बिना किसी डर या दबाव के भरें टेंडर -SP:गोपालगंज में माफियाओं पर पुलिस का अलर्ट, असामाजिक तत्वों को चेतावनी

बिना किसी डर या दबाव के भरें टेंडर -SP:गोपालगंज में माफियाओं पर पुलिस का अलर्ट, असामाजिक तत्वों को चेतावनी

गोपालगंज में सरकारी विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने और ठेकेदारी व्यवस्था को भयमुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस कप्तान विनय तिवारी ने जिले के टेंडर माफियाओं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ एक बड़ी मुहिम शुरू की है। एसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब सरकारी निविदा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, वर्चस्व की लड़ाई या आपसी ‘मैनेज’ करने का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम ठेकेदारों को बिना किसी डर के काम करने का माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। रंगदारी और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ने साफ किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति वैध ठेकेदारों को डराने-धमकाने, निविदा डालने से रोकने या रंगदारी मांगने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ तत्काल रंगदारी और आर्म्स एक्ट के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ जिला बदर (सीसीए) और गैंगस्टर एक्ट जैसी धाराओं के तहत भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसका लक्ष्य विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकना है। सरकारी टेंडर में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं प्रशासन की इस पहल से गोपालगंज के संवेदकों में सुरक्षा का भाव जागा है। एसपी विनय तिवारी ने सभी वैध ठेकेदारों को भरोसा दिलाया है कि वे बिना किसी डर या दबाव के अपनी निविदाएं भरें और विकास कार्यों को पूरा करें। पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तत्पर है। इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस ने तकनीकी विभागों के कार्यालयों और अन्य संवेदनशील टेंडर स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है। टेंडर प्रक्रिया के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। कार्यालयों के आसपास लगे कैमरों के जरिए उपद्रवियों और दलालों की पहचान की जा रही है। टेंडर माफियाओं के सिंडिकेट में हड़कंप गोपालगंज पुलिस की इस सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं को समय पर, बिना किसी भ्रष्टाचार या रुकावट के पूरा कराना है। इस कदम से न केवल टेंडर माफियाओं के सिंडिकेट में हड़कंप मचा है, बल्कि आम जनता में भी प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। एसपी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व और टेंडर माफिया सक्रिय होकर लाइसेंसधारी संवेदकों को डरा-धमकाकर या उन पर दबाव बनाकर टेंडर प्रक्रिया से जबरन अलग करने की कोशिश करते हैं। इनका मकसद दूसरों को रेस से बाहर कर अपने करीबियों को नाजायज लाभ पहुंचाना होता है। माफियाओं को चिन्हित करने का अभियान शुरू
पुलिस कप्तान ने खुलासा किया कि ऐसे कुछ टेंडर माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है।ठेकेदारों के मन से डर निकालने के लिए एसपी ने एक बड़ा भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि कोई संवेदक किसी धमकी या रंगदारी की शिकायत पुलिस से करता है। तो शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह से गुप्त (गोपनीय) रखा जाएगा।उन्होंने सभी संवेदकों से अपील की है कि वे बिना किसी खौफ के सरकारी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लें और विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं। गोपालगंज में सरकारी विकास कार्यों में पारदर्शिता लाने और ठेकेदारी व्यवस्था को भयमुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस कप्तान विनय तिवारी ने जिले के टेंडर माफियाओं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ एक बड़ी मुहिम शुरू की है। एसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अब सरकारी निविदा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, वर्चस्व की लड़ाई या आपसी ‘मैनेज’ करने का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम ठेकेदारों को बिना किसी डर के काम करने का माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। रंगदारी और आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ने साफ किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति वैध ठेकेदारों को डराने-धमकाने, निविदा डालने से रोकने या रंगदारी मांगने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ तत्काल रंगदारी और आर्म्स एक्ट के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ जिला बदर (सीसीए) और गैंगस्टर एक्ट जैसी धाराओं के तहत भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इसका लक्ष्य विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकना है। सरकारी टेंडर में गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं प्रशासन की इस पहल से गोपालगंज के संवेदकों में सुरक्षा का भाव जागा है। एसपी विनय तिवारी ने सभी वैध ठेकेदारों को भरोसा दिलाया है कि वे बिना किसी डर या दबाव के अपनी निविदाएं भरें और विकास कार्यों को पूरा करें। पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह तत्पर है। इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुलिस ने तकनीकी विभागों के कार्यालयों और अन्य संवेदनशील टेंडर स्थलों पर निगरानी बढ़ा दी है। टेंडर प्रक्रिया के दौरान संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सादे कपड़ों में पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। कार्यालयों के आसपास लगे कैमरों के जरिए उपद्रवियों और दलालों की पहचान की जा रही है। टेंडर माफियाओं के सिंडिकेट में हड़कंप गोपालगंज पुलिस की इस सख्त कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही बुनियादी ढांचे और विकास योजनाओं को समय पर, बिना किसी भ्रष्टाचार या रुकावट के पूरा कराना है। इस कदम से न केवल टेंडर माफियाओं के सिंडिकेट में हड़कंप मचा है, बल्कि आम जनता में भी प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। एसपी ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व और टेंडर माफिया सक्रिय होकर लाइसेंसधारी संवेदकों को डरा-धमकाकर या उन पर दबाव बनाकर टेंडर प्रक्रिया से जबरन अलग करने की कोशिश करते हैं। इनका मकसद दूसरों को रेस से बाहर कर अपने करीबियों को नाजायज लाभ पहुंचाना होता है। माफियाओं को चिन्हित करने का अभियान शुरू
पुलिस कप्तान ने खुलासा किया कि ऐसे कुछ टेंडर माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ गोपनीय जांच शुरू कर दी गई है।ठेकेदारों के मन से डर निकालने के लिए एसपी ने एक बड़ा भरोसा दिलाते हुए कहा कि यदि कोई संवेदक किसी धमकी या रंगदारी की शिकायत पुलिस से करता है। तो शिकायत करने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह से गुप्त (गोपनीय) रखा जाएगा।उन्होंने सभी संवेदकों से अपील की है कि वे बिना किसी खौफ के सरकारी टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा लें और विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं।  

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