हरियाणा सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में एक बड़ा सुधार करते हुए ऑपरेशन थिएटर (ओटी) असिस्टेंट की शैक्षणिक योग्यता को बढ़ाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। ऑपरेशन थिएटर असिस्टेंट वेलफेयर एसोसिएशन, हरियाणा ने ओटी असिस्टेंट की योग्यता को “दस जमा दो साइंस” (10+2) साइंस क्लास से बढ़ाकर “बीएससी ओटी टेक्नोलॉजी” किए जाने के फैसले का स्वागत किया है।
एसोसिएशन के प्रधान राहुल जागलान एवं महासचिव राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से चंडीगढ़ में विशेष मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए मंत्री का आभार व्यक्त किया।
सर्जिकल सेवाओं में सुधार होगा
एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि यह निर्णय केवल एक शैक्षणिक सुधार नहीं है, बल्कि हरियाणा की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा। इससे सरकारी अस्पतालों में सर्जिकल सेवाओं की गुणवत्ता में बड़ा सुधार होगा तथा मरीजों की सुरक्षा पहले से अधिक सुनिश्चित हो सकेगी।
इसलिए किया गया फैसला
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अस्पतालों पर कैशलेस सर्जिकल लोड लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में आधुनिक और अत्याधुनिक सर्जिकल उपकरणों के प्रभावी संचालन के लिए तकनीकी रूप से दक्ष स्टाफ की आवश्यकता समय की मांग है। इसी को देखते हुए राज्य सरकार ने बीएससी ओटी टेक्नोलॉजी योग्यता लागू करने का निर्णय लिया है।
OTA ओटी का अहम पार्ट
उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थिएटर किसी भी अस्पताल या मेडिकल संस्थान की “बैक बोन” (रीढ़ की हड्डी) होता है। ओटी असिस्टेंट (OTA) ही इस विभाग के सुचारू, सुरक्षित और प्रभावी संचालन के लिए तकनीकी रूप से योग्य और जिम्मेदार कर्मी होते हैं। आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में सफल सर्जरी का आधार एक कुशल ऑपरेशन थिएटर टीम होती है, और सरकार का यह निर्णय इस व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाएगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने एसोसिएशन के सदस्यों से पूरी निष्ठा, समर्पण और पेशेवर दक्षता के साथ जनता की सेवा करने का आह्वान किया है।


