ट्रेन में 22 किलो गांजा रखने के मामले में विशेष न्यायाधीश (NDPS एक्ट) रायपुर की अदालत ने आरोपी कैलाश सहनी को दोषी ठहराते हुए 12 साल के सश्रम कारावास और 2 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला अप्रैल 2021 का है। आरोपी को महासमुंद रेलवे स्टेशन पर गांजे के साथ पकड़ा गया था। अभियोजन के अनुसार, 8 अप्रैल 2021 को ट्रेन नंबर 08518 स्पेशल एक्सप्रेस महासमुंद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंची थी। ट्रेन में तैनात स्टाफ ने दो संदिग्धों को चार बैग के साथ पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी कैलाश सहनी और संतोष कुमार के रूप में हुई। बैग में मिले थे 12 पैकेट तलाशी के दौरान कैलाश सहनी के दो बैग से 7 पैकेट और संतोष कुमार के बैग से 5 पैकेट मिले। पैकेटों को खोलने पर उनमें गांजा मिला। मौके पर तौल करने पर कैलाश के कब्जे से 22 किलो और संतोष के कब्जे से 17.650 किलो, कुल 39.650 किलो गांजा बरामद हुआ था। पूछताछ में दोनों ने गांजा भाटापारा के रास्ते दिल्ली ले जाने की बात बताई थी। मामले में NDPS एक्ट की धारा 20(b)(ii)(C) के तहत प्रकरण दर्ज कर चालान कोर्ट में पेश किया गया। सह आरोपी फरार घोषित मामले में सह आरोपी संतोष कुमार लगातार कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ। उसके खिलाफ स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी कर उसे फरार घोषित किया गया है। इसलिए अदालत ने कैलाश सहनी के संबंध में ही फैसला सुनाया। अभियोजन ने मामले में 7 गवाहों के बयान दर्ज कराए। इनमें स्वतंत्र गवाहों के साथ पुलिस अधिकारी और जांच अधिकारी भी शामिल थे। आरोपी ने खुद को निर्दोष बताते हुए झूठा फंसाए जाने की बात कही, लेकिन बचाव में कोई गवाह पेश नहीं किया। सुनवाई के बाद विशेष न्यायाधीश किरण थवाईत ने कैलाश सहनी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।


