बलरामपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की वास्तविक स्थिति और सामाजिक-आर्थिक दशा का आकलन करने के लिए गठित समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की पांच सदस्यीय टीम बलरामपुर पहुंची। आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायमूर्ति राम औतार सिंह की अध्यक्षता में शनिवार दोपहर 2 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से पिछड़ा वर्ग की मौजूदा स्थिति तथा आरक्षण से संबंधित सुझाव लिए गए। आयोग ने ब्लॉक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों और अन्य सम्मानित नागरिकों से सीधे संवाद कर यह जानने का प्रयास किया कि पिछड़ा वर्ग को वर्तमान में कितना आरक्षण मिल रहा है, उनकी आबादी कितनी है और उनके सामाजिक एवं आर्थिक पिछड़ेपन के प्रमुख कारण क्या हैं।
आयोग अध्यक्ष राम औतार सिंह ने बताया कि पिछड़ा वर्ग की वास्तविक स्थिति का व्यापक आकलन किया जा रहा है। इसमें उनकी आबादी, मौजूदा आरक्षण और पिछड़ेपन के कारणों सहित कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने कहा कि देवीपाटन मंडल में आज भी पिछड़ेपन की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, खासकर शिक्षा और कृषि क्षेत्रों में। सिंह ने कृषि संसाधनों की कमी को किसानों के लिए एक बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बैठक के दौरान प्राप्त सभी सुझावों को गंभीरता से दर्ज किया गया है। आयोग इन सुझावों और उपलब्ध तथ्यों पर गहन मंथन के बाद अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा। उन्होंने पिछड़ा वर्ग के हितों का विशेष ध्यान रखने का आश्वासन दिया।
आयोग की टीम में अध्यक्ष एवं पूर्व न्यायमूर्ति राम औतार सिंह के अतिरिक्त बृजेश कुमार (सेवानिवृत्त जिला जज), सन्तोष कुमार विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त अपर जिला जज), डॉ. अरविन्द कुमार चौरसिया (सेवानिवृत्त आईएएस) और एस.पी. सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) सदस्य के रूप में शामिल रहे।


