Who Is Abhijeet Dipke: आज के डिजिटल युग में सिस्टम से सवाल पूछने के लिए सड़कों पर उतरने की नहीं बल्कि, एक स्मार्ट स्ट्रैटेजी की जरूरत है। इस बात का सबसे बड़ा उदाहरण बने हैं 30 साल के युवा रणनीतिकार अभिजीत दिपके। हाल ही में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के एक कथित बयान को लेकर सोशल मीडिया पर काफी हंगामा हुआ था। इसी विवाद के बीच अभिजीत ने एक व्यंग्यात्मक (satirical) पार्टी कॉकरोच जनता पार्टी की शुरुआत की जिसने देखते ही देखते देश के युवाओं के बीच हलचल मचा दी है।
कौन हैं अभिजीत दिपके?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके एक पॉलिटिकल स्ट्रैटेजिस्ट हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इसके बाद वह 2020 से 2023 तक अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) की सोशल मीडिया और चुनाव प्रचार टीम का हिस्सा रहे। फिलहाल अभिजीत अमेरिका की बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में अपनी मास्टर डिग्री पूरी कर चुके हैं और नौकरी की तलाश कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि, अपनी निजी जिंदगी और आर्थिक मजबूती पर ध्यान देने के लिए उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ी थी।
पुणे से बोस्टन तक का सफर
अभिजीत दिपके मूल रूप से पुणे के रहने वाले हैं उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई और पत्रकारिता का कोर्स पुणे से ही किया। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका चले गए जहां उन्होंने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर डिग्री हासिल की। अपनी इसी शिक्षा और हुनर का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) नाम से एक व्यंग्यात्मक डिजिटल मूवमेंट खड़ा कर दिया है।
राजनीतिक और डिजिटल रणनीति का तालमेल
बोस्टन जाने से पहले अभिजीत को राजनीतिक प्रचार का भी अच्छा अनुभव था। साल 2020 से 2022 तक उन्होंने आम आदमी पार्टी के डिजिटल विंग के साथ काम किया था। दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं तक पहुंचने के लिए उन्होंने मीम और सोशल मीडिया ब्रॉडकास्ट की जो कला सीखी उसे उन्होंने अपनी विदेशी शिक्षा के साथ मिलाकर एक नया रूप दिया। यही वजह है कि, उनकी बनाई वेबसाइट आलसी और बेरोजगार युवाओं की आवाज देखते ही देखते इंटरनेट पर फैल गई।
क्यों बनाई कॉकरोच जनता पार्टी?
दरअसल कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने कहा था कि, “आजकल के युवा कॉकरोच की तरह हैं जिन्हें रोजगार नहीं मिलता…” हालांकि बाद में सीजेआई ने सफाई दी कि, उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया और उनका इशारा फर्जी डिग्री वाले लोगों की तरफ था न कि आम युवाओं की तरफ।
लेकिन सीजेआई का यह शब्द युवाओं को चुभ गया। अभिजीत दिपके ने इस पर गुस्सा जताने के बजाय इसे एक हथियार बना लिया और युवाओं की आवाज उठाने के लिए कॉकरोच जनता पार्टी बना डाली। वेबसाइट के म मुताबिक यह “आलसी और बेरोजगार युवाओं की आवाज” है। अब तक 1 लाख से ज्यादा लोग इस पार्टी से जुड़ चुके हैं और कई बड़े नेताओं ने भी इसका सपोर्ट किया है।

पार्टी के पांच बड़े वादे (घोषणापत्र)
- अगर सीजेपी सत्ता में आती है तो रिटायरमेंट के बाद किसी भी मुख्य न्यायाधीश को राज्यसभा की सीट नहीं दी जाएगी।
- अगर किसी भी राज्य में एक भी असली वोट काटा जाता है तो चुनाव आयोग पर आतंकी कानून (UAPA) के तहत कार्रवाई होगी।
- महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
- रसूखदार कारोबारियों के मीडिया चैनलों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
- जो नेता अपनी पार्टी बदलेगा वह 20 साल तक कोई चुनाव नहीं लड़ पाएगा।
पार्टी में शामिल होने की शर्तें
इस अनोखी पार्टी का हिस्सा बनने की शर्तें भी काफी दिलचस्प हैं:
- आपका बेरोजगार होना जरूरी है (चाहे मजबूरी से या अपनी मर्जी से)।
- शरीर से एकदम आलसी होना चाहिए लेकिन दिमाग लगातार चलना चाहिए।
- दिन के कम से कम 11 घंटे ऑनलाइन बिताना जरूरी है यहां तक कि बाथरूम में भी।
- तंज कसने और शिकायत करने में माहिर होना चाहिए।


