Rajasthan: निकाय-पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में फिर उभरी गुटबाजी, मेवाराम जैन समर्थकों के साथ जयपुर पहुंचे

Rajasthan: निकाय-पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस में फिर उभरी गुटबाजी, मेवाराम जैन समर्थकों के साथ जयपुर पहुंचे

बाड़मेर। राजस्थान में नगर निकाय और पंचायतीराज चुनाव से पहले बाड़मेर कांग्रेस की अंदरूनी खींचतान एक बार फिर सामने आ गई है। पूर्व विधायक मेवाराम जैन मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ जयपुर पहुंचे और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा से मुलाकात की। इस दौरान बाड़मेर कांग्रेस में संगठन से जुड़े मुद्दों और गुटबाजी को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद मेवाराम जैन और उनके समर्थकों ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली से भी मुलाकात की।

मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी के बाद से ही बाड़मेर की पार्टी राजनीति में अंदरूनी खींचतान चर्चा का विषय रही है। अब निकाय और पंचायतीराज चुनाव नजदीक हैं, ऐसे में बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ जैन का जयपुर पहुंचना और प्रदेश नेतृत्व के सामने अपनी बात रखना राजनीतिक तौर पर अहम माना जा रहा है।

मेवाराम जैन ने नहीं लिया किसी का नाम

बताया जा रहा है कि मेवाराम जैन खेमे की ओर से कांग्रेस के मध्य प्रदेश प्रभारी और बायतु विधायक हरीश चौधरी के खिलाफ भी प्रदेशाध्यक्ष के सामने शिकायत रखी गई। इसमें चौधरी पर मनमानी और गुटबाजी के आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, जैन ने किसी का नाम सार्वजनिक रूप से लेने के बजाय प्रदेश नेतृत्व के सामने अपनी बात रखने की बात कही।

बोले- प्रदेशाध्यक्ष को बता दिया है नाम

जयपुर में मुलाकात के बाद मेवाराम जैन ने कहा कि कार्यकर्ताओं ने प्रदेशाध्यक्ष से मिलकर कांग्रेस को मजबूत करने और पार्टी के भीतर चल रही गुटबाजी खत्म करने की बात रखी है। उन्होंने कहा कि बाड़मेर में गुटबाजी बहुत है और इसे खत्म कर कांग्रेस को एकजुट किया जाना चाहिए।

जैन के अनुसार, गुटबाजी करने वाले व्यक्ति के बारे में प्रदेशाध्यक्ष को जानकारी दे दी गई है। उन्होंने कहा कि पिछले समय में जो कुछ हुआ, उसे भूलकर कांग्रेस को एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। चुनावी दौर में पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय को उन्होंने जरूरी बताया।

डोटासरा बोले- अब सभी साथ हैं

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के दौरान किसी कारण से मेवाराम जैन कांग्रेस में नहीं थे। बाद में पार्टी हाईकमान ने फैसला लिया और जैन की कांग्रेस में वापसी हुई। अब सभी नेता पार्टी के साथ हैं। डोटासरा ने कहा कि कांग्रेस के सभी नेता एक जाजम पर बैठकर एकजुट होकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने माना कि पार्टी के भीतर छोटी-मोटी आपसी बातें और गिले-शिकवे हैं, जिन्हें जल्द दूर कर लिया जाएगा।

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