पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के कप्तान रुतुराज गायकवाड़ का समर्थन करते हुए कहा कि महेंद्र सिंह धोनी के कप्तानी छोड़ने के बाद आईपीएल की यह टीम स्पष्ट रूप से बदलाव के दौर से गुजर रही है।
गायकवाड़ ने 2024 में सीएसके की कप्तानी संभाली थी और अश्विन ने कहा कि आईपीएल जैसे दबाव वाले टूर्नामेंट में किसी टीम का नेतृत्व करना आसान नहीं है।
उन्होंने गायकवाड की कप्तानी को लेकर धैर्य बनाए रखने की भी अपील की।
अश्विन ने जिओ हॉटस्टार से कहा, ‘‘कप्तानी की अतिरिक्त जिम्मेदारी का असर रुतुराज गायकवाड़ की बल्लेबाजी पर पड़ा है। टी20 क्रिकेट पहले से ही चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में सीएसके जैसी फ्रेंचाइजी की उम्मीदों का बोझ उठाना किसी भी खिलाड़ी पर काफी असर डाल सकता है।’’
सीएसके को मंगलवार को सनराइजर्स हैदराबाद से पांच विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा, जिससे प्लेऑफ में पहुंचने की उसकी उम्मीदें लगभग खत्म हो गई हैं।
अश्विन ने कहा, ‘‘धोनी का युग समाप्त होने के बाद चेन्नई सुपर किंग्स स्पष्ट रूप से बदलाव के दौर से गुजर रही है। फ्रेंचाइजी से जुड़े सभी लोगों, प्रशंसकों, हितधारकों और टीम के लिए यह जानना जरूरी है कि नए सिरे से टीम को तैयार करने में समय लगता है।’’
उन्होंने पांच बार की चैंपियन सीएसके की विरासत का हवाला देते हुए कहा, ‘‘सीएसके की विरासत शानदार रही है जिसके कारण उससे काफी अपेक्षा की जाती है लेकिन वर्तमान टीम को आगे बढ़ने के लिए समय देना जरूरी है।’’
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान आरोन फिंच ने रुतुराज की कप्तानी का आकलन करते समय संयम बरतने की अपील की और कहा कि कप्तानी की जिम्मेदारियों से स्वाभाविक रूप से किसी भी खिलाड़ी पर दबाव पड़ता है।
फिंच ने कहा, ‘‘किसी भी खिलाड़ी या कप्तान का मूल्यांकन एक सत्र के आधार पर नहीं किया जाना चाहिए। टी20 क्रिकेट बेहद चुनौतीपूर्ण और अप्रत्याशिम परिणाम देने वाला प्रारूप है। कप्तान के रूप में रुतुराज गायकवाड़ ने अच्छे फैसले किए हैं और उन्होंने धैर्य भी दिखाया है। उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण अपनी बल्लेबाजी की लय को फिर से हासिल करना है।’’
इस बीच सनराइजर्स के गेंदबाजी कोच वरुण आरोन ने तेज गेंदबाज प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन की जमकर तारीफ की।
वरुण ने कहा, ‘‘इसका बहुत सारा श्रेय प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन को जाता है क्योंकि दोनों में ही सीखने की ललक है। उन्होंने भारत के लिए खेलने का पक्का इरादा कर लिया है। जब युवा खिलाड़ियों में इस तरह की महत्वाकांक्षा होती है तो उनका समर्पण और कड़ी मेहनत स्वाभाविक रूप से सामने आ जाती है।


