ABVP ने Ranchi में AISA अध्यक्ष पर स्याही फेंकने के आरोपों को बताया निराधार

ABVP ने Ranchi में AISA अध्यक्ष पर स्याही फेंकने के आरोपों को बताया निराधार

नयी दिल्ली, सात अगस्त अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को आइसा के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें रांची में विरोध मार्च के दौरान संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना को आरएसएस और भाजपा से जोड़ा गया था। एबीवीपी ने इन आरोपों को ‘‘निराधार, भ्रामक और राजनीतिक मकसद से प्रेरित’’ बताया। इसने आरोप लगाया कि छात्रों से जुड़े वास्तविक मुद्दे उठाने के बजाय ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) एक बार फिर मनगढ़ंत विवादों और मीडिया के सहारे चलाए जा रहे राजनीतिक विमर्श के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शुक्रवार को विधानसभा की ओर निकाले गए विरोध मार्च के दौरान एक व्यक्ति ने आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पर स्याही फेंक दी। हिरासत में लिए जाने के बाद हमलावर ने बोरा पर ‘‘राष्ट्र विरोधी’’ होने का आरोप लगाया। आइसा ने एक बयान में इस घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोग बोरा के प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर उनके खिलाफ ‘‘दुष्प्रचार और नफरत का अभियान’’ चला रहे हैं।

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एबीवीपी ने कहा कि वामपंथी छात्र संगठन स्याही फेंकने की घटना का इस्तेमाल छात्रों के सामने मौजूद वास्तविक मुद्दों को दबाने के लिए कर रहा है। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि न्याय की मांग करने के बजाय यह संगठन जानबूझकर राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहा है। इसने कहा कि छात्र आंदोलनों को शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए, न कि उन्हें दलगत राजनीति का साधन बनना चाहिए।

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नयी दिल्ली, सात अगस्त अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शुक्रवार को आइसा के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें रांची में विरोध मार्च के दौरान संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंके जाने की घटना को आरएसएस और भाजपा से जोड़ा गया था। एबीवीपी ने इन आरोपों को ‘‘निराधार, भ्रामक और राजनीतिक मकसद से प्रेरित’’ बताया। इसने आरोप लगाया कि छात्रों से जुड़े वास्तविक मुद्दे उठाने के बजाय ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन’ (आइसा) एक बार फिर मनगढ़ंत विवादों और मीडिया के सहारे चलाए जा रहे राजनीतिक विमर्श के जरिए जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर शुक्रवार को विधानसभा की ओर निकाले गए विरोध मार्च के दौरान एक व्यक्ति ने आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पर स्याही फेंक दी। हिरासत में लिए जाने के बाद हमलावर ने बोरा पर ‘‘राष्ट्र विरोधी’’ होने का आरोप लगाया। आइसा ने एक बयान में इस घटना की निंदा की और आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोग बोरा के प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर उनके खिलाफ ‘‘दुष्प्रचार और नफरत का अभियान’’ चला रहे हैं।

आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए एबीवीपी ने कहा कि वामपंथी छात्र संगठन स्याही फेंकने की घटना का इस्तेमाल छात्रों के सामने मौजूद वास्तविक मुद्दों को दबाने के लिए कर रहा है। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि न्याय की मांग करने के बजाय यह संगठन जानबूझकर राजनीतिक लाभ हासिल करने की कोशिश कर रहा है। इसने कहा कि छात्र आंदोलनों को शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहना चाहिए और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए, न कि उन्हें दलगत राजनीति का साधन बनना चाहिए।

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