CGST गाजियाबाद आयुक्तालय की एंटी इवेशन ब्रांच के अधिकारियों ने गोपनीय सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई की। साहिबाबाद के वृंदावन गार्डन स्थित एक आवासीय परिसर से अवैध रूप से संचालित की जा रही पान मसाला और चबाने वाले तंबाकू की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट का पर्दाफ़ाश किया है। यह पूरी फैक्ट्री बिना किसी अनिवार्य पंजीकरण के अवैध रूप से चलाई जा रही थी। जहां 2 आरोपियों को टीम ने अरेस्ट किया है। पान मसाना की मौके पर पेकिंग पकड़ी छापेमारी के दौरान, मौके पर CITI पान मसाला और “AJ-07” तंबाकू उत्पादों की पैकिंग में लगी दो पाउच-पैकिंग मशीनें और एक सीलिंग मशीन चालू हालत में पाई गईं। अधिकारियों ने मौके से भारी मात्रा में तैयार माल, कच्चा माल, पैकेजिंग सामग्री, मशीनरी और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं। इसके अलावा, परिसर से लगभग 20 लाख मूल्य के तंबाकू उत्पाद भी बरामद किए गए हैं। जांच में यह सामने आया है कि इस जगह से बिना किसी रजिस्ट्रेशन और बिना टैक्स चुकाए बड़े पैमाने पर पान मसाला और तंबाकू उत्पादों का अवैध निर्माण और उनकी सप्लाई की जा रही थी। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, यह पता लगा है कि इस पूरे रैकेट के जरिए 17.88 करोड़ से अधिक के राजस्व की चोरी की गई है। दोनों को न्यायिक हिरासत भेजा जबकि GST देनदारी का अंतिम मूल्यांकन होना अभी बाकी है। इस गंभीर वित्तीय अपराध के मद्देनजर, मुख्य आरोपी संचित सेठ और मोहसिन खान को गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। CGST की निवारक शाखा के एडिशनल कमिश्नर साहिल सेठ के अनुसार पान मसाला और तंबाकू क्षेत्रों में अवैध निर्माण और टैक्स चोरी के खिलाफ पूरी तरह से जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहा है। राजस्व को चूना लगाने वाले ऐसे तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी ऐसी ही सख्त और दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी। CGST की निवारक शाखा की एडिशनल कमिश्नर खुशबू ओबेरॉय ने कहा कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इस अवैध नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने और इसमें शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है, जिससे पूरे गैंग में शामिल सभी पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।


