अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सख्त की समुद्री नाकेबंदी

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सख्त की समुद्री नाकेबंदी

ईरान (Iran) और अमेरिका (United States of America) के बीच फिलहाल हमले रुके हुए हैं, लेकिन तनाव की स्थिति अभी भी बनी हुई है। दोनों देशों के बीच बातचीत भी नहीं हो रही है जिसकी वजह से फिर से सीज़फायर और शांति समझौता होने की उम्मीद भी काफी कम है। इन सबके बीच ईरान के खिलाफ अमेरिका की समुद्री नाकेबंदी बरकरार है, जिसे अमेरिका सख्त कर रहा है।

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ सख्त की समुद्री नाकेबंदी

अमेरिका ने ईरान के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी सख्त कर दी है। अमेरिकी सेना की CENTCOM यूनिट ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि USS बॉक्सर (LHD 4) पर तैनात अमेरिकी मरीन कॉर्प्स के एयरक्राफ्ट्स और सैनिक ईरान के खिलाफ अमेरिका की नाकेबंदी को लागू करने में मदद कर रहे हैं, जिसे अब और सख्त कर दिया गया है। 6 अगस्त तक CENTCOM ने 49 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला, 2 को बेकार कर दिया और 2 पर सवार होकर कार्रवाई की।

कब तक जारी रहेगी नाकेबंदी?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) साफ कर चुके हैं कि जब तक दोनों देशों के बीच फिर से डील नहीं होती, तब तक ईरान के खिलाफ अमेरिका की समुद्री नाकेबंदी बरकरार रहेगी।

ईरान पर पड़ रहा प्रभाव

अमेरिकी नाकेबंदी का ईरान पर काफी प्रभाव पड़ रहा है। अमेरिका की नेवी ईरानी बंदरगाहों से आने वाले और की तरफ जाने वाले सभी कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल रही है। जो जहाज अमेरिकी नेवी के आदेश का पालन नहीं करते, उन्हें निष्क्रिय किया जा रहा है। यह नाकेबंदी सिर्फ ईरान के खिलाफ है और अन्य देशों की ओर जा रहे जहाजों के खिलाफ अमेरिकी नेवी कार्रवाई नहीं कर रही है अमेरिका का दावा है कि इस समुदी नाकेबंदी का उद्देश्य ईरान के तेल निर्यात और व्यापार को रोककर उसकी अर्थव्यवस्था पर दबाव डालना है, जिससे उसकी सैन्य क्षमता कमजोर हो सके और होर्मुज स्ट्रेट से गुज़रने वाले कमर्शियल जहाजों पर हमले का खतरा न रहे। ईरान के खिलाफ इस समुद्री नाकेबंदी में हज़ारों अमेरिकी सैनिक, दो एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, कई वॉरशिप्स और फाइटर जेट्स शामिल हैं। इस नाकेबंदी की वजह से ईरान को काफी नुकसान झेलना पड़ रहा है।

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