Lucknow Division Petrol Diesel Price Hike: देशभर में पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की जेब पर एक बार फिर बड़ा असर डाला है। पिछले दस दिनों में चौथी बार पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे महंगाई को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है। तेल कंपनियों द्वारा जारी नई दरों के अनुसार पेट्रोल की कीमत में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में 2.71 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। राजधानी दिल्ली समेत देश के कई बड़े शहरों में पेट्रोल अब 100 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुका है, जबकि डीजल भी लगातार महंगा होता जा रहा है।
लगातार चौथी बार बढ़े दाम
ईंधन की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने आम जनता के बजट को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर सीधे पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर देखने को मिल रहा है। यही कारण है कि तेल कंपनियां लगातार दाम बढ़ा रही हैं। आम लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ते दामों से अब रोजमर्रा का खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है। खासकर मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर इसका सबसे ज्यादा असर दिखाई दे रहा है।

लखनऊ में भी बढ़ी महंगाई की मार
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यहां पेट्रोल 2.61 रुपये महंगा होकर 101.89 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है, जबकि डीजल 2.72 रुपये बढ़कर 95.36 रुपये प्रति लीटर हो गया है। लखनऊ के वाहन चालकों का कहना है कि लगातार बढ़ते फ्यूल प्राइस के कारण अब निजी वाहन चलाना काफी महंगा हो गया है। बाइक और कार से रोजाना ऑफिस आने-जाने वाले लोग अब खर्च कम करने के लिए सार्वजनिक परिवहन का सहारा लेने पर विचार कर रहे हैं। टैक्सी और ऑटो चालकों ने भी किराया बढ़ाने की मांग शुरू कर दी है।
आम जनता पर बढ़ा आर्थिक दबाव
लगातार चौथी बार हुए इजाफे के बाद आम लोगों की जेब पर महंगाई का असर और बढ़ गया है। राजधानी लखनऊ समेत मंडल के सभी जिलों में नई दरें लागू कर दी गई हैं। वाहन चालकों और रोजाना सफर करने वाले लोगों को अब ईंधन के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव हर क्षेत्र पर पड़ता है। परिवहन खर्च बढ़ने से खाने-पीने की चीजों, सब्जियों, दूध और रोजमर्रा के सामान की कीमतों में भी इजाफा होने लगता है।
व्यापारियों का कहना है कि ट्रांसपोर्ट महंगा होने से माल ढुलाई का खर्च बढ़ रहा है, जिसका असर बाजार में सामानों की कीमतों पर पड़ना तय है। आने वाले दिनों में महंगाई और बढ़ सकती है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ेंगी।
- 1 .लखनऊ
- लखनऊ में पेट्रोल ₹101.89 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर हो गया है।
- 2 .उन्नाव
- उन्नाव में पेट्रोल लगभग ₹101.72 प्रति लीटर और डीजल ₹95.18 प्रति लीटर पहुंच गया है।
- 3 .रायबरेली
- रायबरेली में पेट्रोल ₹102.14 प्रति लीटर और डीजल ₹95.61 प्रति लीटर बिक रहा है।
- 4 . सीतापुर
- सीतापुर में पेट्रोल ₹102.28 प्रति लीटर और डीजल ₹95.74 प्रति लीटर हो गया है।
- 5 . हरदोई
- हरदोई में पेट्रोल ₹101.95 प्रति लीटर और डीजल ₹95.43 प्रति लीटर दर्ज किया गया है।
- 6 .लखीमपुर खीरी
- लखीमपुर खीरी में पेट्रोल ₹102.36 प्रति लीटर और डीजल ₹95.82 प्रति लीटर पहुंच गया है।
मंडल के सभी जिलों में ईंधन की बढ़ती कीमतों से लोगों की चिंता बढ़ गई है। लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों का असर अब रोजमर्रा के खर्च और परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिखाई देने लगा है।
तेल कंपनियों ने क्या कहा
सरकारी तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के कारण घरेलू बाजार में दाम बढ़ाने पड़े हैं। वैश्विक परिस्थितियों, डॉलर की कीमत और अंतरराष्ट्रीय मांग का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ता है।
लोगों में बढ़ रही नाराजगी
लगातार बढ़ती कीमतों को लेकर लोगों में नाराजगी भी बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर लोग सरकार और तेल कंपनियों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि महंगाई पहले ही चरम पर है और अब पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों ने आर्थिक दबाव और बढ़ा दिया है।
आने वाले दिनों में और बढ़ सकती है महंगाई
सूत्रों का कहना है कि अगर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी रहती है तो इसका असर देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई दर पर साफ दिखाई देगा। परिवहन और उत्पादन लागत बढ़ने से रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं। फिलहाल आम जनता को राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि सरकार जल्द कोई बड़ा फैसला लेकर ईंधन की कीमतों में राहत दे सकती है, ताकि बढ़ती महंगाई से कुछ राहत मिल सके।


