खुले बिजली तारों से हादसे का खतरा, गेट से गार्ड गायब; रहवासी बोले- शिकायतों के बाद भी नहीं सुधरे हालात
ग्वालियर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जरूरतमंद लोगों को सस्ते दरों पर फ्लैट तो मिल गए, लेकिन इन आवासों में रहने वाले अब सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी से परेशान हैं। सागरताल के पास स्थित पीएम आवास फेस-1 में रहवासियों को रोजाना खुले बिजली तारों, अधूरी सुरक्षा व्यवस्था और अव्यवस्थित सुविधाओं के बीच रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और संबंधित ठेकेदार लापरवाही बरत रहे हैं।
रहवासियों के मुताबिक आवासीय परिसर में करीब 20 स्ट्रीट लाइट पोल लगे हैं, लेकिन कई खंभों के पास बिजली के तार खुले पड़े हुए हैं। यही स्थान बच्चों के खेलने का भी है, जिससे हर समय हादसे का डर बना रहता है। स्थानीय निवासी विकास सिंह तोमर ने बताया कि खुले तारों को लेकर कई बार लाइनमैन और संबंधित ठेकेदार को शिकायत दी गई, लेकिन आज तक सुधार नहीं हुआ। उनका कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और ज्यादा खतरनाक हो जाती है।
सुरक्षा व्यवस्था भी अधूरी
रहवासियों ने आवासीय योजना की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि नगर निगम की ओर से यहां छह सुरक्षा गार्ड तैनात किए जाने का प्रावधान है, लेकिन मौके पर केवल चार गार्ड ही ड्यूटी करते हैं। स्टाफ की कमी का हवाला देकर सुरक्षा व्यवस्था को नजरअंदाज किया जा रहा है।
सबसे गंभीर स्थिति गेट नंबर-2 की बताई जा रही है, जहां अधिकांश समय कोई गार्ड मौजूद नहीं रहता। इसकी वजह से बाहरी लोगों की आवाजाही बढ़ गई है और कई बार चोरी तथा अन्य घटनाएं भी हो चुकी हैं। रहवासियों का कहना है कि सुरक्षा के अभाव में महिलाएं और बच्चे खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।
बिजली कनेक्शन में भी गड़बड़ी के आरोप
आवासीय योजना में रहने वाले लोगों ने कुछ कर्मचारियों पर अनियमितता के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि किराए से रहने वालों को वैध विद्युत मीटर लगाने के बजाय कथित तौर पर ‘जुगाड़’ से बिजली उपलब्ध कराई जाती है। इसके बदले पैसे लेने की शिकायतें भी कई बार की गईं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
रहवासियों का कहना है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य लोगों को सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध कराना था, लेकिन यहां सुविधाओं और सुरक्षा के हालात चिंता बढ़ा रहे हैं। लोगों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि खुले बिजली तारों को तुरंत दुरुस्त कराया जाए, सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाई जाए और पूरे परिसर की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले व्यवस्था सुधारी जा सके।


