लखनऊ के सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि जीवन में सफलता का कोई सीधा रास्ता नहीं होता। अलग-अलग पड़ाव पर आने वाली चुनौतियां ही व्यक्ति को आगे बढ़ने और खुद को बेहतर बनाने का मौका देती हैं। हर भूमिका में उद्देश्य के साथ काम करना और लगातार सीखते रहना सफलता की असली कुंजी है। वे मंगलवार को फिक्की फ्लो लखनऊ के विशेष संवाद कार्यक्रम में यह बात कही। होटल ताज महल में ‘पुलिसिंग से पॉलिटिक्स तक, लोगों के लिए पावर’ विषय पर कार्यक्रम हुआ। संवाद पत्रकार और लेखिका शैली चोपड़ा ने किया। महिलाओं को दान नहीं, काम का मौका चाहिए डॉ. सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान महिलाओं से बातचीत में उन्हें महसूस हुआ कि महिलाएं वोट देने के साथ रोजगार भी चाहती हैं। वे दान नहीं, काम का अवसर चाहती हैं। इसी सोच के साथ तारा शक्ति केंद्रों की स्थापना कराई गई। सीएसआर के माध्यम से करीब 2 हजार सिलाई मशीनें उपलब्ध कराई गईं। इन मशीनों से महिलाएं रोजगार से जुड़ी हैं। केंद्रों पर स्वयं सहायता समूह भी बनाए गए हैं। माइनिंग इंजीनियर से राजनीति तक का सफर डॉ. सिंह ने अपने करियर के अलग-अलग पड़ावों के अनुभव साझा किए। माइनिंग इंजीनियर के रूप में शुरुआत के बाद पुलिस सेवा में काम किया। इसके बाद ईडी में जांच अधिकारी की जिम्मेदारी निभाई और कानून के क्षेत्र से जुड़ने के बाद राजनीति में आए। वर्ष 2005 में उन्हें राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि करियर हमेशा सीधी रेखा में आगे नहीं बढ़ता। कई बार अप्रत्याशित बदलाव ही जीवन की नई दिशा तय करते हैं। पुलिस सेवा ने सिखाया अनुशासन पुलिस सेवा के अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी और राजनीति की भूमिका अलग है, लेकिन पुलिस सेवा ने उन्हें अनुशासन सिखाया। मुश्किल और सामान्य दोनों तरह की परिस्थितियों का सामना किया। पुलिस अधिकारी के रूप में सीखा अनुशासन आज भी उनके काम में बना हुआ है।
बिना तर्क आरोप लगाना सही नहीं डॉ. सिंह ने कहा कि उन्हें जल्दबाजी में फैसले लेना और बिना तथ्य किसी पर आरोप लगाना पसंद नहीं है। सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप ग्रुपों पर बिना पूरी जानकारी के आरोप लगाना आम हो गया है। किसी पर आरोप लगाने से पहले तथ्यों और तर्क को देखना जरूरी है। नेतृत्व और जनसेवा पर भी चर्चा संवाद के दौरान आत्मविश्वास, संघर्ष, नेतृत्व, निर्णय लेने और जनसेवा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। सेशन की अध्यक्षता रचिता व्यास ने की। उनके सवालों ने संवाद को और प्रभावी बनाया। फिक्की फ्लो लखनऊ की चेयरपर्सन सिमरन साहनी ने कहा कि ऐसे मंच सदस्यों को अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रहे लोगों के अनुभवों से सीखने का अवसर देते हैं। कार्यक्रम में फिक्की फ्लो की सदस्याएं और उनके जीवनसाथी शामिल हुए।


