे कहा, “ठंड के कारण जैवलिन थ्रोअर के लिए थ्रो के दौरान अपने शरीर की मांसपेशियों और लय को एक जैसा और सहज बनाए रखना बहुत मुश्किल हो जाता है।” उन्होंने कहा, “मेरा मानना है कि कड़ी मेहनत और लगन से काम करना मेरा काम है, लेकिन आखिर में यह अल्लाह पर निर्भर करता है कि उन्होंने मेरे लिए क्या तय किया है। मैं अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की कोशिश कर सकता हूँ। मैंने कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रदर्शन को स्वीकार कर लिया है क्योंकि मुझे पता है कि मैं इससे कहीं बेहतर कर सकता हूँ।” पिछले साल टोक्यो में हुई वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी नदीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था और वे 10वें स्थान पर रहे थे।
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