जहानाबाद में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें किसानों, दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण आत्मनिर्भर्ता को बढ़ावा देने से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। 15 पंचायतों में बनेंगी नई दुग्ध सहकारी समितियां बैठक का सबसे बड़ा फैसला जिले की शेष 15 पंचायतों में दुग्ध सहकारी समितियों के गठन को लेकर लिया गया। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन समितियों का गठन जल्द पूरा किया जाए, ताकि अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादक किसान सहकारिता से जुड़ सकें और उन्हें आर्थिक लाभ मिल सके। प्रशासन का मानना है कि इससे दूध उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण आमदनी में सुधार होगा। हुलासगंज में मत्स्यजीवी समिति के निबंधन का निर्देश बैठक में हुलासगंज प्रखंड में अगले दो महीनों के भीतर मत्स्यजीवी सहयोग समिति के निबंधन का भी निर्देश दिया गया। इस पहल का उद्देश्य मछली पालन से जुड़े लोगों को संगठित कर सरकारी योजनाओं और आर्थिक सहायता का लाभ उपलब्ध कराना है। पैक्सों के व्यवसाय विविधिकरण पर जोर जिला पदाधिकारी ने पैक्सों के व्यवसाय विविधिकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि पैक्सों में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को सक्रिय किया जाए और इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही नाबार्ड और सहकारी बैंक के सहयोग से कार्यशालाएं आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि ग्रामीण युवाओं और किसानों को उद्यमिता से जोड़ा जा सके। ग्रामीण हाटों के संचालन की नई पहल बैठक में ग्रामीण हाटों के संचालन को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बताया गया कि पैक्स अपनी या लीज पर ली गई भूमि पर ग्रामीण हाट संचालित कर सकते हैं। जिला पदाधिकारी ने इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया, ताकि स्थानीय उत्पादों को बाजार मिल सके और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ें। अधिकारियों की मौजूदगी इस बैठक में अपर समाहर्ता अनिल कुमार सिंह, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, नाबार्ड, डेयरी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। जहानाबाद में सहकारिता क्षेत्र को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की बैठक आयोजित हुई, जिसमें किसानों, दुग्ध उत्पादकों और ग्रामीण आत्मनिर्भर्ता को बढ़ावा देने से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए। 15 पंचायतों में बनेंगी नई दुग्ध सहकारी समितियां बैठक का सबसे बड़ा फैसला जिले की शेष 15 पंचायतों में दुग्ध सहकारी समितियों के गठन को लेकर लिया गया। जिला पदाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इन समितियों का गठन जल्द पूरा किया जाए, ताकि अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादक किसान सहकारिता से जुड़ सकें और उन्हें आर्थिक लाभ मिल सके। प्रशासन का मानना है कि इससे दूध उत्पादन बढ़ेगा और ग्रामीण आमदनी में सुधार होगा। हुलासगंज में मत्स्यजीवी समिति के निबंधन का निर्देश बैठक में हुलासगंज प्रखंड में अगले दो महीनों के भीतर मत्स्यजीवी सहयोग समिति के निबंधन का भी निर्देश दिया गया। इस पहल का उद्देश्य मछली पालन से जुड़े लोगों को संगठित कर सरकारी योजनाओं और आर्थिक सहायता का लाभ उपलब्ध कराना है। पैक्सों के व्यवसाय विविधिकरण पर जोर जिला पदाधिकारी ने पैक्सों के व्यवसाय विविधिकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि पैक्सों में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) को सक्रिय किया जाए और इसके लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए। साथ ही नाबार्ड और सहकारी बैंक के सहयोग से कार्यशालाएं आयोजित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि ग्रामीण युवाओं और किसानों को उद्यमिता से जोड़ा जा सके। ग्रामीण हाटों के संचालन की नई पहल बैठक में ग्रामीण हाटों के संचालन को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बताया गया कि पैक्स अपनी या लीज पर ली गई भूमि पर ग्रामीण हाट संचालित कर सकते हैं। जिला पदाधिकारी ने इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया, ताकि स्थानीय उत्पादों को बाजार मिल सके और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ें। अधिकारियों की मौजूदगी इस बैठक में अपर समाहर्ता अनिल कुमार सिंह, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी, नाबार्ड, डेयरी विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


