Bitcoin Investment: दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin एक बार फिर दबाव में है। एक समय बिटकॉइन की कीमत सवा लाख डॉलर से भी ऊपर पहुंच गई थी और अब यह 60,000 डॉलर के अहम स्तर से नीचे फिसल गई है, जिससे बाजार में बेचैनी बढ़ गई है। शुक्रवार को अमेरिकी कारोबार के दौरान बिटकॉइन करीब 7 फीसदी तक टूटकर 59,101 डॉलर पर पहुंच गया। यह अक्टूबर 2024 के बाद पहली बार है जब इसकी कीमत 60,000 डॉलर के नीचे गई है।
पिछले साल अक्टूबर में बिटकॉइन ने 1.26 लाख डॉलर से ऊपर का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। उस ऊंचाई से अब इसकी कीमत आधे से भी ज्यादा गिर चुकी है। इतना ही नहीं, अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की दोबारा जीत के बाद जिस स्तर पर बिटकॉइन ट्रेड कर रहा था, अब उससे भी नीचे पहुंच चुका है।
बिटकॉइन में क्यों आई बिकवाली?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण निवेशकों का पैसा दूसरे सेक्टर्स की ओर जाना है। पिछले कुछ महीनों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिफेंस, एनर्जी और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। WazirX के फाउंडर निश्चल शेट्टी के अनुसार, कई बड़े संस्थागत निवेशक बिटकॉइन में अच्छा मुनाफा कमाने के बाद अब दूसरी जगहों पर पैसा लगा रहे हैं। जब बाजार में किसी नए सेक्टर को लेकर उत्साह बढ़ता है तो निवेश का प्रवाह भी उसी दिशा में मुड़ जाता है।
वहीं, Mudrex के लीड क्वांट एनालिस्ट अक्षत सिद्धांत का कहना है कि गोल्ड और एआई कंपनियों के शेयर भी निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। इसके अलावा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व भविष्य में ब्याज दरों में कितनी कटौती करेगा, इसे लेकर भी बाजार में असमंजस बना हुआ है। हालांकि, जानकार इसे कोई असामान्य स्थिति नहीं मानते। पहले भी कई बार ऐसा देखा गया है कि बड़े निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण बिटकॉइन कुछ समय के लिए दबाव में आया, लेकिन बाद में निवेशकों का पैसा फिर से क्रिप्टो बाजार में लौट गया।
अब किन स्तरों पर रहेगी बाजार की नजर?
आने वाले कुछ दिन बिटकॉइन के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, निवेशकों की निगाह 60,000 से 62,000 डॉलर के दायरे पर रहेगी। अगर बिटकॉइन इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो बाजार का भरोसा दोबारा लौट सकता है और कीमतों में सुधार देखने को मिल सकता है।
कीमत के अलावा इन चीजों पर भी दें ध्यान
एक्सपर्ट्स केवल कीमत पर ही नजर रखने की सलाह नहीं दे रहे हैं। बिटकॉइन ईटीएफ में निवेश का रुख, बड़े संस्थागत निवेशकों की भागीदारी, वैश्विक आर्थिक हालात और भू-राजनीतिक घटनाएं भी बाजार की दिशा तय करेंगी। इसके साथ ही एआई, एनर्जी और दूसरे तेजी से बढ़ते सेक्टर्स में जा रहे निवेश पर भी नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि फिलहाल वैश्विक बाजारों में लिक्विडिटी का बड़ा हिस्सा इन्हीं सेक्टर्स की ओर जा रहा है।
क्रिप्टो बाजार में क्या हैं आगे संभावनाएं
CoinDCX के को-फाउंडर सुमित गुप्ता का मानना है कि क्रिप्टो इंडस्ट्री में अगली ग्रोथ केवल कीमतों के दम पर नहीं होगी। आने वाले वर्षों में स्पष्ट नियम-कानून, संस्थागत निवेशकों की बढ़ती भागीदारी, स्टेबलकॉइन में नए प्रयोग और वास्तविक संपत्तियों के टोकनाइजेशन से इस सेक्टर को मजबूती मिल सकती है। उनके मुताबिक, ब्लॉकचेन तकनीक अब केवल सट्टेबाजी तक सीमित नहीं रह गई है। धीरे-धीरे यह पारंपरिक वित्तीय व्यवस्था का हिस्सा बनती जा रही है।
क्या करें निवेशक?
बाजार में उतार-चढ़ाव क्रिप्टो निवेश का स्वाभाविक हिस्सा है। ऐसे समय में घबराकर फैसले लेने से नुकसान हो सकता है। एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि निवेशकों को अपने लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और कुल पोर्टफोलियो पर ध्यान देना चाहिए। नियमित निवेश यानी SIP जैसी रणनीति बाजार की अस्थिरता का असर कम कर सकती है। इससे निवेशक अलग-अलग स्तरों पर खरीदारी करते हैं और औसत लागत संतुलित रहती है।
पोर्टफोलियो में कितना हो क्रिप्टो का हिस्सा
एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि केवल चर्चित या ट्रेंडिंग टोकन के पीछे भागने के बजाय मजबूत फंडामेंटल बेस वाले प्रोजेक्ट पर ध्यान देना चाहिए। हालिया गिरावट के दौरान कई मेम कॉइन और सट्टेबाजी वाले टोकन बुरी तरह टूटे हैं, जबकि मजबूत प्रोजेक्ट्स में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है। जहां तक पोर्टफोलियो का सवाल है, आम निवेशकों के लिए कुल निवेश का 2 से 5 फीसदी हिस्सा क्रिप्टो में रखना अपेक्षाकृत संतुलित रणनीति मानी जा सकती है। वहीं, जिन निवेशकों को बिटकॉइन और ब्लॉकचेन बाजार की अच्छी समझ है, वे 5 से 10 फीसदी तक का एक्सपोजर रखने पर विचार कर सकते हैं। एक्सपर्ट कहते हैं कि बिटकॉइन को अभी भी किसी भी क्रिप्टो पोर्टफोलियो की मुख्य होल्डिंग बने रहना चाहिए।
(डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है। यह निवेश की सलाह नहीं है। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश काफी अधिक जोखिमभरा होता है। कहीं भी पैसा लगाने से पहले अपने निवेश सलाहकार से परामर्श लें।)


