सहारनपुर कलक्ट्रेट में जनगणना-2026 की ड्यूटी को लेकर मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी महासभा के पदाधिकारियों और कार्यकत्रियों ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर मांग की कि उनकी ड्यूटी उनके स्थानीय क्षेत्रों में ही लगाई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे जनगणना कार्य में सहयोग नहीं करेंगी। कार्यकत्रियों ने बताया कि जनगणना-2026 का कार्य शुरू होने वाला है, जिसमें शिक्षकों के साथ उन्हें भी सर्वे ड्यूटी में लगाया गया है। हालांकि, कई कार्यकत्रियों की ड्यूटी उनके घर से 15 से 40 किलोमीटर दूर निर्धारित की गई है, जिससे उन्हें कार्य करने में गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कार्यकत्रियों का कहना है कि वे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में काम करती हैं, लेकिन जिस क्षेत्र से वे परिचित नहीं हैं, वहां सर्वे करना न केवल कठिन है बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने यह भी बताया कि पूर्व में बीएलओ और पल्स पोलियो अभियान के दौरान ऐसी परिस्थितियों में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे उनकी चिंता बढ़ गई है। आने-जाने में समय और धन दोनों की समस्या आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने मांग की है कि उनकी ड्यूटी उन्हीं क्षेत्रों में लगाई जाए जहां आंगनबाड़ी केंद्र पहले से स्थापित हैं। इससे वे अपने परिचित वातावरण में बेहतर तरीके से कार्य कर सकेंगी। महिलाओं ने यह भी कहा कि गांव से दूर ड्यूटी लगने के कारण उन्हें आने-जाने में समय और धन दोनों की समस्या हो रही है। महिला कार्यकत्रियों ने सवाल उठाया कि विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ होने के बावजूद दूर-दराज के क्षेत्रों में ड्यूटी क्यों लगाई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे जनगणना कार्य में सहयोग करने में असमर्थ रहेंगी। कार्यकत्रियों ने अपनी व्यक्तिगत कठिनाइयां भी बताईं, जैसे छोटे बच्चे और पारिवारिक जिम्मेदारियां। ऐसे में दूरस्थ क्षेत्रों में कार्य करना उनके लिए व्यावहारिक रूप से कठिन है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि जल्द से जल्द ड्यूटी का पुनः निर्धारण कर स्थानीय स्तर पर ही जिम्मेदारी दी जाए, ताकि जनगणना कार्य सुचारु रूप से संपन्न हो सके। इस मौके पर कई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपनी समस्याएं भी साझा कीं और प्रशासन से संवेदनशीलता के साथ निर्णय लेने की मांग की। ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब सभी की नजर जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।


