पालकोट में अपराध की योजना बना रहे अंतरराज्यीय गैंग के 11 अपराधी धराए

पालकोट में अपराध की योजना बना रहे अंतरराज्यीय गैंग के 11 अपराधी धराए

पालकोट थाना क्षेत्र में आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे कथित अंतरराज्यीय गिरोह के सात सदस्यों सहित कुल 11 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपी कोरई गैंग से जुड़े हैं और इनका नेटवर्क झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों तक फैला हुआ है। इस बाबत प्रेस वार्ता कर एसपी हरिश बिन जमां ने बताया कि सूचना मिली थी कि पालकोट के बिलिंगबिरा रोड में ईंट भट्ठे के सामने पहाड़ पर 6-7 संदिग्ध लोग बैठे हैं और किसी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। जिसके बाद एसडीपीओ बसिया के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने मौके पर पहुंचकर पहाड़ की घेराबंदी की और सभी को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से एक देशी पिस्टल, दो देशी कट्टा और अलग-अलग बोर की 11 गोलियां मिलीं। जिसके बाद पुलिस ने मौके से सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुलिस को इन आरोपियों के पुराने आपराधिक मामलों से जुड़े होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने पालकोट और घाघरा थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों में भी उनकी संलिप्तता की जांच की। आरोपियों की स्वीकारोक्ति के आधार पर पालकोट थाना कांड संख्या 35/26 में दो अन्य आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। मालूम हो कि इस मामले में करीब 12 लाख के आभूषण की लूट हुई थी। वहीं घाघरा थाना कांड संख्या 39/26 में भी दो आरोपियों को पकड़ा गया। तब पुलिस को गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता चला। इन्हें पकड़ने में एसडीपीओ चैनपुर श्रुति, गुमला एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, बसिया एसडीपीओ शिवशंकर मरांडी, सिसई इंस्पेक्टर विनय कुमार, बसिया इंस्पेक्टर गुलशन भेंगरा, पालकोट थाना प्रभारी अंकित राज, घाघरा थाना प्रभारी मोहन सिंह सहित एसआईटी टीम व तकनीकी शाखा के सभी सदस्य थे। गिरफ्तार आरोपियों में अधिकांश पुरवाकोट थाना कोरई जिला जाजपुर ओडिशा के रहने वाले हैं। इसी वजह से गिरोह को कोरई गैंग के नाम से जाना जाता है। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि गिरोह के सदस्य विभिन्न राज्यों में चोरी, छिनतई और लूट जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गुमला के अलावा किन-किन जिलों और राज्यों में इस गिरोह ने वारदात की है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 69.9 ग्राम सोना, 1.340 किलो चांदी और 1.70 लाख रुपए बरामद किए है। इसके अलावा 7 मोबाइल फोन, एक देशी पिस्टल, दो देशी कट्टा और 11 गोलियां भी बरामद की हैं। बरामदगी में दो मास्टर चाबी भी शामिल है। जिसका इस्तेमाल बाइक की डिक्की और अन्य लॉक तोड़ने में किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों में आर अर्जुन उर्फ अवला अर्जुन, अक्षय कबाड़ी, येशु दास, किशुन दास, अवला शेखर, अर्जुन दास, माईकेल सावन, मनोज दास, भोला दात्त, करण नेताम और मेकला येशु शामिल है। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है। एसआईटी और तकनीकी शाखा की टीम विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही है। पालकोट थाना क्षेत्र में आपराधिक घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रहे कथित अंतरराज्यीय गिरोह के सात सदस्यों सहित कुल 11 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार सभी आरोपी कोरई गैंग से जुड़े हैं और इनका नेटवर्क झारखंड के अलावा दूसरे राज्यों तक फैला हुआ है। इस बाबत प्रेस वार्ता कर एसपी हरिश बिन जमां ने बताया कि सूचना मिली थी कि पालकोट के बिलिंगबिरा रोड में ईंट भट्ठे के सामने पहाड़ पर 6-7 संदिग्ध लोग बैठे हैं और किसी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। जिसके बाद एसडीपीओ बसिया के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने मौके पर पहुंचकर पहाड़ की घेराबंदी की और सभी को पकड़ा। तलाशी के दौरान उनके पास से एक देशी पिस्टल, दो देशी कट्टा और अलग-अलग बोर की 11 गोलियां मिलीं। जिसके बाद पुलिस ने मौके से सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पुलिस को इन आरोपियों के पुराने आपराधिक मामलों से जुड़े होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने पालकोट और घाघरा थाना क्षेत्र में दर्ज मामलों में भी उनकी संलिप्तता की जांच की। आरोपियों की स्वीकारोक्ति के आधार पर पालकोट थाना कांड संख्या 35/26 में दो अन्य आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार किया गया। मालूम हो कि इस मामले में करीब 12 लाख के आभूषण की लूट हुई थी। वहीं घाघरा थाना कांड संख्या 39/26 में भी दो आरोपियों को पकड़ा गया। तब पुलिस को गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क का पता चला। इन्हें पकड़ने में एसडीपीओ चैनपुर श्रुति, गुमला एसडीपीओ सुरेश प्रसाद यादव, बसिया एसडीपीओ शिवशंकर मरांडी, सिसई इंस्पेक्टर विनय कुमार, बसिया इंस्पेक्टर गुलशन भेंगरा, पालकोट थाना प्रभारी अंकित राज, घाघरा थाना प्रभारी मोहन सिंह सहित एसआईटी टीम व तकनीकी शाखा के सभी सदस्य थे। गिरफ्तार आरोपियों में अधिकांश पुरवाकोट थाना कोरई जिला जाजपुर ओडिशा के रहने वाले हैं। इसी वजह से गिरोह को कोरई गैंग के नाम से जाना जाता है। पुलिस की जांच में यह बात भी सामने आई है कि गिरोह के सदस्य विभिन्न राज्यों में चोरी, छिनतई और लूट जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गुमला के अलावा किन-किन जिलों और राज्यों में इस गिरोह ने वारदात की है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने 69.9 ग्राम सोना, 1.340 किलो चांदी और 1.70 लाख रुपए बरामद किए है। इसके अलावा 7 मोबाइल फोन, एक देशी पिस्टल, दो देशी कट्टा और 11 गोलियां भी बरामद की हैं। बरामदगी में दो मास्टर चाबी भी शामिल है। जिसका इस्तेमाल बाइक की डिक्की और अन्य लॉक तोड़ने में किया जाता था। गिरफ्तार आरोपियों में आर अर्जुन उर्फ अवला अर्जुन, अक्षय कबाड़ी, येशु दास, किशुन दास, अवला शेखर, अर्जुन दास, माईकेल सावन, मनोज दास, भोला दात्त, करण नेताम और मेकला येशु शामिल है। पुलिस अब गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जुटी है। एसआईटी और तकनीकी शाखा की टीम विभिन्न राज्यों में छापेमारी कर रही है।  

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