भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के मदई गांव में जमीन विवाद को लेकर हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दोनों पक्षों के आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शुक्रवार की रात महज डेढ़ फीट जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 11 लोग घायल हो गए थे। दोनों पक्ष से 36 लोगों पर केस दर्ज पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में एक पक्ष से लाल बाबू सिंह, अवधेश सिंह, राकेश कुमार और गोरखनाथ सिंह शामिल हैं। दूसरे पक्ष से जितेंद्र सिंह, हरेराम सिंह, सत्यनारायण सिंह एवं जलंधर सिंह की गिरफ्तारी हुई है। जितेंद्र सिंह और जलंधर सिंह आपस में सगे भाई हैं। मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एक पक्ष से लाल बाबू सिंह के बयान पर 20 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि दूसरे पक्ष से जलंधर सिंह के बयान पर 16 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
हिंसक झड़प में 2 लोगों की मौत शुक्रवार की रात मदई गांव में डेढ़ फीट जमीन के कब्जे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से लाठी-डंडे और लोहे के रॉड चलने लगे। मारपीट गांव से शुरू होकर चरपोखरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर तक पहुंच गई, जहां भी दोनों पक्ष भिड़ गए। इस हिंसक संघर्ष में एक पक्ष के राजनाथ सिंह और दूसरे पक्ष के सत्यनारायण सिंह के पुत्र राधेश्याम सिंह(30) की मौत हो गई। दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और फरार लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है। भोजपुर जिले के चरपोखरी थाना क्षेत्र के मदई गांव में जमीन विवाद को लेकर हुए दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दोनों पक्षों के आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। शुक्रवार की रात महज डेढ़ फीट जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। जबकि 11 लोग घायल हो गए थे। दोनों पक्ष से 36 लोगों पर केस दर्ज पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में एक पक्ष से लाल बाबू सिंह, अवधेश सिंह, राकेश कुमार और गोरखनाथ सिंह शामिल हैं। दूसरे पक्ष से जितेंद्र सिंह, हरेराम सिंह, सत्यनारायण सिंह एवं जलंधर सिंह की गिरफ्तारी हुई है। जितेंद्र सिंह और जलंधर सिंह आपस में सगे भाई हैं। मामले में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। एक पक्ष से लाल बाबू सिंह के बयान पर 20 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि दूसरे पक्ष से जलंधर सिंह के बयान पर 16 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है।
हिंसक झड़प में 2 लोगों की मौत शुक्रवार की रात मदई गांव में डेढ़ फीट जमीन के कब्जे को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ओर से लाठी-डंडे और लोहे के रॉड चलने लगे। मारपीट गांव से शुरू होकर चरपोखरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर तक पहुंच गई, जहां भी दोनों पक्ष भिड़ गए। इस हिंसक संघर्ष में एक पक्ष के राजनाथ सिंह और दूसरे पक्ष के सत्यनारायण सिंह के पुत्र राधेश्याम सिंह(30) की मौत हो गई। दोहरे हत्याकांड के बाद गांव में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और फरार लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई जारी है।


