जहानाबाद नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर शनिवार से हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के तीसरे दिन सोमवार को कर्मियों ने शहर में जुलूस निकाला और नगर परिषद कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया। इस हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। धरने में शामिल भाकपा माले के महासचिव रविंद्र यादव ने आरोप लगाया कि नगर परिषद में कार्यरत सफाई कर्मियों का ठेकेदारों द्वारा शोषण किया जा रहा है। जीवन बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं उन्होंने बताया कि कर्मियों से प्रतिदिन आठ घंटे काम लिया जाता है, लेकिन उन्हें प्रतिमाह लगभग आठ हजार रुपये वेतन दिया जाता है। यादव ने यह भी कहा कि कर्मियों के वेतन से पीएफ की राशि काटी जाती है, पर उन्हें इसका उचित लाभ नहीं मिल रहा है। सफाई कर्मियों ने अपनी समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि उन्हें काम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और किट उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। कर्मियों का कहना है कि जोखिम भरे सफाई कार्य के बावजूद उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह करना शामिल है। वे सभी सफाई कर्मियों को नियमित करने, ठेकेदार प्रथा को समाप्त करने, पीएफ की राशि का उचित भुगतान सुनिश्चित करने, तथा सुरक्षा किट, स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग कर रहे हैं। ये सभी मांगें उनके 10 सूत्री एजेंडे का हिस्सा हैं। सफाई कर्मियों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से वार्ता कर समस्याओं का समाधान करने की अपील की है। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। जहानाबाद नगर परिषद के सफाई कर्मियों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर शनिवार से हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के तीसरे दिन सोमवार को कर्मियों ने शहर में जुलूस निकाला और नगर परिषद कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया। इस हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। धरने में शामिल भाकपा माले के महासचिव रविंद्र यादव ने आरोप लगाया कि नगर परिषद में कार्यरत सफाई कर्मियों का ठेकेदारों द्वारा शोषण किया जा रहा है। जीवन बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं उन्होंने बताया कि कर्मियों से प्रतिदिन आठ घंटे काम लिया जाता है, लेकिन उन्हें प्रतिमाह लगभग आठ हजार रुपये वेतन दिया जाता है। यादव ने यह भी कहा कि कर्मियों के वेतन से पीएफ की राशि काटी जाती है, पर उन्हें इसका उचित लाभ नहीं मिल रहा है। सफाई कर्मियों ने अपनी समस्याओं को उजागर करते हुए कहा कि उन्हें काम के दौरान पर्याप्त सुरक्षा उपकरण और किट उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं। इसके अतिरिक्त, उन्हें स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। कर्मियों का कहना है कि जोखिम भरे सफाई कार्य के बावजूद उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य के लिए कोई पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है। मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रखने की चेतावनी प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह करना शामिल है। वे सभी सफाई कर्मियों को नियमित करने, ठेकेदार प्रथा को समाप्त करने, पीएफ की राशि का उचित भुगतान सुनिश्चित करने, तथा सुरक्षा किट, स्वास्थ्य बीमा और जीवन बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग कर रहे हैं। ये सभी मांगें उनके 10 सूत्री एजेंडे का हिस्सा हैं। सफाई कर्मियों ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी से वार्ता कर समस्याओं का समाधान करने की अपील की है। कर्मियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।

