मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड में जीविका दीदियों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति ने बैठक की। ये बैठक आनंद जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ में आयोजित की गई, जहां समिति ने दीदियों के साथ रोजगार और आय बढ़ाने के संदर्भ में विस्तृत चर्चा की। सरकार की सात निश्चय योजना के तहत गठित इस समिति में अध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी नवीन कुमार और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पूर्व प्रोफेसर तथा संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. टी.सी.ए. अनंत शामिल हैं। समिति ने मुजफ्फरपुर जिले के बेला बैग क्लस्टर का भी दौरा किया। यहां उन्होंने जीविका दीदियों की ओर से संचालित बैग निर्माण इकाई का अवलोकन किया और व्यवसाय से जुड़ी सूक्ष्म जानकारी प्राप्त की। बैग निर्माण इकाई में बबीता देवी ने अतिथियों का बुके और बैग भेंट कर स्वागत किया। पीपीटी के जरिए जिले की जीविका की तमाम गतिविधियों की दी जानकारी इस दौरान विजय कुमार (जीएम डीआईसी), जीविका डीपीएम अनीशा, आनंद कुमार, रितिका जेना और सोनू कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उच्च स्तरीय टीम ने बैग निर्माण से जुड़े उद्यमियों के साथ भी बैठक की और उनसे दोगुना रोजगार-दोगुनी आय के मुद्दे पर जानकारी ली। इसके बाद, टीम सकरा प्रखंड के आनंद संकुल स्तरीय संघ पहुंची। यहां जीविका डीपीएम ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। डीपीएम अनीशा ने पीपीटी के माध्यम से मुजफ्फरपुर जिले में जीविका की तमाम गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, सामुदायिक समन्वयक ज्योति सिन्हा ने आनंद संकुल स्तरीय संघ की गतिविधियों के बारे में बताया। बदलते परिवेश में दोगुना रोजगार क्यों आवश्यक है, टॉपिक पर जीविका दीदियों ने रखी बात इससे पहले प्रखंड परियोजना प्रबंधक मोहम्मद कैफ ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रखंड में जीविका की उपलब्धियों के बारे में चर्चा की। कमेटी के सदस्यों ने ये जाना कि दोगुनी रोजगार के माध्यम से कैसे आय को दोगना किया जाए। जीविका की बदौलत अपनी जिंदगी में कैसे रोजगार करते हुए अपनी आजीविका संचालित कर रही हैं। बदलते परिवेश में दोगुना रोजगार क्यों आवश्यक है, इस विषय पर भी दीदियों ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम में उपस्थितियों दीदियों ने सरकार से मिलने वाली विभिन्न योजनाओं के लाभ के बारे में भी कमेटी को बताया। कार्यक्रम के दौरान जीविका और सरकार की मदद से मिलने वाले लाभ के साथ-साथ भविष्य में किस तरह से सामुदायिक संगठन सशक्त होंगे, इस पर भी दीदियों ने चर्चा की। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना और सतत जीविकोपार्जन योजना के जरिए किस तरह से महिलाएं अपनी जिंदगी बदल रही है, इसकी भी बानगी कार्यक्रम के दौरान देखने को मिली। उच्च स्तरीय कमेटी के सदस्यों ने जीविका दीदियों की ओर से जीविकोपार्जन गतिविधि के माध्यम से अपनी जिंदगी में बदलाव को सराहा। मुजफ्फरपुर के सकरा प्रखंड में जीविका दीदियों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से एक उच्च स्तरीय समिति ने बैठक की। ये बैठक आनंद जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ में आयोजित की गई, जहां समिति ने दीदियों के साथ रोजगार और आय बढ़ाने के संदर्भ में विस्तृत चर्चा की। सरकार की सात निश्चय योजना के तहत गठित इस समिति में अध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी नवीन कुमार और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के पूर्व प्रोफेसर तथा संघ लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य प्रो. टी.सी.ए. अनंत शामिल हैं। समिति ने मुजफ्फरपुर जिले के बेला बैग क्लस्टर का भी दौरा किया। यहां उन्होंने जीविका दीदियों की ओर से संचालित बैग निर्माण इकाई का अवलोकन किया और व्यवसाय से जुड़ी सूक्ष्म जानकारी प्राप्त की। बैग निर्माण इकाई में बबीता देवी ने अतिथियों का बुके और बैग भेंट कर स्वागत किया। पीपीटी के जरिए जिले की जीविका की तमाम गतिविधियों की दी जानकारी इस दौरान विजय कुमार (जीएम डीआईसी), जीविका डीपीएम अनीशा, आनंद कुमार, रितिका जेना और सोनू कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। उच्च स्तरीय टीम ने बैग निर्माण से जुड़े उद्यमियों के साथ भी बैठक की और उनसे दोगुना रोजगार-दोगुनी आय के मुद्दे पर जानकारी ली। इसके बाद, टीम सकरा प्रखंड के आनंद संकुल स्तरीय संघ पहुंची। यहां जीविका डीपीएम ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। डीपीएम अनीशा ने पीपीटी के माध्यम से मुजफ्फरपुर जिले में जीविका की तमाम गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, सामुदायिक समन्वयक ज्योति सिन्हा ने आनंद संकुल स्तरीय संघ की गतिविधियों के बारे में बताया। बदलते परिवेश में दोगुना रोजगार क्यों आवश्यक है, टॉपिक पर जीविका दीदियों ने रखी बात इससे पहले प्रखंड परियोजना प्रबंधक मोहम्मद कैफ ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रखंड में जीविका की उपलब्धियों के बारे में चर्चा की। कमेटी के सदस्यों ने ये जाना कि दोगुनी रोजगार के माध्यम से कैसे आय को दोगना किया जाए। जीविका की बदौलत अपनी जिंदगी में कैसे रोजगार करते हुए अपनी आजीविका संचालित कर रही हैं। बदलते परिवेश में दोगुना रोजगार क्यों आवश्यक है, इस विषय पर भी दीदियों ने अपनी बात रखी। कार्यक्रम में उपस्थितियों दीदियों ने सरकार से मिलने वाली विभिन्न योजनाओं के लाभ के बारे में भी कमेटी को बताया। कार्यक्रम के दौरान जीविका और सरकार की मदद से मिलने वाले लाभ के साथ-साथ भविष्य में किस तरह से सामुदायिक संगठन सशक्त होंगे, इस पर भी दीदियों ने चर्चा की। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना, मुख्यमंत्री उद्यमी योजना और सतत जीविकोपार्जन योजना के जरिए किस तरह से महिलाएं अपनी जिंदगी बदल रही है, इसकी भी बानगी कार्यक्रम के दौरान देखने को मिली। उच्च स्तरीय कमेटी के सदस्यों ने जीविका दीदियों की ओर से जीविकोपार्जन गतिविधि के माध्यम से अपनी जिंदगी में बदलाव को सराहा।


