भागलपुर के सुल्तानगंज में पवित्र सावन मास में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। श्रावणी मेले के 14 दिन पूरे होने के साथ ही करीब 27 लाख श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर के लिए रवाना हो चुके हैं। नमामि गंगे घाट से लेकर कांवरिया पथ तक हर तरफ ‘बोल-बम और हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। सबका लक्ष्य एक है… 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा के बाद बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक। 14 दिनों में 27 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा इस बार श्रावणी मेले में उमड़ रही आस्था की तस्वीर बयां कर रहा है। दिन-रात कांवरियों की आवाजाही जारी है। कोई नंगे पैर तो कोई दंडवत करते हुए बाबा धाम की ओर बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रंग-बिरंगी कांवड़ लेकर यात्रा कर रहे हैं। रास्ते में जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं, जहां कांवरियों के लिए पानी, शरबत, भोजन, फल और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी से की जा रही निगरानी प्रशासन की ओर से भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। कांवरिया पथ पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार मिल सके। जिलाधिकारी अलाकृत पांडे ने बताया कि लगातार सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित यात्रा के लिए सरकार और जिला प्रशासन ने अभूतपूर्व और चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। मेलास्थल पर अधिकारियों की तैनाती अजगैबीनाथ धाम से लेकर कांवरिया पथ पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कांवरियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए रास्ते में पेयजल, प्रकाश, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर भी प्रशासन की नजर है। भागलपुर के सुल्तानगंज में पवित्र सावन मास में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। श्रावणी मेले के 14 दिन पूरे होने के साथ ही करीब 27 लाख श्रद्धालु उत्तरवाहिनी गंगा से गंगाजल भरकर बाबा बैद्यनाथ धाम देवघर के लिए रवाना हो चुके हैं। नमामि गंगे घाट से लेकर कांवरिया पथ तक हर तरफ ‘बोल-बम और हर-हर महादेव’ के जयकारे गूंज रहे हैं। सबका लक्ष्य एक है… 105 किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा के बाद बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक। 14 दिनों में 27 लाख श्रद्धालुओं का आंकड़ा इस बार श्रावणी मेले में उमड़ रही आस्था की तस्वीर बयां कर रहा है। दिन-रात कांवरियों की आवाजाही जारी है। कोई नंगे पैर तो कोई दंडवत करते हुए बाबा धाम की ओर बढ़ रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु रंग-बिरंगी कांवड़ लेकर यात्रा कर रहे हैं। रास्ते में जगह-जगह सेवा शिविर लगाए गए हैं, जहां कांवरियों के लिए पानी, शरबत, भोजन, फल और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है। सीसीटीवी से की जा रही निगरानी प्रशासन की ओर से भीड़ को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। कांवरिया पथ पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है, ताकि यात्रा के दौरान किसी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर तत्काल उपचार मिल सके। जिलाधिकारी अलाकृत पांडे ने बताया कि लगातार सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए विशेष व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं की सुगम, सुरक्षित और सुव्यवस्थित यात्रा के लिए सरकार और जिला प्रशासन ने अभूतपूर्व और चाक-चौबंद इंतजाम किए हैं। मेलास्थल पर अधिकारियों की तैनाती अजगैबीनाथ धाम से लेकर कांवरिया पथ पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुलिस बल एवं प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है। घाटों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कांवरियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए रास्ते में पेयजल, प्रकाश, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर भी प्रशासन की नजर है।


