बेतिया कोर्ट में 4 आरोपियों को 10 साल की सजा:2018 गोलीबारी मामले में बड़ा फैसला, तीन लोग गंभीर रूप से हुए थे घायल

बेतिया कोर्ट में 4 आरोपियों को 10 साल की सजा:2018 गोलीबारी मामले में बड़ा फैसला, तीन लोग गंभीर रूप से हुए थे घायल

पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र के हरपुर गांव में साल 2018 में हुई चर्चित गोलीबारी मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मंगलवार को माननीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ADJ-9) की अदालत ने मझौलिया थाना कांड संख्या 506/2018 में सुनवाई पूरी करते हुए चार आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें सजा सुनाई। 2018 में दिनदहाड़े हुई थी फायरिंग यह घटना 12 नवंबर 2018 की दोपहर करीब दो बजे की है। प्राथमिकी के अनुसार हरपुर गांव निवासी विजय मणि शुक्ल एवं उनके परिवार पर आरोपियों ने जानलेवा हमला किया था। बताया गया कि आरोपियों ने एकजुट होकर अवैध हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस गोलीबारी में अजीत मणि शुक्ल, रौशन कुमार शुक्ल तथा एक नाबालिग बालक आदित्य राज गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शरीर के कई हिस्सों में लगी थी गोली मेडिकल रिपोर्ट में घायलों के शरीर के विभिन्न हिस्सों — छाती, गर्दन, पेट, कान और बाह — में गोली लगने एवं गंभीर चोटों की पुष्टि हुई थी। कुछ घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया था। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी। कई धाराओं में दर्ज हुआ था केस पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 341, 504, 307/34 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। अनुसंधान पूरा होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया गया। इस चर्चित मामले में गवाह सुरक्षा योजना के तहत मुख्य गवाह एवं घायल अजीत मणि शुक्ल को सुरक्षा भी प्रदान की गई थी। अदालत में कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई, जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। इन आरोपियों को मिली सजा मामले में नामजद आरोपियों में श्याम कुमार तिवारी, अभिषेक तिवारी, चंद्रप्रकाश उर्फ टुनटुन तिवारी, चतुर्भुज तिवारी तथा एक नाबालिग शामिल था। सभी आरोपी हरपुर गांव, वार्ड संख्या 24, थाना मझौलिया के निवासी बताए गए हैं। अदालत ने चारों दोषियों को धारा 323 के तहत एक वर्ष की सजा एवं 500 रुपये जुर्माना, धारा 341 के तहत एक माह की सजा एवं 500 रुपये जुर्माना तथा धारा 307 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं श्याम कुमार तिवारी और अभिषेक तिवारी को आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत अलग से 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। गांव में वर्चस्व को लेकर हुई थी वारदात बताया जाता है कि आरोपी दबंग प्रवृत्ति के थे और गांव में अपना वर्चस्व स्थापित करने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया गया था। मामले में एडीजे-9 कोर्ट के एपीपी चंद्रशेखर प्रसाद, निवर्तमान पीपी अरविंद सिंह तथा अधिवक्ता अनिश तिवारी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष जताया है। पश्चिम चंपारण के मझौलिया थाना क्षेत्र के हरपुर गांव में साल 2018 में हुई चर्चित गोलीबारी मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। मंगलवार को माननीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ADJ-9) की अदालत ने मझौलिया थाना कांड संख्या 506/2018 में सुनवाई पूरी करते हुए चार आरोपियों को दोषी करार दिया और उन्हें सजा सुनाई। 2018 में दिनदहाड़े हुई थी फायरिंग यह घटना 12 नवंबर 2018 की दोपहर करीब दो बजे की है। प्राथमिकी के अनुसार हरपुर गांव निवासी विजय मणि शुक्ल एवं उनके परिवार पर आरोपियों ने जानलेवा हमला किया था। बताया गया कि आरोपियों ने एकजुट होकर अवैध हथियारों से ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस गोलीबारी में अजीत मणि शुक्ल, रौशन कुमार शुक्ल तथा एक नाबालिग बालक आदित्य राज गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शरीर के कई हिस्सों में लगी थी गोली मेडिकल रिपोर्ट में घायलों के शरीर के विभिन्न हिस्सों — छाती, गर्दन, पेट, कान और बाह — में गोली लगने एवं गंभीर चोटों की पुष्टि हुई थी। कुछ घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया था। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की थी। कई धाराओं में दर्ज हुआ था केस पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 341, 504, 307/34 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। अनुसंधान पूरा होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में समर्पित किया गया। इस चर्चित मामले में गवाह सुरक्षा योजना के तहत मुख्य गवाह एवं घायल अजीत मणि शुक्ल को सुरक्षा भी प्रदान की गई थी। अदालत में कुल 11 गवाहों की गवाही कराई गई, जिसके बाद कोर्ट ने फैसला सुनाया। इन आरोपियों को मिली सजा मामले में नामजद आरोपियों में श्याम कुमार तिवारी, अभिषेक तिवारी, चंद्रप्रकाश उर्फ टुनटुन तिवारी, चतुर्भुज तिवारी तथा एक नाबालिग शामिल था। सभी आरोपी हरपुर गांव, वार्ड संख्या 24, थाना मझौलिया के निवासी बताए गए हैं। अदालत ने चारों दोषियों को धारा 323 के तहत एक वर्ष की सजा एवं 500 रुपये जुर्माना, धारा 341 के तहत एक माह की सजा एवं 500 रुपये जुर्माना तथा धारा 307 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं श्याम कुमार तिवारी और अभिषेक तिवारी को आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत अलग से 7 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है। गांव में वर्चस्व को लेकर हुई थी वारदात बताया जाता है कि आरोपी दबंग प्रवृत्ति के थे और गांव में अपना वर्चस्व स्थापित करने के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम दिया गया था। मामले में एडीजे-9 कोर्ट के एपीपी चंद्रशेखर प्रसाद, निवर्तमान पीपी अरविंद सिंह तथा अधिवक्ता अनिश तिवारी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्याय मिलने पर संतोष जताया है।  

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